करार लिरिक्स (Qaraar Lyrics in Hindi) – Kavita Seth, Kanishk Seth

करार के गहरे भावुक बोल – Kavita Seth और Kanishk Seth की सूफी-फ्यूज आवाज़ों में प्यार का सुकून और बेचैनी। करार देके मुझे और बेकरार किया – प्रेम की पीड़ा और यादों की मिठास। पढ़ें पूरे लिरिक्स और महसूस करें।

Qaraar Song Poster from Kanishk Seth

Qaraar Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (करार)

करार दे के मुझे और बेकरार किया, 
करार दे के मुझे और बेकरार किया। 

ये आज तुमने मुझे किस तरह से प्यार किया, 
करार दे के मुझे और बेकरार किया। 

वो एक शख़्स जिसे मेरी आरज़ू ही न थी, 
वो एक शख़्स जिसे मेरी आरज़ू ही न थी, 

उसी का ज़िक्र मगर मैंने बार-बार किया, 
उसी का ज़िक्र मगर मैंने बार-बार किया। 

ये आज तुमने मुझे किस तरह से प्यार किया, 
करार दे के मुझे और बेकरार किया। 

वो एक रात मुझे जिसमें नींद आ जाती, 
वो एक रात मुझे जिसमें नींद आ जाती, 
वो एक रात मुझे जिसमें नींद आ जाती। 

तमाम उम्र उसी शब का इंतज़ार किया, 
तमाम उम्र उसी शब का इंतज़ार किया। 

ये आज तुमने मुझे किस तरह से प्यार किया, 
करार दे के मुझे और बेकरार किया।

👉 In Romanized - Qaraar Lyrics

गीतकार: दीप्ति मिश्रा


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About Qaraar (करार) Song

यह गीत "करार" (Qaraar) है, जिसे कविता सेठ (Kavita Seth) और कनिष्क सेठ (Kanishk Seth) ने गाया है। इस गीत की संगीत रचना भी कविता सेठ ने की है, और संगीत निर्माण (Music Production) कनिष्क सेठ का है। गीत के बोल दीप्ति मिश्रा (Dipti Misra) ने लिखे हैं, और अतिरिक्त गायन (Additional Vocals) देवश्री मनोहर (Devashri Manohar) ने किया है। यह गीत कनिष्क सेठ (Kanishk Seth) के अपने म्यूजिक लेबल (Music Label) पर रिलीज़ हुआ है।

इस गीत में एक गहरा प्रेम और विरह का भाव है। गीत के बोल कहते हैं, "करार दे के मुझे और बेकरार किया" - यानी जिसने मुझे सुकून दिया, उसने मुझे और बेचैन कर दिया। यह एक ऐसे इंसान की याद है, जिसे पहले उसकी कोई ख्वाहिश नहीं थी, लेकिन फिर भी वह उसी का ज़िक्र बार-बार करता है। गीत में एक रात का ज़िक्र है जिसमें नींद आ जाती थी, और फिर पूरी उम्र उसी रात का इंतज़ार किया गया। यह गीत प्रेम की पीड़ा, यादों की मिठास और बेचैनी को बहुत खूबसूरती से दर्शाता है।

अगर आप इस गीत को समझना चाहते हैं, तो यह सीधे-सादे शब्दों में कहता है: प्यार में कभी-कभी सुकून भी मिलता है और बेचैनी भी। "करार" (Qaraar) शब्द का मतलब है सुकून या ठहराव, और "बेकरार" का मतलब है बेचैन। इस गीत में यही उलटा-फेरा (paradox) दिखाया गया है - जो सुकून देता है, वही बेचैन भी कर देता है। यह एक सुंदर, भावुक और गहरा गीत है, जो हर उस शख्स को याद दिलाता है जिसने प्यार में कभी सुकून और बेचैनी दोनों को महसूस किया हो।