अली मौला लिरिक्स (Ali Maula Lyrics in Hindi) – Salman Ali | SALMAN ALI OFFICIAL

अली मौला के सूफी भक्ति बोल – Salman Ali की आवाज़ में Hazrat Ali के प्रति प्रेम और समर्पण। तू मेरी आँखों का नूर, तू मेरे जीने का गुरूर। पढ़ें लिरिक्स।

Ali Maula Song Poster from SALMAN ALI OFFICIAL

Ali Maula Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (अली मौला)

अली मौला, अली मौला,
मौला... मौला....

तू मेरी आँखों का है नूर,
तू मेरे जीने का गुरूर।
तुझे ही दिल में बसाया है,
हाँ हर पल दिल में बसाया है।

सर पे मेरे तेरा ही साया है,
हाँ हर पल तेरा ही साया है।

अली मौला, अली मौला, अली मौला
अली मौला, अली मौला, अली मौला
अली मौला, अली मौला, अली मौला
अली मौला, अली मौला, अली मौला

मेरे दिल में है तू,
मेरी धड़कन में तू,
मुझे और गवारा कोई नहीं।
मेरी राहें भी रौशन तुझसे, ख़ुदा,
मेरा और सहारा कोई नहीं।

तेरे दर को जो चूम के आए हवा
तेरे दर को जो चूम के आए हवा
उन हवाओं से प्यारा और नहीं।

ना फिर माँगूँ कुछ और... मौला...

ना फिर माँगूँ कुछ और,
ना अब चाहूँ कुछ और।
ज़ेहन में तू ही तू छाया है,
हाँ हर पल तू ही तू छाया है।

सर पे मेरे तेरा ही साया है,
हाँ हर पल तेरा ही साया है।
अली मौला, अली मौला, अली मौला
अली मौला, अली मौला, अली मौला

तेरी रहमत का साया न मिलता अगर,
मैं एक क़दम भी न चल पाता।
तूने थामा न होता जो हाथ मेरा,
मेरे मौला मैं कैसे संभल पाता।

कोई तुझसा नहीं, तू ही है अफ़ज़ल
कोई तुझसा नहीं, तू ही है अफ़ज़ल
मेरे मौला मैं कैसे समझ पाता।

ना फिर माँगूँ कुछ और... मौला...
ना फिर माँगूँ कुछ और,
ना अब चाहूँ कुछ और।

अली का तू सरमाया है,
हाँ मेरा तू सरमाया है।
सर पे मेरे तेरा ही साया है,
हाँ हर पल तेरा ही साया है।
अली मौला, अली मौला, अली मौला
अली मौला, अली मौला, अली मौला...!

👉 In Romanized - Ali Maula Lyrics

गीतकार: अफ़ज़ल अहमद


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About Ali Maula (अली मौला) Song

यह गाना "अली मौला" है, जिसे Salman Ali ने अपनी आवाज़ दी है, Lyrics और Composition Afzal Ahmad ने लिखे और बनाए हैं। Music Video में Salman Ali के साथ Srishti Sejwal भी नज़र आती हैं, और ये गाना Sufi Music label के तहत रिलीज़ हुआ है। ये एक सूफी-प्रेरित devotional गीत है, जो अली (Hazrat Ali) के प्रति प्रेम, श्रद्धा और समर्पण को दर्शाता है। इसमें बार-बार "अली मौला" का उच्चारण किया गया है, जो एक प्रार्थना और याद की तरह है - ये शब्द दिल को छूने वाले हैं और भक्ति का अहसास कराते हैं।

पहले भाग में गीत कहता है कि "तू मेरी आँखों का नूर है, तू मेरे जीने का गुरूर है" - यानी अली उनकी ज़िंदगी की रोशनी और गर्व हैं। वो कहते हैं कि उन्होंने अली को अपने दिल में बसा लिया है, हर पल उनका ही साया उनके सर पर है। दूसरे भाग में वो ये बताते हैं कि उनके दिल और धड़कन में सिर्फ अली हैं, उन्हें और कुछ नहीं चाहिए। उनकी राहें भी अली से रौशन हैं, और कोई और सहारा नहीं चाहिए। यहाँ एक खूबसूरत लाइन है "तेरे दर को जो चूम के आए हवा, उन हवाओं से प्यारा और नहीं", जो दिखाती है कि अली के दर की हवा भी कितनी पवित्र और प्यारी है।

तीसरे हिस्से में गीत और गहरा हो जाता है - वो कहते हैं कि अगर अली की रहमत का साया न होता तो वो एक क़दम भी न चल पाते। अली ने ही उनका हाथ थामा और उन्हें संभाला। वो ये भी कहते हैं कि "कोई तुझसा नहीं, तू ही है अफ़ज़ल" - यानी कोई अली जैसा नहीं, वो ही सबसे श्रेष्ठ हैं। गाने के अंत में वो कहते हैं कि "अली का तू सरमाया है" यानी अली ही उनकी असली पूंजी और धन हैं। ये गाना एक तरह से अली के प्रति पूर्ण समर्पण और प्रेम का इज़हार है, जिसे कोई भी सुनकर शांति और सुकून महसूस करेगा।