ईद मुबारक लिरिक्स (Eid Mubarak Lyrics in Hindi) – Salman Ali | SALMAN ALI OFFICIAL

ईद मुबारक के खुशियों भरे बोल – Salman Ali की मीठी आवाज़। रमज़ान की रहमतें, ईद की रौनक, चाँद की रोशनी। मुबारक हो ईद – पढ़ें पूरे लिरिक्स।

Eid Mubarak Song Poster from SALMAN ALI OFFICIAL

Eid Mubarak Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (ईद मुबारक)

दिन ये खुशियों का मिलके मनाएँ सभी,
रहमतों से सजा है समाँ।
नेमतों की हुई आज बरसात है,
हुए रोशन ज़मीं-आसमान।

रोज़ेदारों को ये रब का इनाम है,
दिन हमारा ये मेहमान है।

मुबारक ईद मुबारक,
मुबारक ईद मुबारक,
मुबारक ईद मुबारक
हो मुबारक ईद मुबारक।

सदका-ए-मुस्तफ़ा अर्ज़ियाँ मान ले,
हमने माँगा है जो, वो अता बख्श दे।

माह-ए-रमज़ान में दी जो कुर्बानियाँ,
हम गुनाहगारों को तू जज़ा बख्श दे।
हम गुनाहगारों को तू जज़ा बख्श दे।

सबकी सुनता है तू, ये मेरा मान है,
दिन हमारा ये मेहमान है।
मुबारक ईद मुबारक,
मुबारक ईद मुबारक,
मुबारक ईद मुबारक
हो मुबारक ईद मुबारक।

हर तरफ छा गई नूर की रोशनी,
जब ख़बर आई कि चाँद की रात है।

हर तरफ ही मोहब्बत का पैग़ाम है,
चेहरे रोशन है जैसे कि बारात है,
चेहरे रोशन हैं जैसे कि बारात है।

शुक्र कैसे करूँ तेरा एहसान है,
दिन हमारा ये मेहमान है।
मुबारक ईद मुबारक,
मुबारक ईद मुबारक,
मुबारक ईद मुबारक
हो मुबारक ईद मुबारक।

👉 In Romanized - Eid Mubarak Lyrics

गीतकार: सुरवीन कौर, शान अली


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About Eid Mubarak (ईद मुबारक) Song

यहाँ पर हम बात कर रहे हैं गाने "ईद मुबारक" (Eid Mubarak) की, जिसे सलमान अली (Salman Ali) ने गाया है। इस गाने के बोल सुरवीन कौर (Surveen Kaur) और शान अली (Shaan Ali) ने लिखे हैं, जबकि म्यूज़िक कासिम खान (Qasim Khan) और ताबिश तफू (Tabish Tafu) ने दिया है। इस ट्रैक को प्रोड्यूस किया है रुकशर अली (Rukshar Ali) ने और यह सलमान अली ऑफिशियल (Salman Ali Official) लेबल के तहत रिलीज़ हुआ है।

गाने के बोल ईद की खुशियों और रहमतों को बयान करते हैं, जैसे "दिन ये खुशियों का मिलके मनाएँ सभी" और "रहमतों से सजा है समाँ"। यह रमज़ान के बाद आने वाली ईद के मौके पर अल्लाह की नेमतों और बरकतों का शुक्रिया अदा करता है। "रोज़ेदारों को ये रब का इनाम है" लाइन से पता चलता है कि यह गाना रोज़ा रखने वालों के लिए खास है, और "मुबारक ईद मुबारक" का रिपीट होने वाला कोरस इसे एक उत्सवी और मासूमियत भरा अंदाज़ देता है।

गाने में आगे "सदका-ए-मुस्तफ़ा अर्ज़ियाँ मान ले" और "माह-ए-रमज़ान में दी जो कुर्बानियाँ" जैसी लाइनें आती हैं, जो धार्मिक भावनाओं को दर्शाती हैं। यह ईद के दिन चाँद की रात (चाँद की रात) की रोशनी और मोहब्बत के पैग़ाम को भी सेलिब्रेट करता है, जैसे "हर तरफ छा गई नूर की रोशनी" और "चेहरे रोशन है जैसे कि बारात है"। पूरा गाना एक प्रार्थना और शुक्रिया की तरह है, जहाँ "शुक्र कैसे करूँ तेरा एहसान है" कहकर अल्लाह का शुक्र अदा किया गया है। यह गाना ईद के मौके पर परिवार और दोस्तों के साथ सुनने के लिए परफेक्ट है।