कोई मिल गया आप को लिरिक्स (Koi Mil Gya Aap Ko Lyrics in Hindi) – Salman Ali | SALMAN ALI OFFICIAL

कोई मिल गया आप को के भावुक बोल – Salman Ali की आवाज़ में टूटे दिल की कहानी। हमसे अच्छा कोई मिल गया? अब किसी से मोहब्बत नहीं करेंगे – पढ़ें।

Koi Mil Gya Aap Ko Song Poster from SALMAN ALI OFFICIAL

Koi Mil Gya Aap Ko Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (कोई मिल गया आप को)

रोज़ सँवर के कहाँ जाते हो शाम को, 
रोज़ सँवर के कहाँ जाते हो शाम को, 
हमसे अच्छा कोई मिल गया आपको, 
हमसे अच्छा कोई मिल गया आपको। 

रात भर होती है क्या उनसे भी ये बातें, 
रात भर होती है क्या उनसे भी ये बातें, 
सारे अधूरे रह जाएंगे कसमें और वादे, 
सारे अधूरे रह जाएंगे कसमें और वादे। 

किसी की ज़िंदगी और जला रहे हो, 
किसके घर का चिराग बुझा रहे हो। 

गले लगा लेते अकेले में शराब को, 
गले लगा लेते अकेले में शराब को। 
हमसे अच्छा कोई मिल गया आपको, 
हमसे अच्छा कोई मिल गया आपको। 

आशिकी में आपके मिज़ाज बदल गए, 
शुक्र है वक्त रहते हम संभल गए। 
ना फिर कभी किसी से मोहब्बत करेंगे, 
ना ही बेवजह अजनबियों पे मरेंगे। 

उतार दो चेहरे से अब अपने नक़ाब को, 
उतार दो चेहरे से अब अपने नक़ाब को। 
हमसे अच्छा कोई मिल गया आपको, 
हमसे अच्छा कोई मिल गया आपको।

👉 In Romanized - Koi Mil Gya Aap Ko Lyrics

गीतकार: जय कुमावत


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About Koi Mil Gya Aap Ko (कोई मिल गया आप को) Song

यह गीत "Koi Mil Gya Aap Ko" है, जिसे Salman Ali ने गाया है और इसके बोल Jay Kumawat ने लिखे हैं। Music Afzal Ali Khan ने दी है और Music Video में Salman Ali, Diya Bhat, Arif Al Hasan और Honey नजर आ रहे हैं। इस गाने को Producer Rukhsar Ali ने बनाया है और यह Salman Ali Official लेबल के तहत रिलीज़ हुआ है।

गाने की शुरुआत में यह पूछा गया है कि "रोज़ सँवर के कहाँ जाते हो शाम को", यानी हर शाम तैयार होकर कहाँ जा रहे हो। फिर यह सवाल उठता है कि "हमसे अच्छा कोई मिल गया आपको", मतलब क्या हमसे बेहतर कोई आपको मिल गया? आगे के बोलों में यह कहा गया है कि "रात भर होती है क्या उनसे भी ये बातें", यानी क्या उनसे भी रात भर वही बातें होती हैं जो हमसे होती थीं? और यह भी कहा गया है कि "सारे अधूरे रह जाएंगे कसमें और वादे", यानी जो वादे और कसमें थीं वो सब अधूरी रह जाएंगी।

गाने के बीच में यह भी बताया गया है कि "किसी की ज़िंदगी और जला रहे हो, किसके घर का चिराग बुझा रहे हो", यानी तुम किसी और की ज़िंदगी को जला रहे हो और किसी के घर की रोशनी बुझा रहे हो। फिर यह कहा गया है कि "गले लगा लेते अकेले में शराब को", यानी अकेले में तुम शराब को गले लगाते हो। और आखिर में यह स्वीकारोक्ति है कि "आशिकी में आपके मिज़ाज बदल गए, शुक्र है वक्त रहते हम संभल गए", यानी प्यार में आपका स्वभाव बदल गया, अच्छा हुआ कि हम समय रहते संभल गए। और अंत में यह फैसला है कि "ना फिर कभी किसी से मोहब्बत करेंगे, ना ही बेवजह अजनबियों पे मरेंगे", यानी अब हम किसी से प्यार नहीं करेंगे और न ही बिना वजह अजनबियों पर मरेंगे। गाने का यह भावनात्मक सफर एक टूटे हुए दिल की कहानी को बयां करता है।