खाटू श्याम का जन्मदिन के लिरिक्स | बाबा श्याम के जन्मोत्सव पर समर्पित भक्ति गीत। हन्सराज राघुवंशी की भावपूर्ण आवाज़। भक्त की पूर्ण समर्पण भावना को दर्शाते बोल।
Khatu Shyam Ka Janamdin Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (खाटू श्याम का जन्मदिन)
तेरा जन्मदिन बाबा आया
खुशियों की सौग़ात है लाया
तेरा जन्मदिन श्यामा आया
खुशियों से उपहार मैं लाया
मैं भी हूँ तेरे दर आया...
बाबा.. मैं भी तेरे दर खाटू आया
श्यामा.. मैं भी तेरे दर खाटू आया
मैं भी तेरे दर पे हूँ आया..
नीले घोड़े पे बैठ के श्यामा
घर मेरे कभी मिलने आना
मोरछड़ी मेरे सर पर रखना
मुझको समझना अपना सुदामा
ऐसी माया कहीं न देखी,
कैसा तीर चलाते हो
हार गया जो सारे जगत से,
उसको तुम ही जिताते हो
मुझको मिली रे तेरी छाया,
मैं भी रे दौड़ा चला आया
बाबा.. मैं भी तेरे दर खाटू आया
श्यामा.. मैं भी तेरे दर खाटू आया
तू है तो मैं हूँ,
मेरा कुछ भी नहीं है
तू है तो मैं हूँ,
मेरा कुछ भी नहीं है
जो कुछ है मेरा,
वो सब तुझसे तो ही है
दुनिया से क्या लेना-देना,
मेरी मंज़िल बस तू ही
तेरी शरण में जब से आया,
बदल मेरी तक़दीर गई
दुनिया से क्या लेना-देना,
मेरी मंज़िल बस तू ही
तेरी शरण में जब से आया,
बदल मेरी तक़दीर गई
मुझको जब-जब आते हैं आँसू
चल के आता हूँ दर तेरे खाटू
तेरी गली में प्रीत जो लागी
हो जाता मुझ पे कोई जादू
बैठ के बातें करने आया...
बाबा.. मैं भी तेरे दर खाटू आया
श्यामा.. मैं भी तेरे दर खाटू आया
मैं भी तेरे दर पे हूँ आया...
उसके शीश में किसी तरह का
दुख न फिर बचेगा
जिसका शीश, शीश के दानी
के दर जा के झुकेगा
जय-जय खाटू श्याम...!
गीतकार: हंसराज रघुवंशी, कबीर शुक्ला
About Khatu Shyam Ka Janamdin (खाटू श्याम का जन्मदिन) Song
यह गाना "Khatu Shyam Ka Janamdin" है, जो भगवान खाटू श्याम के जन्मदिन के उत्सव को समर्पित है, इसमें Singer Hansraj Raghuwanshi ने अपनी आवाज़ दी है, Music DJ Strings ने दिया है, और Lyrics Hansraj Raghuwanshi व Kabeer Shukla ने लिखे हैं, यह गाना भक्ति भावना से भरा हुआ है, जहाँ भक्त अपने बाबा खाटू श्याम के दरबार में उनके जन्मदिन पर पहुँचने की खुशी जता रहा है, गाने की शुरुआत में ही भक्त कहता है कि "तेरा जन्मदिन बाबा आया, खुशियों की सौग़ात है लाया", यानी भगवान का जन्मदिन खुशियाँ लेकर आया है, और भक्त भी उनके दरबार में पहुँच गया है।
गाने के बोल में भक्त खाटू श्याम से अपने घर आने की प्रार्थना करता है, और कहता है कि "नीले घोड़े पे बैठ के श्यामा, घर मेरे कभी मिलने आना", साथ ही वह अपने आप को भगवान का सुदामा मानता है, और उनकी कृपा चाहता है, फिर गाने में भक्त भगवान की महिमा बताता है कि "हार गया जो सारे जगत से, उसको तुम ही जिताते हो", यानी जो दुनिया से हार गया है, उसे भगवान ही जिताते हैं, और भक्त कहता है कि भगवान की छाया पाकर वह उनके दरबार में दौड़ा चला आया।
आखिरी भाग में भक्त अपनी पूर्ण समर्पण भावना दिखाता है, वह कहता है "तू है तो मैं हूँ, मेरा कुछ भी नहीं है", यानी भगवान के बिना उसका अपना कुछ अस्तित्व नहीं है, भक्त मानता है कि भगवान की शरण में आने से उसकी तकदीर बदल गई है, और दुनिया से उसका कोई लेना-देना नहीं रहा, गाना "जय-जय खाटू श्याम" के उद्घोष के साथ समाप्त होता है, जो भक्ति और उत्साह का संदेश देता है।