सिया राम की जोड़ी के बोल | राम-सीता के पावन विवाह का मनोहर वर्णन करता भक्ति गीत। हन्सराज राघुवंशी व अनुष्का भारद्वाज की आवाज़। एक बेटी के विदाई के भाव भी।
Siya Ram Ki Jodi Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (सिया राम की जोड़ी)
रामचंद्र की अयोध्या से बारात चली
उन संग जो जनकपुर के आंगन में पली
तीनों लोक के आए हैं स्वामी
माँ जानकी को बिहाने
शर्माते हुए दासियों को
वो बात लगी है सुनाने
ओ अंगना में राजा जनक के
शहनाई है बजी
सियाराम की जोड़ी सजी
सियाराम की जोड़ी सजी
ओ अंगना में राजा जनक के
शहनाई है बजी
सियाराम की जोड़ी सजी
सियाराम की जोड़ी सजी
आज रघुकुल आया है
अंगना में बजा दो साज
भाग्य खुलेंगे अंगना के
बस देखो आज के आज
आज रघुकुल आया है
अंगना में बजा दो साज
भाग्य खुलेंगे अंगना के
बस देखो आज के आज
चरणों में उनके रहूँगी सदा मैं
चरणों के उनकी माटी बनके
प्रेम रहेगा अब मोरा मन में
दूर हो जाएँगे भरम उनके
एक नहीं सातों मैं जन्म
बस तोहरे रहूँगी साथ
मैं तो नहीं छोड़ूँगी
बस ना छोड़ना आप ये हाथ
ओ अंगना में राजा जनक के
शहनाई है बजी
सियाराम की जोड़ी सजी
सियाराम की जोड़ी सजी
ओ अंगना में राजा जनक के
शहनाई है बजी
सियाराम की जोड़ी सजी
सियाराम की जोड़ी सजी
बाबुल तेरा अंगना..
छोड़ पिया के घर चली
(मोरे बाबुल...)
बाबुल तेरा अंगना, आज से मैं तो
छोड़ पिया के घर चली, (घर चली)
बीता बचपन, कैसे भूल जाउँ?
महलों में तेरे थी पली
साथ हमारा बस यही तक था
तेरा मुझपे बाबुल हक यहीं तक था
सर तेरा मैं बाबा दुखने ना दूँगी
विश्वास जो बना वो टूटने ना दूँगी
आंगन की तेरी चिड़िया
बस उड़ने लगी
तेरी लाडली घर से चली
तेरी लाडली घर से चली
ओ अंगना में राजा जनक के
शहनाई है बजी
सियाराम की जोड़ी सजी
सियाराम की जोड़ी सजी
सियाराम की जोड़ी सजी...!
गीतकार: रिकी टी गिफ्टरूलर्स
About Siya Ram Ki Jodi (सिया राम की जोड़ी) Song
यह गाना "सिया राम की जोड़ी" एक devotional और भावनात्मक गीत है, जो भगवान राम और देवी सीता के पवित्र विवाह के मंत्रमुग्ध कर देने वाले दृश्य को दर्शाता है, गाने की शुरुआत में ही lyrics बताती हैं कि रामचंद्र की अयोध्या से बारात चली है, और उनके साथ वही हैं जो जनकपुर के आंगन में पली हैं, यानी सीता, तीनों लोकों के स्वामी आए हैं, माँ जानकी को बिहाने के लिए, और शर्माती हुई दासियों को यह बात सुनाने के लिए, फिर chorus में दोहराया जाता है कि राजा जनक के अंगना में शहनाई बजी है और सिया राम की जोड़ी सजी है, यह पूरा दृश्य एक उत्सव और आध्यात्मिक उल्लास से भरा हुआ है।
गाने के अगले भाग में, भाग्य के खुलने की बात की गई है, क्योंकि रघुकुल आया है और अंगना में साज बजना चाहिए, lyrics में प्रेम और भक्ति के भाव हैं, जहाँ गायक/गायिका कहती हैं कि वह उनके चरणों में सदा रहेंगी, उनकी चरणों की माटी बनकर, और उनके मन में प्रेम बना रहेगा, साथ ही एक नहीं बल्कि सात जन्मों तक साथ रहने की कसम खाई गई है, कि हाथ नहीं छोड़ेंगे, यह भक्ति और समर्पण का एक गहरा भाव दिखाता है।
अंतिम भाग गाने का सबसे मार्मिक हिस्सा है, जहाँ एक बेटी अपने बाबुल से विदा होते समय की भावनाएँ व्यक्त करती है, वह कहती है, "बाबुल तेरा अंगना, छोड़ पिया के घर चली", और अपने बचपन को याद करती है जो उसने महलों में बिताया, वह अपने पिता को विश्वास दिलाती है कि उसका सर दुखने नहीं देगी और उनका विश्वास टूटने नहीं देगी, खुद को आंगन की चिड़िया बताती हुई, जो अब उड़ने लगी है, और बाबुल की लाडली घर से चली जाती है, फिर से chorus दोहराया जाता है, जो राजा जनक के अंगन में शहनाई के बजने और सिया राम की जोड़ी के सजने की खुशी को बताता है, यह गाना Ricky T GiftRulers द्वारा लिखा और composed किया गया है, और Hansraj Raghuwanshi की आवाज़ में है, जिसमें Ankush Bhardwaj और Abhiruchi Bhatti featured हैं, और यह Komal Saklani के project के तहत बनाया गया है।