भगवान ने पाप कर दिया भजन के लिरिक्स | Nikhar Juneja की करुणामयी आवाज़ में एक मूक प्राणी की पीड़ा की गाथा। पशुओं के दर्द और अधिकारों पर विचार करने को प्रेरित करता है।
Bhagwan Ne Paap Kar Diya Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (भगवान ने पाप कर दिया)
कैसा ये मुझको बनाया
मैं बोल भी नहीं सकता
जुबान भी नहीं दी मुझको
फरियाद नहीं कर सकता
मुझे इतनी बारी तोड़ा
विश्वास नहीं कर सकता
क्यों अपनी मर्जी से अब
मैं मर भी नहीं हूँ सकता
मुझे जानवर बना के
क्यों शाप ये ऐसा दे दिया
भगवान कभी तो सोच
के तूने पाप ये कैसा कर दिया?
भगवान कभी तो सोच
के तूने पाप ये कैसा कर दिया?
मुझे जानवर बना के
क्यों शाप ये ऐसा दे दिया?
भगवान कभी तो सोच
के तूने पाप ये कैसा कर दिया?
हाँ मेरी मौत का सौदा
इंसान से था क्या कर लिया?
भगवान कभी तो सोच
के तूने पाप ये कैसा कर दिया?
ना दौड़ सका ना चल मैं सका
मैं बात किसी से कर ना सका
क्या सचमुच तू भगवान ही है?
मुझको जो चैन भी दे ना सका
इंसान ही तुमको प्यारा है
क्या मेरी जान का मोल नहीं?
मेरी जान बचाने पृथ्वी पर
अवतार लिए क्यों आए नहीं?
अगली बारी जब आऊं
मौका तू मुझे भी देना
तब मैं भी कहूँगा दुनिया से
इंसाफ है तुमने कर दिया
मुझे जानवर बना के
क्यों शाप ये ऐसा दे दिया?
भगवान कभी तो सोच
के तूने पाप ये कैसा कर दिया?
हाँ मेरी मौत का सौदा
इंसान से था क्या कर लिया?
भगवान कभी तो सोच
के तूने पाप ये कैसा कर दिया?
जुबान ही ना दी, ना ज्ञान दिया
बस दिल देकर ही छोड़ दिया
पापों से भरी इस दुनिया में
मुझे छोड़ के मुँह क्यों मोड़ लिया?
मुझे मारा, खाया, खूब दौड़ाया
चीर के मुझको घर में सजाया
मेरे लिए क्यों कुछ ना सोचा?
क्यों इतना कमजोर बनाया?
मेरे जीवन का जिम्मा
इंसान के हाथ में दे दिया
मेरा चंद समय इस दुनिया में
हाँ ख़ाक है तुमने कर दिया
मुझे जानवर बना के
क्यों शाप ये ऐसा दे दिया?
भगवान कभी तो सोच
के तूने पाप ये कैसा कर दिया?
हाँ मेरी मौत का सौदा
इंसान से था क्या कर लिया?
भगवान कभी तो सोच
के तूने पाप ये कैसा कर दिया?
भगवान कभी तो सोच
के तूने पाप ये कैसा कर दिया?
गीतकार: निखर जुनेजा
About Bhagwan Ne Paap Kar Diya (भगवान ने पाप कर दिया) Song
यह गाना "भगवान ने पाप कर दिया" (Bhagwan Ne Paap Kar Diya) एक गहरी भावनात्मक और विचारोत्तेजक रचना है, जिसे Nikhar Juneja ने गाया, compose किया और लिखा है, और यह Wagheshwari Mata Mandir से जुड़ा हुआ है, additional vocals में Gajendra Pratap Singh और Ravindra Pratap Singh हैं, और music production, mixing और mastering भी Nikhar Juneja द्वारा किया गया है, music label Nikhar Juneja ही है। गाने के lyrics एक ऐसे प्राणी की पीड़ा को दर्शाते हैं, जो खुद को भगवान द्वारा बनाए गए एक अधूरे और कमजोर रूप में महसूस करता है, जिसे बोलने की शक्ति भी नहीं दी गई है, न ही वह अपनी फरियाद कर सकता है, और न ही अपने विश्वास को व्यक्त कर सकता है, यहाँ तक कि अपनी मर्जी से मरने का अधिकार भी उसके पास नहीं है।
गाना सवाल उठाता है कि भगवान ने उसे जानवर बनाकर ऐसा शाप क्यों दिया, और पूछता है कि क्या भगवान ने पाप कर दिया है, क्योंकि उसकी मौत का सौदा इंसानों के हाथ में दे दिया गया है, वह न दौड़ सकता है, न चल सकता है, न ही किसी से बात कर सकता है, और यह सोचता है कि क्या सचमुच भगवान वह है जो उसे चैन भी नहीं दे सकता, साथ ही, वह पूछता है कि क्या इंसान ही भगवान को प्यारा है, और उसकी जान का कोई मोल नहीं है, क्यों भगवान ने उसकी जान बचाने के लिए पृथ्वी पर अवतार नहीं लिया।
अंत में, गाना एक उम्मीद दिखाता है, जहाँ प्राणी अगली बारी में मौका माँगता है, ताकि वह दुनिया से कह सके कि इंसाफ कर दिया गया है, और दोहराता है कि भगवान ने उसे जानवर बनाकर शाप दिया है, और पूछता है कि उसके जीवन का जिम्मा इंसान के हाथ में क्यों दे दिया गया, उसका चंद समय दुनिया में खाक कर दिया गया, और आखिर में, वह भगवान से ही सवाल करता है कि उसने पाप कैसा कर दिया। यह गाना जानवरों के अधिकारों और दर्द पर एक शक्तिशाली संदेश देता है, जिसे सुनकर हर किसी के मन में करुणा और सोच जागती है।