शंकर कष्ट ख़त्म कर लिरिक्स (Shankar Kasht Khatam Kar Lyrics in Hindi) – Nikhar Juneja, Ravindra Pratap Singh

शंकर कष्ट ख़त्म कर के लिरिक्स | Nikhar Juneja और Ravindra Pratap Singh का प्रार्थनामयी भजन। भगवान शिव से संकट दूर करने और हर जीव के उद्धार की विनती।

Shankar Kasht Khatam Kar Song Poster from Bhakti Bhajan

Shankar Kasht Khatam Kar Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (शंकर कष्ट ख़त्म कर)

जय जय जय जय 
जय जय जय जय 
जय शिवशंकर 
आस लगाए बैठा हर प्राणी 
अब कष्ट खत्म कर 

जय जय जय जय 
जय जय जय जय 
जय शिवशंकर 
त्रिपुरारी त्रिलोचन दिग्वसन 
महाकाल दिगंबर 

कोई बोल सके या बोले ना 
हर प्राणी के हो स्वामी तुम 
ना भेद तुम्हारे मन में शिव 
भैरव हो औघड़ दानी तुम 

निर्मम दिल पशुपति नाथ हो तुम 
हर जीव के पालनहार हो तुम 
आवाज बेजुबानों की हो 
इनके जीवन का निखार हो तुम 

ऐसा कुछ कर शंभू शंकर 
उद्धार तो कर इन जीवों पर 
पीड़ा से अब मुक्ति दे दो 
या लड़ने की शक्ति दे दो 

जय जय जय जय 
जय जय जय जय 
जय शिवशंकर 
आस लगाए बैठा हर प्राणी 
अब कष्ट खत्म कर 
जय जय जय जय 
जय जय जय जय 
जय शिवशंकर 
त्रिपुरारी त्रिलोचन दिग्वसन 
महाकाल दिगंबर 

धरती पर बैठे नंदी ने 
तुझे चीख-चीख के पुकारा है 
किस ध्यान में बैठे लीन हो तुम 
कोई और ना इसका सहारा है 

ना जाप करे, मंत्र ना पढ़े 
जुबान भी नहीं, क्या ख़ाक कहे? 
बस मन ही मन में सिकुड़ा हुआ 
पीड़ा सहकर भी मूक रहे 

जागो शिव शंकर 
सर्वनाश करने की बारी आई है 
तेरे बच्चों पर आ देख 
कैसी विपदा की आँधी आई है 

बस कुछ ना बचे सब खाक करो 
मतलब की दुनिया राख करो... 
जय जय जय जय 
जय जय जय जय 
जय शिवशंकर 
आस लगाए बैठा हर प्राणी 
अब कष्ट खत्म कर 
जय जय जय जय 
जय जय जय जय 
जय शिवशंकर 
त्रिपुरारी त्रिलोचन दिग्वसन 
महाकाल दिगंबर 

देखी नहीं, ना सही जाती 
जो भी इस जग में वेदना है 
तेरे नेत्र खुले और तांडव हो 
बस एक ही मेरी चेतना है 

देखी नहीं, ना सही जाती 
जो भी इस जग में वेदना है 
तेरे नेत्र खुले और तांडव हो 
बस एक ही मेरी चेतना है 

अब क्रोध करो उस पर भोले 
जो दुनिया किसी को मारती हो 
आशा ये निखार की पूरी हो 
जुल्मी की भस्म से आरती हो 

जब कोई नहीं होगा 
तो क्या होगी पीड़ा 
सहना भी नहीं होगा 
डरना भी नहीं होगा 

जालिम ही नहीं होंगे 
तो जुल्म नहीं होगा 
जीना ही नहीं होगा 
तो फिर मरना भी नहीं होगा 

जीवन ही नहीं होगा तो फिर 
मरना भी नहीं होगा 
जीवन ही नहीं होगा तो फिर 
मरना भी नहीं होगा....!

गीतकार: निखर जुनेजा


About Shankar Kasht Khatam Kar (शंकर कष्ट ख़त्म कर) Song

यह गाना "शंकर कष्ट ख़त्म कर" एक भक्तिपूर्ण और प्रार्थनामयी composition है, जिसमें भगवान शिव से संकट दूर करने की विनती की गई है, इस गाने के singer, composer और lyricist Nikhar Juneja हैं, जो Wagheshwari Mata Mandir के founder भी हैं, additional vocals Ravindra Pratap Singh ने दिए हैं, और music produced, mixed और mastered भी Nikhar Juneja द्वारा ही किया गया है, music label Nikhar Juneja ही है। 

गाने के lyrics में बार-बार "जय शिवशंकर" का उच्चारण करते हुए, हर प्राणी की आशा और पीड़ा को व्यक्त किया गया है, भगवान शिव को त्रिपुरारी, त्रिलोचन, दिगंबर और महाकाल जैसे नामों से पुकारा गया है, और उनसे कहा गया है कि वे हर जीव के स्वामी हैं, उनके मन में कोई भेदभाव नहीं है, वे भैरव और औघड़ दानी हैं, lyrics में यह भी कहा गया है कि शिव पशुपति नाथ हैं और हर जीव के पालनहार हैं, वे बेजुबानों की आवाज़ हैं और उनके जीवन का निखार हैं, गाने में शिव से प्रार्थना की गई है कि वे इन जीवों का उद्धार करें, उन्हें पीड़ा से मुक्ति दें या फिर लड़ने की शक्ति दें। 

गाने के आगे के हिस्से में, एक तरह की आकांक्षा और विद्रोह का भाव दिखता है, जहाँ धरती पर बैठे नंदी शिव को चीख-चीख कर पुकार रहे हैं, और कह रहे हैं कि जो भी इस दुनिया में वेदना है, वह देखी नहीं जाती या सही नहीं जाती, lyrics में शिव से कहा गया है कि उनके नेत्र खुलें और वे तांडव करें, साथ ही यह भी कहा गया है कि अब क्रोध उस पर करो जो दुनिया को मारता है, और जुल्मी की भस्म से आरती हो, अंत में गाना एक गहरे philosophical thought पर समाप्त होता है, जहाँ कहा गया है कि अगर जीवन ही नहीं होगा, तो मरना भी नहीं होगा, यह गाना overall भक्ति, पीड़ा, आशा और मुक्ति की एक शक्तिशाली अभिव्यक्ति है।