शंकरा शिवा अघोरी वो मसान का लिरिक्स (Shankara Shiva Aghori Wo Masaan Ka Lyrics in Hindi) – Nikhar Juneja

शंकरा शिवा अघोरी वो मसान का भजन के पूर्ण बोल | Nikhar Juneja द्वारा गाया और रचित यह गहन आध्यात्मिक ट्रैक भगवान शिव की अघोर परंपरा में अटूट भक्ति को दर्शाता है। मृत्यु पर विजय और सच्ची शिवभक्ति का संदेश देता यह शक्तिशाली भजन। पवित्र लिरिक्स यहाँ पढ़ें।

Shankara Shiva Aghori Wo Masaan Ka Song Poster from Bhakti Bhajan

Shankara Shiva Aghori Wo Masaan Ka Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (शंकरा शिवा अघोरी वो मसान का)

तेरे नाम से नाम हो मेरा 
शंकर ऐसा कुछ कर दो 
कहीं जिक्र हो मेरा 
तो सब चीख पड़े जय शिव शंभू 

कल पाँतर जो हो या फिर 
आखिरी दिन संसार का हो 
तेरे भक्तों की सूची में बस 
पहला नाम निखार का हो 

हाँ कालकूट पी लूँ 
मुझको भी मृत्यु मिल जाए 
मंदिर में शिव ना मिला 
शमशान में शायद मिल जाए 

हो भस्म रमाए फिर भी 
कितने सुंदर लगते हो 
तेरे नाम को ऐसे जपूँ 
जैसे राम नाम तुम जपते हो 

शंकरा शिवा 
मिटा दे ये भरम जहान का 
के भोला जिसे जग समझ रहा 
अघोरी वो परम मशान का 
शंकरा शिवा 
मैं माँगू भी तो क्या तेरे सिवा 
ना पाए मुझे मौत भी डरा 
जो तू है मेरे साथ में खड़ा 

जग रात रात कोई ना साथ 
कितने अघात कहाँ भोलेनाथ 
विश का प्रसाद मृत्यु का नाद 
डम डम बाजे डमरू ननाद 
चँदा ललाट त्रिपुंड माथ 
परमुख है पांच और दशम हाथ 
आऊं कैलाश को लोक पाट 
मिल जाए बस शंकर विराट 

चाहे लाखों मुझको नाट लगे 
या जन्म भी 108 लगे 
मेरे तप से शंकर जाग उठे 
पापी मृत्यु के घाट लगे 

चरणों में तेरे जो माथ रखे 
भय के ना कभी वो हाथ लगे 
मेरी विजय चीख कर गूंज पड़े 
सर पर शंकर जब हाथ रखे 

हाँ कालकूट पी लूँ 
मुझको भी मृत्यु मिल जाए 
मंदिर में शिव ना मिला 
शमशान में शायद मिल जाए 
हो भस्म रमाए फिर भी 
कितने सुंदर लगते हो 
तेरे नाम को ऐसे जपूँ 
जैसे राम नाम तुम जपते हो 

शंकरा शिवा 
मिटा दे ये भरम जहान का 
के भोला जिसे जग समझ रहा 
अघोरी वो परम मशान का 
शंकरा शिवा 
मैं माँगू भी तो क्या तेरे सिवा 
ना पाए मुझे मौत भी डरा 
जो तू है मेरे साथ में खड़ा 

अकर्व सर्व मंगला कला कदम्ब मंजरी 
रसा प्रवाह माधुरी विजम बणाम मधुवृतं 
स्मरान्तकं पुरान्तकं भवान्तकं मखान्तकं 
गजांतकान्त कान्तकं तमंत कनत्कनबजय 

तुम नंदी बैल के प्यारे हो 
तुम पशुपति कल्याणी हो 
कैलाश से बाहर आ शंकर 
और देख बिलगते प्राणी को 

इंसान बने जो जन्मे थे 
हैवान बने नर नारी वो 
क्या बेजुबान का हाल किया 
अब सुन लो मेरी वाणी को 

निर्दोषों के सर काट रहे 
और लाश के हिस्से बांट रहे 
एक मुर्दा शव को चाट रहे 
और मास में हड्डी छांट रहे 

जिनके लिए तूने जहर पिया 
वो खून भी गट गट पीते हैं 
इंसान खुद को कहने वाले 
असुरों के जैसे जीते हैं 

बैरागी भोले को 
अर्पित करते ये मोती हीरा 
तेरे भक्त ही तुझ से 
आँख चुराए भोगे मांस मदिरा 

विष के प्याले की बात करे 
मन में ही जहर भरा है 
भय मुक्त बना पापी 
ओ शंकर तेरा कहर कहाँ है? 

हाँ कालकूट पी लूँ 
मुझको भी मृत्यु मिल जाए 
मंदिर में शिव ना मिला 
शमशान में शायद मिल जाए 
हो भस्म रमाए फिर भी 
कितने सुंदर लगते हो 
तेरे नाम को ऐसे जपूँ 
जैसे राम नाम तुम जपते हो 

शंकरा शिवा 
मिटा दे ये भरम जहान का 
के भोला जिसे जग समझ रहा 
अघोरी वो परम मशान का 
शंकरा शिवा 
मैं माँगू भी तो क्या तेरे सिवा 
ना पाए मुझे मौत भी डरा 
जो तू है मेरे साथ में खड़ा 

अकर्व सर्व मंगला कला कदम्ब मंजरी 
रसा प्रवाह माधुरी विजम बणाम मधुवृतं 
स्मरान्तकं पुरान्तकं भवान्तकं मखान्तकं 
गजांतकान्त कान्तकं तमंत कनत्कनबजय

गीतकार: निखर जुनेजा


About Shankara Shiva Aghori Wo Masaan Ka (शंकरा शिवा अघोरी वो मसान का) Song

यह गाना "शंकरा शिवा अघोरी वो मसान का" है, जिसे Nikhar Juneja ने गाया, compose किया और लिखा है, Nikhar Juneja Wagheshwari Mata Mandir के founder भी हैं, और उन्होंने ही इसका music produce, mix और master किया है, यह गाना Nikhar Juneja के music label के तहत release हुआ है। 
गाने के lyrics में भगवान शिव की intense भक्ति और Aghori tradition के deep themes हैं, singer शिव से प्रार्थना करते हैं कि उनका नाम शिव के नाम से जुड़ जाए, और वे चाहते हैं कि दुनिया में उनकी चर्चा होने पर सब "जय शिव शंभू" चिल्लाएँ, वे मृत्यु से भी नहीं डरते, और कहते हैं कि अगर मंदिर में शिव नहीं मिले, तो शायद श्मशान में मिल जाएँ, भस्म में सने शिव को सुंदर बताया गया है, और शिव के नाम का जप राम नाम के जप की तरह पवित्र बताया गया है।

गाने में शिव को "अघोरी वो परम मशान का" कहा गया है, यानी वह परम श्मशान के अघोरी हैं, और भक्त कहता है कि अगर शिव साथ है तो मौत भी उसे डरा नहीं सकती, lyrics में कैलाश, डमरू, त्रिपुंड, और कालकूट जैसे शिव से जुड़े symbols और references हैं, भक्त अपनी भक्ति से शिव को जगाना चाहता है, और चाहता है कि शिव उसके सर पर हाथ रखें, जिससे उसकी विजय हो। 

गाने के later part में social commentary भी है, जहाँ singer कहता है कि इंसान हैवान बन गए हैं, निर्दोषों को मार रहे हैं, और शिव के भक्त भी भोग-विलास में लिप्त हैं, वे शिव से पूछते हैं कि हे शंकर, तुम्हारा कहर कहाँ है, अंत में संस्कृत mantras और शिव के विभिन्न नामों का उल्लेख है, जो गाने को spiritual depth देते हैं, overall, यह गाना भक्ति, समर्पण, मृत्यु पर विजय, और social issues पर एक powerful reflection है।