शिव मेरे साथ चलते हैं भजन के बोल | Nikhar Juneja का एक शक्तिशाली शिव भक्ति गीत। भोलेनाथ की निकटता और साथ का एहसास कराता यह आत्मविश्वास से भरा भजन।
Shiv Mere Sath Chalte Hai Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (शिव मेरे साथ चलते हैं)
कैसे मैं करता हूँ?
मेरे महादेव की आराधना
महाकाल के दर पे कहीं
मिल जाएगा परमात्मा
कैसे मैं करता हूँ?
मेरे महादेव की आराधना
महाकाल के दर पे कहीं
मिल जाएगा परमात्मा
आकाश और धरती
मैं कर दूँ एक भोलेनाथ
तुमको पाना है मुझको
आकर थामो मेरा हाथ
आकर थामो मेरा हाथ
भूमि के कण कण में
और मेघों के गर्जन में
इस सेवक के तन मन में
शंकर वास करते है
मुझसे लोग जलते हैं
कैसी बातें करते हैं
इनको क्या? मैं समझाऊं
के शिव मेरे साथ चलते हैं
मुझसे लोग जलते हैं
कैसी बातें करते हैं
मुझको गर्व है खुद पर
के शिव मेरे साथ चलते हैं
हे आदि योगी आदिनाथा
शिव शंभु शंकरा
जीवों का पालनहार
पशुपति नाथ मेरा महेश्वरा
तेरे दर पे थोड़ी जगह हो तो
बस एक बार पुकारना
सब त्याग कर मैं भाग कर
आ जाऊं है ये प्रार्थना
बस एक बार पुकारना
भूमि के कण कण में
और मेघों के गर्जन में
इस सेवक के तन मन में
शंकर वास करते हैं
मुझसे लोग जलते हैं
कैसी बात करते हैं
इनको क्या? मैं समझाऊं
के शिव मेरे साथ चलते हैं
मुझसे लोग जलते हैं
कैसी बातें करते हैं
मुझको गर्व है खुद पर
के शिव मेरे साथ चलते हैं
आशुतोष शशाँक शेखर
चन्द्र मौली चिदंबरा
कोटि कोटि प्रणाम शम्भू
कोटि नमन दिगम्बरा
आशुतोष शशाँक शेखर
चन्द्र मौली चिदंबरा
कोटि कोटि प्रणाम शम्भू
कोटि नमन दिगम्बरा
कोटि कोटि प्रणाम शम्भू
कोटि नमन दिगम्बरा....!
गीतकार: निखर जुनेजा
About Shiv Mere Sath Chalte Hai (शिव मेरे साथ चलते हैं) Song
यह गाना "शिव मेरे साथ चलते हैं" एक भक्ति गीत है, जो भगवान शिव की स्तुति और उनकी निकटता को व्यक्त करता है, इसमें singer Nikhar Juneja ने गाया है और Gajendra Pratap Singh ने इसमें योगदान दिया है, साथ ही composer और lyrics भी Nikhar Juneja द्वारा ही लिखे गए हैं, और music produced, mixed और mastered भी Nikhar Juneja ने किया है, यह गाना Nikhar Juneja के music label के तहत जारी किया गया है।
गीत की शुरुआत में, भक्त पूछता है कि वह भगवान शिव की आराधना कैसे करे, और उसे विश्वास है कि महाकाल के दरबार में परमात्मा मिल जाएंगे, फिर गीत में कहा गया है कि आकाश और धरती को एक करके, भोलेनाथ से प्रार्थना की जाती है कि वे आकर उसका हाथ थाम लें, यह भाव दर्शाता है कि शिव हर जगह मौजूद हैं—भूमि के कण-कण में, बादलों के गर्जन में, और भक्त के तन-मन में शंकर वास करते हैं।
आगे के भाग में, गीत भक्त की आंतरिक शक्ति और विश्वास को दिखाता है, जहाँ वह कहता है कि लोग उससे जलते हैं और बातें करते हैं, लेकिन उसे गर्व है क्योंकि शिव उसके साथ चलते हैं, फिर भक्त शिव को आदि योगी, आदिनाथ, शंभु, शंकर, पशुपति और महेश्वर जैसे नामों से पुकारता है, और प्रार्थना करता है कि शिव के दरबार में थोड़ी जगह मिले तो वह सब कुछ त्याग कर वहाँ पहुँच जाए, अंत में, गीत शिव के विभिन्न नामों जैसे आशुतोष, शशाँक, शेखर, चन्द्रमौली, चिदंबर और दिगंबर को कोटि-कोटि प्रणाम करते हुए समाप्त होता है, यह गाना भक्ति, समर्पण और आत्मविश्वास का एक सुंदर संगम है।