शिव शिव शंकर लिरिक्स (Shiv Shiv Shankar Lyrics in Hindi) – Nikhar Juneja

शिव शिव शंकर के पावन बोल | भक्ति भजन संग्रह से। Nikhar Juneja की तेजस्वी आवाज़ में यह गीत भोले के दिव्य स्वरूप और सामाजिक प्रश्नों को एक साथ जोड़ता है। लिरिक्स पढ़ें और आनंद लें।

Shiv Shiv Shankar Song Poster from Bhakti Bhajan

Shiv Shiv Shankar Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (शिव शिव शंकर)

शिव का जो हाथ है मेरे माथ
कर दूँ मैं रात को काल प्रात
शिव साथ त्रात जो हो प्रभात
शिव शीत वात शिव कायनात

शिव दशम हाथ, शिव पाँच माथ
चँदा ललाट त्रिपुंड माथ
शिव इंद्रधनुष के रंग सात
शिव ऋषि सात, तप की सौगात

कितना तू दिव्य, तेरा रूप भव्य
मेरे सारे कव्य, तुझपे गरव्य
शिव जहाँ गम्य, श्मशान शव्य
शिव भस्म द्रव्य, शिव कितना नम्य

शिव काल भव्य, महाकाल भव्य
विकराल भव्य, किरपाल भव्य
नरखाल भव्य, चंदभाल भव्य
मुण्डमाल भव्य, तू कराल भव्य

शिव शिव शिव
शिव शिव शंकर
आज तुझे जज़्बात बता दूँ
तुझको पाने के लिए
मैं एक साँस में रक्त बहा दूँ

हैं कौन सा कर्मकांड
कहाँ मिलते हो? रजनीश बता दो
मुझे ईर्ष्या दशानन से
क्या मैं भी काटकर शीश चढ़ा दूँ?

शिव शिव शिव
शिव शिव शंकर
आज तुझे जज़्बात बता दूँ
तुझको पाने के लिए
मैं एक साँस में रक्त बहा दूँ

हैं कौन सा कर्मकांड
कहाँ मिलते हो? रजनीश बता दो
मुझे ईर्ष्या दशानन से
क्या मैं भी काटकर शीश चढ़ा दूँ?

शिव डाल-डाल, शिव पात-पात
तो क्यों इस दुनिया में जात पात?
शिव पशुपति प्राणी समान
तो क्यों मरता रहता बेजुबान?

जहाँ पशु पक्षी पर अत्याचार
प्राणी संहार कर मांसाहार
छू मंतर प्राणी की पुकार
अब त्रिलोकी में ना निखार

यहाँ भ्रष्टाचार भक्ति व्यापार
और धर्मधार का तिरस्कार
नर नारी करते व्यभिचार
छी! बेजुबान का बलात्कार

करें लोभ मोह माया विकार
करें नग्न चर्म पर अहंकार
कर्पूरगौर करुणावतार
संसारसार का इंतज़ार

अब कैसे ढूंढूं? तुझको
कैसे समझूँ? अंतर मैं
यहाँ ढोंगी दुराचारी भी
घूम रहे बाघांबर में

हत्या शोषण भक्षण का विष
पीती दुनिया सारी
दो प्याले भांग गटक कर
खुद को समझे विषधारी

शिव गंगाधारी, शिव मुक्तिद्वारी
क्षण भर में तारो सृष्टि तुम्हारी
शिव कालातीत कल्पांतकारी
शिव विनाशकारी, शिव प्राणहारी

संघारकारी, त्रिनेत्रधारी
शिव (?), त्रिशूल धारी
शिव डमरुधारी करे नाद भारी
शिव जटाधारी, शिव अर्धनारी है

शिव शिव शिव
शिव शिव शंकर
आज तुझे जज़्बात बता दूँ
तुझको पाने के लिए
मैं एक साँस में रक्त बहा दूँ

हैं कौन सा कर्मकांड
कहाँ मिलते हो? रजनीश बता दो
मुझे ईर्ष्या दशानन से
क्या मैं भी काटकर शीश चढ़ा दूँ?

शिव शिव शिव
शिव शिव शंकर
आज तुझे जज़्बात बता दूँ
तुझको पाने के लिए
मैं एक साँस में रक्त बहा दूँ

हैं कौन सा कर्मकांड
कहाँ मिलते हो? रजनीश बता दो
मुझे ईर्ष्या दशानन से
क्या मैं भी काटकर शीश चढ़ा दूँ?

गीतकार: निखर जुनेजा


About Shiv Shiv Shankar (शिव शिव शंकर) Song

यह गाना "शिव शिव शंकर" है, जिसे Nikhar Juneja ने गाया, compose किया और लिखा है, वे Wagheshwari Mata Mandir के संस्थापक भी हैं, music production, mixing और mastering भी Nikhar Juneja ने ही किया है और यह Nikhar Juneja के music label के तहत release हुआ है। 
इस गाने के lyrics में भगवान शिव के divine और powerful रूप का वर्णन है, जैसे उनके दस हाथ, पाँच मुख, माथे पर चंद्रमा और त्रिपुंड, सात ऋषियों और तप की सौगात का ज़िक्र है, साथ ही शिव को कालरूपी, महाकाल, विकराल और करुणामय स्वरूप में दर्शाया गया है, lyrics में भक्त की भावनाएँ भी हैं, जो शिव से सवाल करता है कि उन्हें पाने के लिए कौन सा कर्मकांड करे, क्या दशानन (रावण) की तरह शीश चढ़ा दे, यहाँ एक तीव्र भक्ति और समर्पण की भावना दिखती है। 

गाने के आगे के हिस्से में समाज की कुरीतियों और विकृतियों पर सवाल उठाए गए हैं, जैसे जात-पात, पशु-पक्षियों पर अत्याचार, भ्रष्टाचार, धर्म के नाम पर व्यापार और अंधविश्वास का विरोध किया गया है, lyrics पूछते हैं कि जब शिव हर डाल-पात और हर प्राणी में हैं, तो यह भेदभाव क्यों, साथ ही शिव को गंगाधारी, मुक्तिदाता, विनाशक और अर्धनारीश्वर रूप में याद किया गया है, अंत में भक्त फिर वही question दोहराता है कि हे रजनीश (शिव), बताओ किस कर्मकांड से तुम्हें पाया जा सकता है, क्या मैं भी अपना शीश चढ़ा दूँ। 

Overall, यह गाना एक spiritual और thought-provoking composition है, जो शिव की महिमा के साथ-साथ social issues पर भी focus करता है, lyrics में deep devotion, philosophical questions और strong imagery का mix है, जिससे यह listeners को reflect करने पर मजबूर करता है, Nikhar Juneja ने इसे एक powerful और meaningful तरीके से present किया है, जो आधुनिक समय में भी शिव भक्ति और सामाजिक चेतना का संदेश देता है।