मेरे सोलह सावन के भावपूर्ण लिरिक्स | Ishita Vishwakarma की मधुर आवाज़ में राधा-कृष्ण का विरह गीत। Manoj Muntashir के गहरे बोल दिल छू लेते हैं। पूरे गीत के बोल पढ़ें।
Mere Solah Sawan Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (मेरे सोलह सावन)
मेरे सोलह सावन लिए जा रहे हो,
अधूरा मुझे तुम किए जा रहे हो,
मेरे सोलह सावन लिए जा रहे हो,
अधूरा मुझे तुम किए जा रहे हो।
सुना है कि उतना
कठिन है बिछड़ना
मिलन जितना सुंदर,
सुहाना रहा हो
तुम ही मेरे मंदिर, तुम ही मेरी पूजा,
तुम ही देवता हो, तुम ही देवता हो।
ये संभव नहीं है कि मेरे हृदय में
तुम्हारी जगह पर कोई दूसरा हो।
तुम्हें देखने में, पिया ऐसे खोई
कि होंठों पे आए नहीं बात कोई
तुम्हें देखने में, पिया ऐसे खोई
कि होंठों पे आए नहीं बात कोई
जो मन में था तुमसे,
कभी कह न पाएँ
बता ही न पाएँ
कि तुम मेरे क्या हो?
तुम ही मेरे मंदिर, तुम ही मेरी पूजा
तुम ही देवता हो, तुम ही देवता हो।
मनोज मुंतशिर के डायलॉग के साथ मेरे सोलह सावन गीत के बोल
बरसाने की वो भोली-भाली लड़की
वो कहाँ जानती थी कि उसने
साक्षात महाप्रभु से प्रेम कर लिया है
और प्रभु को तो कोई नहीं बाँध सकता
प्रेम भी नहीं।
मेरे सोलह सावन लिए जा रहे हो,
अधूरा मुझे तुम किए जा रहे हो,
मेरे सोलह सावन लिए जा रहे हो,
अधूरा मुझे तुम किए जा रहे हो।
सुना है कि उतना कठिन है बिछड़ना
मिलन जितना सुंदर सुहाना रहा हो
तुम ही मेरे मंदिर, तुम ही मेरी पूजा,
तुम ही देवता हो, तुम ही देवता हो।
ये संभव नहीं है कि मेरे हृदय में
तुम्हारी जगह पर कोई दूसरा हो।
क्या समझाऊँ हे मनमोहन?
क्या दुख देगा टूटा वादा?
बड़ा सरल है गणित प्रेम का
कृष्ण घटे तो शून्य है राधा।
तुम्हें देखने में, पिया ऐसे खोई,
कि होंठों पे आए नहीं बात कोई।
जो मन में था तुमसे, कभी कह न पाएँ
बता ही न पाएँ कि तुम मेरे क्या हो?
तुम ही मेरे मंदिर, तुम ही मेरी पूजा
तुम ही देवता हो, तुम ही देवता हो।
बिन बोले है प्रेम यशस्वी
बोल दिया तो अर्थ नहीं है,
प्यार वही सच्चा है
जिसमें मिलना कोई शर्त नहीं है।
👉 In Romanized - Mere Solah Sawan Lyrics
गीतकार: मनोज मुन्तशिर
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About Mere Solah Sawan (मेरे सोलह सावन) Song
यह गीत "मेरे सोलह सावन" है, जिसे Ishita Vishwakarma ने गाया है और इसके बोल Manoj Muntashir ने लिखे हैं। Music Director Kunwar Anshith हैं, और इस गीत में Manoj Muntashir के साथ Krishna (Bharat Ghare) और Radha (Anjali Chauhan) ने अभिनय किया है। यह गीत Saregama India Limited के लेबल पर रिलीज़ हुआ है, और Producer Neelam Muntashir हैं। गीत के बोल राधा और कृष्ण की प्रेम कहानी पर आधारित हैं, जिसमें राधा अपने सोलह सावन (जवानी) के बीते पलों को याद करती हैं और कृष्ण से बिछड़ने का दर्द महसूस करती हैं।
गीत की शुरुआत में राधा कहती हैं कि "मेरे सोलह सावन लिए जा रहे हो, अधूरा मुझे तुम किए जा रहे हो" यानी वे कहती हैं कि उनकी जवानी के सोलह साल कृष्ण ले जा रहे हैं, और उन्हें अधूरा छोड़ रहे हैं। इसके बाद वे बताती हैं कि बिछड़ना कितना कठिन है, जबकि मिलन कितना सुंदर और सुहाना था। वे कृष्ण को अपना मंदिर, पूजा और देवता मानती हैं, और कहती हैं कि उनके दिल में किसी और के लिए कोई जगह नहीं है।
गीत के बीच में Manoj Muntashir का एक डायलॉग आता है, जिसमें वे बरसाने की भोली-भाली लड़की (राधा) के बारे में बताते हैं, जो यह नहीं जानती थी कि उसने साक्षात महाप्रभु कृष्ण से प्रेम कर लिया है। वे कहते हैं कि प्रभु को कोई नहीं बाँध सकता, प्रेम भी नहीं। आगे गीत में राधा कहती हैं कि "क्या समझाऊँ हे मनमोहन? क्या दुख देगा टूटा वादा? बड़ा सरल है गणित प्रेम का, कृष्ण घटे तो शून्य है राधा।" यानी अगर कृष्ण कम हो जाएँ, तो राधा शून्य हो जाती हैं।
अंत में, गीत यह संदेश देता है कि बिन बोले प्रेम यशस्वी है, और सच्चा प्यार वही है जिसमें मिलना कोई शर्त नहीं है। यह गीत भक्ति और प्रेम के गहरे भावों को बहुत खूबसूरती से व्यक्त करता है, और इसे सुनकर श्रोता राधा और कृष्ण के इस अलौकिक प्रेम में खो जाते हैं।