ऐ अजनबी लिरिक्स (Ae Ajnabee Lyrics in Hindi) – Aditya Rikhari, Ravator, Kutle Khan | Coke Studio Bharat

ऐ अजनबी के लिरिक्स | Coke Studio Bharat का रूमानी और भावुक ट्रैक। Aditya Rikhari, Ravator और Kutle Khan ने दी है जादुई आवाज़। मोहब्बत और जुदाई का अनोखा सफर।

Ae Ajnabee Song Poster from Coke Studio Bharat

Ae Ajnabee Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (ऐ अजनबी)

ऐ अजनबी दिल की लगी
का सिलसिला चलते रहने दे
ऐ अजनबी दिल की लगी
का सिलसिला चलते रहने दे

तेरा मेरा मिलना ऐसे
इत्तेफ़ाक़न तो ना हुआ
कुछ तो होगा इश्क़ में तेरे
मैं यूँ पागल तो ना हुआ

कोई वजह होगी कि तू
हो रूबरू तो चैन है
कि मेरी हर सुबह में तू
शामें मेरी ढलते रहने दे

ऐ अजनबी दिल की लगी
का सिलसिला चलते रहने दे
ऐ अजनबी दिल की लगी
का सिलसिला चलते रहने दे

उजरी-गुज़री तेरे घूँघट में
चमके बिजली
कुछ गरज नहीं, कुछ घोर नहीं
तेरे नैनों में चमके बिजली

एक उम्र ये बीत गई
दस्तक हुई दरवाज़े पर
यूँ आया तू, वरना के हम
सोए थे अपने जनाज़े पर

तुमसे मिले फिर इक दफ़ा
जीने की ख़्वाहिश सी हुई
कि तू मेरे सीने में ये
साँसें मेरी चलते रहने दे

ऐ अजनबी दिल की लगी
का सिलसिला चलते रहने दे
ऐ अजनबी दिल की लगी
का सिलसिला चलते रहने दे

कोरी-कोरी, साँस ये म्हारी
नाम जपे सा, थारो, ओ गोरी

गीत बिरह के, कौन सुनावे
राग भी तू ही
तू ही बारहखड़ी

राग भी तू ही
तू ही बारहखड़ी

पीर बाण छलनी जान
रंग लाग्यो, छूटे प्राण
कोई ना पढ़े हाल सही
आंख्या सूँ खारी धार बही

आंख्या सूँ खारी धार बही
आंख्या सूँ खारी धार बही...!

👉 In Romanized - Ae Ajnabee Lyrics

गीतकार: आदित्य रिखारी, कुत्ले खान


About Ae Ajnabee (ऐ अजनबी) Song

यह गाना "Ae Ajnabee" है, जो Coke Studio Bharat पर रिलीज़ हुआ है, इसे Aditya Rikhari, Ravator और Kutle Khan ने compose और perform किया है, lyrics Aditya Rikhari और Kutle Khan द्वारा लिखे गए हैं, और producer Ravator हैं। 

गाने की शुरुआत "ऐ अजनबी दिल की लगी का सिलसिला चलते रहने दे" से होती है, जो एक अनजान व्यक्ति से मिली भावनाओं को जारी रखने की इच्छा दर्शाती है, फिर गीत में कहा गया है कि यह मिलना संयोग नहीं हो सकता, बल्कि इश्क़ की कोई वजह ज़रूर है, जिसने गायक को पागल कर दिया है, और वह चाहता है कि यह सिलसिला चलता रहे। 

आगे के भाग में, गीत प्रेम की गहराई को दर्शाता है, जहाँ गायक कहता है कि उसकी हर सुबह में प्रियतमा की याद है, और वह चाहता है कि यह एहसास बना रहे, फिर उजरी-गुज़री और बिजली जैसे शब्दों से प्रेम के तूफ़ान का वर्णन किया गया है, और गीत में यह भी कहा गया है कि प्रियतमा के आने से जीने की इच्छा जाग उठी, और गायक चाहता है कि उसकी साँसें इसी तरह चलती रहें। 

अंतिम भाग में, गीत बिरह यानी विरह के दर्द को व्यक्त करता है, जहाँ गायक कहता है कि उसकी साँसें प्रियतमा का नाम लेती हैं, और दर्द इतना गहरा है कि आँखों से आँसुओं की धार बहने लगती है, यह गाना प्यार, मिलन और विरह के जटिल भावनाओं को सरल हिंदी और मधुर संगीत के ज़रिए पेश करता है, जिसे सुनकर श्रोता भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं।