कचौड़ी गली लिरिक्स (Kachaudi Gali Lyrics in Hindi) – Rekha Bhardwaj, Utpal Udit | Coke Studio Bharat

कचौड़ी गली के लोक गीत बोल – Rekha Bhardwaj और Utpal Udit की आवाज़ में Coke Studio Bharat का अनोखा संगीत। मिर्ज़ापुर की विरह कथा, काला नाग, और रंगून की यात्रा। गहरी भावनाओं से भरा गाना। पढ़ें लिरिक्स।

Kachaudi Gali Song Poster from Coke Studio Bharat

Kachaudi Gali Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (कचौड़ी गली)

सेजिया पे लोटे काला नाग हो 
कचौड़ी गली सून कईला बलमू 
सेजिया पे लोटे काला नाग हो 
कचौड़ी गली सून कईला बलमू 

सून कईला बलमू, सून कईला बलमू 
सून कईला बलमू, सून कईला बलमू 

मिर्जापुर कईला गुलजार हो, 
कचौड़ी गली सून कईला बलमू 
सेजिया पे लोटे काला नाग हो 
कचौड़ी गली सून कईला बलमू 

एही मिर्जापुर से उड़िले जहजिया 
एही मिर्जापुर से उड़िले जहजिया 
रे उड़िले जहाजिया 
ए रामा उड़िले जहजिया 

पिया चल गइलें रंगून हो 
पिया चल गइलें रंगून हो 
कचौड़ी गली सूंन कईला बलमू 
सेजिया पे लोटे काला नाग हो, 
कचौड़ी गली सून कईला बलमू 

हथवा में होती जो हमरे कटारिया 
हथवा में होती जो हमरे कटारिया 
रे हमरे कटारिया 
ए रामा हमरे कटारिया 

बहा देइत गोरवन के खून हो 
बहा देइत गोरवन के खून हो... 
कचौड़ी गली सून कईला बलमू 
सेजिया पे लोटे काला नाग हो, 
कचौड़ी गली सून कईला बलमू 
मिर्जापुर कईला गुलजार हो, 
कचौड़ी गली सून कईला बलमू

👉 In Romanized - Kachaudi Gali Lyrics

गीतकार: फोक


🔗 Share/शेयर करें:

About Kachaudi Gali (कचौड़ी गली) Song

यह गाना "कचौड़ी गली" (Kachaudi Gali) Coke Studio Bharat के तहत रिलीज़ हुआ है, जिसे Rekha Bhardwaj और Utpal Udit ने गाया है। यह एक लोक गीत (Folk song) है, जिसके बोल और संगीत पारंपरिक हैं, और Music, Arrangement and Production Khwaab ने किया है। गाने की शुरुआत में "सेजिया पे लोटे काला नाग हो, कचौड़ी गली सून कईला बलमू" लाइन आती है, जो एक प्रेमी या पति के इंतज़ार में बेचैन प्रेमिका की भावना को दर्शाती है। "काला नाग" यानी काले साँप का ज़िक्र, शायद किसी ख़तरनाक या जादुई प्रतीक के रूप में है, जो बिछौने पर लोट रहा है। "कचौड़ी गली" मिर्ज़ापुर (Mirzapur), उत्तर प्रदेश की एक मशहूर जगह है, जहाँ कचौड़ी (एक तली हुई नमकीन) के लिए जानी जाती है। गाने में "मिर्जापुर कईला गुलजार हो" लाइन बताती है कि मिर्ज़ापुर का यह इलाका बहुत रौनकदार और खुशहाल है।

अगले हिस्से में "एही मिर्जापुर से उड़िले जहजिया" और "पिया चल गइलें रंगून हो" लाइनें हैं, जो बताती हैं कि प्रेमी या पति रंगून (Rangoon, जो अब यांगून, म्यांमार है) चला गया है। रंगून ऐतिहासिक रूप से भारतीय प्रवासियों के लिए एक गंतव्य था, और यहाँ "जहजिया" (जहाज़) का ज़िक्र है जो मिर्ज़ापुर से उड़ान भरता है। यह गाना विरह और अलगाव की पीड़ा को दर्शाता है, जहाँ प्रेमिका अपने प्रेमी के बिना अकेली महसूस करती है। "हथवा में होती जो हमरे कटारिया" लाइन में वह कहती है कि अगर उसके हाथ में कटार (खंजर) होती, तो वह "गोरवन के खून" बहा देती। गोरवन शायद किसी दुश्मन या बाधा का प्रतीक है, और यह गुस्सा और बदले की भावना दिखाता है। पूरा गाना मिर्ज़ापुर की लोक संस्कृति, विरह, और सशक्त भावनाओं का मिश्रण है, जो Rekha Bhardwaj और Utpal Udit की आवाज़ में और भी जीवंत हो जाता है।