करम कर ऐ इलाही लिरिक्स (Karam Kar Aie Elahii Lyrics in Hindi) – Zubeen Garg, Vinita Punn | Panorama Music

करम कर ऐ इलाही के बोल | Zubeen Garg और Vinita Punn की दर्द भरी इबादत। मोहब्बत की तड़प और खुदा से गुहार। A.M. Turaz के गहरे शब्द, Yasin Darbar का संगीत।

Karam Kar Aie Elahii Song Poster from Panorama Music

Karam Kar Aie Elahii Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (करम कर ऐ इलाही)

करम कर ऐ इलाही..
इलाही..
करम कर.. कर..।

करम कर ऐ इलाही,
करम कर ऐ इलाही।
करम कर ऐ इलाही,
करम कर ऐ इलाही।
करम कर ऐ इलाही,
करम कर ऐ इलाही।

तड़पता हूँ मोहब्बत में,
बुरा है हाल चाहत में।
दे मुझको यार की क़ुर्बत,
सही जाए ना अब फ़ुर्क़त
ऐ इलाही, ऐ इलाही।

करम कर ऐ इलाही,
करम कर ऐ इलाही।
करम कर ऐ इलाही,
करम कर ऐ इलाही।

चुभन रहती है सीने में,
बड़ी मुश्किल है जीने में
बड़ी मुश्किल है जीने में..आ..।

चुभन रहती है सीने में,
बड़ी मुश्किल है जीने में।
भटक जाती है साँस अक्सर,
भटक जाती है रूह अक्सर।
अकेला हूँ ज़माने से,
मिटा दे मेरी तन्हाई
ऐ इलाही, ऐ इलाही।

करम कर ऐ इलाही,
करम कर ऐ इलाही।
करम कर ऐ इलाही,
करम कर ऐ इलाही।

सजना, सजना..आ...
तेरे प्यार में खो गए..खो गए..।

ना बरसों दे, ना सदियाँ दे,
मिलन का एक लम्हा दे
मिलन का एक लम्हा दे।

ना बरसों में, ना सदियों दे,
मिलन का एक लम्हा दे।
मिला ना यार जो मुझको,
फ़ना कर दूँगा मैं खुद को।
मुझे तन्हा नहीं रहना,
क़सम है मैंने ये खाई
ऐ इलाही, ऐ इलाही।

करम कर ऐ इलाही,
करम कर ऐ इलाही।
करम कर ऐ इलाही,
करम कर ऐ इलाही।

करम कर.. ऐ इलाही...!
करम कर.. ऐ इलाही...!

👉 In Romanized - Karam Kar Aie Elahii Lyrics

गीतकार: ए. एम. तुराज़


About Karam Kar Aie Elahii (करम कर ऐ इलाही) Song

यह गाना "करम कर ऐ इलाही" एक दिल को छू लेने वाली प्रार्थना और मोहब्बत की ग़ज़ल है, जिसमें गायक Zubeen Garg और Vinita Punn की आवाज़ें एक दर्द भरी इबादत की तरह सुनाई देती हैं, music composer Yasin Darbar ने इसकी धुन ऐसी बनाई है जो सीधा दिल में उतर जाती है, और lyrics A.M. Turaz ने लिखे हैं जो बेहद भावनात्मक और गहरे हैं। 

गाने के बोल "करम कर ऐ इलाही" का मतलब है - हे ईश्वर, मेरे ऊपर कृपा करो, और यही पुकार पूरे गाने में दोहराई जाती है, गीत की शुरुआत में ही साफ़ हो जाता है कि यह एक ऐसे इंसान की कहानी है जो मोहब्बत में तड़प रहा है, जिसे अपने यार की क़ुर्बत यानी नज़दीकी चाहिए, क्योंकि अब अलगाई यानी फ़ुर्क़त बर्दाश्त नहीं हो रही। 

आगे के हिस्से में गीतकार ने अकेलेपन और दर्द को बहुत खूबसूरती से बयान किया है, जैसे - "चुभन रहती है सीने में, बड़ी मुश्किल है जीने में", यानी दिल में एक टीस है और जीना मुश्किल हो रहा है, साँस और रूह भटक रही है, और वह खुद को ज़माने से अकेला महसूस करता है, वह ईश्वर से अपनी तन्हाई मिटाने की गुहार लगाता है। 

अंतिम भाग में गाना एक उम्मीद और ज़िद्द में बदलता है, गायक कहता है कि उसे सदियाँ नहीं, बस मिलन का एक लम्हा चाहिए, अगर उसे अपना यार नहीं मिला तो वह खुद को फ़ना कर देगा, वह अकेला नहीं रह सकता, और यह प्रतिज्ञा करता है, यह गाना प्यार की तड़प, इबादत और इंसानी जज़्बात का एक बेहतरीन मिलन है, जिसे Panorama Music ने प्रस्तुत किया है और इसमें Shiv Om Kumar, Anjali Sharma, Nitesh Chotalia ने अभिनय किया है।