अगर मैं याद आऊं लिरिक्स (Agar Main Yaad Aau Lyrics in Hindi) – Amarjeet Jaikar | RDC Melodies

अगर मैं याद आऊं के बोल | Amarjeet Jaikar का हृदयविदारक गीत। यह गाना जुदाई के बाद की तड़प और मृत्यु के बाद भी साथ रहने की गुज़ारिश को बयां करता है।

Agar Main Yaad Aau Song Poster from RDC Melodies

Agar Main Yaad Aau Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (अगर मैं याद आऊं)

रब्बा रब्बा मेरे रब्बा रब्बा
मेरे रब्बा रब्बा मेरे रब्बा
किसे नु मिलके यार ना बिछड़े
रब्बा रब्बा मेरे रब्बा रब्बा
मेरे रब्बा रब्बा मेरे रब्बा
किसे नु मिलके यार ना बिछड़े

हम ना मिलते तुमसे
तो अच्छा ही होता
हंसती हुई आँखों को
मैं आँसू नहीं देता

हो..ओ...
हम ना मिलते तुमसे
तो अच्छा ही होता
हंसती हुई आँखों को
मैं आँसू नहीं देता
मेरे साथ बिताए पल
तुम्हें याद हर पल आएगी..

अगर मैं याद आऊं तो
मेरे तुम कब्र पे आ जाना
अगर मैं याद आऊं तो
मेरे तुम कब्र पे आ जाना

(सरगम)

मेरी तस्वीरों को अपने
सीने से लगा के रखना
मेरी दी हुई वो चूड़ियाँ
हाथों में पहन के रखना,

हाय..
खाई थी जो
जीने मरने की हमने कसमें
अधूरे ही रह गए

अगले जन्म में
हम फिर से लौट आएंगे
अगर मैं याद आऊं तो
मेरे तुम कब्र पे आ जाना
अगर मैं याद आऊं तो
मेरे तुम कब्र पे आ जाना
अगर मैं याद आऊं तो
मेरे तुम कब्र पे आ जाना

रब्बा रब्बा मेरे रब्बा रब्बा
मेरे रब्बा रब्बा मेरे रब्बा
किसे नु मिलके यार ना बिछड़े
रब्बा रब्बा मेरे रब्बा रब्बा
मेरे रब्बा रब्बा मेरे रब्बा
किसे नु मिलके यार ना बिछड़े

रब ना करे जो साथ हुआ मेरे
वो किसी और के साथ हो जाए
मुकम्मल हो जाए सबकी मोहब्बत
हमारे जैसे कोई ना बिछड़े

अगर मैं याद आऊं तो
मेरे तुम कब्र पे आ जाना
अगर मैं याद आऊं तो
मेरे तुम कब्र पे आ जाना...!

गीतकार: अमरजीत जयकर


About Agar Main Yaad Aau (अगर मैं याद आऊं) Song

यह गाना "अगर मैं याद आऊं" एक दर्द भरी मोहब्बत और विरह की कहानी कहता है, जिसे Amarjeet Jaikar ने गाया और लिखा है, music Amarjeet Jaikar और Salamat Ali Siddique ने दिया है, producer Durgaram Choudhary हैं और यह गाना RDC Melodies (RDC Media) YouTube channel पर उपलब्ध है। गाने की शुरुआत "रब्बा रब्बा" की दुआ से होती है, जहाँ गायक ईश्वर से पूछता है कि किसे मिलने के बाद यार से बिछड़ना पड़ता है, यह एक गहरी पीड़ा और जुदाई का एहसास दिखाता है।

फिर गाने में गायक कहता है कि अगर वह अपने प्रिय से नहीं मिलता तो बेहतर होता, क्योंकि तब उसकी हँसती आँखों को आँसू नहीं देता, और वह याद दिलाता है कि उसके साथ बिताए पल सदैव याद आएंगे, इसके बाद मुख्य भाग आता है जहाँ गायक अपने प्रिय से कहता है कि "अगर मैं याद आऊं तो मेरे तुम कब्र पे आ जाना", यह एक मार्मिक अनुरोध है जो मृत्यु के बाद की याद और साथ की तड़प को दर्शाता है।

गाने में आगे गायक चाहता है कि उसकी तस्वीरें सीने से लगी रहें और उसकी दी चूड़ियाँ हाथों में पहनी रहें, साथ ही वह जीने-मरने की अधूरी कसमों का जिक्र करता है, और आशा करता है कि अगले जन्म में फिर मिलेंगे, अंत में फिर "रब्बा रब्बा" की दुआ दोहराते हुए गायक कहता है कि ईश्वर न करे कि उसका साथी किसी और के साथ हो जाए, बल्कि सबकी मोहब्बत मुकम्मल हो और उनकी तरह कोई न बिछड़े, यह गाना प्यार, विरह और मृत्यु के बाद की आशा की एक संवेदनशील झलक पेश करता है।