मैं मेरी माँ रख लेता हूँ के बोल | Krish Mondal का यह हृदयस्पर्शी भजन माँ के प्रति एक बेटे के अटूट प्यार और समर्पण को व्यक्त करता है। पूरा गीत पढ़ें।
Main Meri Maa Rakh Leta Hu Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (मैं मेरी माँ रख लेता हूँ)
तेरी चढ़ती रहे महिमा,
तेरी जलती रहे ज्योति
दरबार सजे तेरा,
ऊँचे पर्वत की चोटी..
दुनियाँ के बदले
तेरी ममता रख लेता हूँ
सारी दुनियाँ के बदले
तेरी ममता रख लेता हूँ..
ले जाओ दौलत
मैं मेरी माँ रख लेता हूँ
सारी ले जाओ दौलत
मैं मेरी माँ रख लेता हूँ
तेरी मूरत को
सीने में सजा रख लेता हूँ
तेरी मूरत को
सीने में सजा रख लेता हूँ
ले जाओ दौलत
मैं मेरी माँ रख लेता हूँ
सारी ले जाओ दौलत
मैं मेरी माँ रख लेता हूँ
ममता की एक बूँद कहूँ तो
सारा समंदर रखती है
मुझको सारी दुनियाँ में
मेरी माँ ही सुंदर लगती है
(मेरी माँ ही सुंदर लगती है)
ममता की एक बूँद कहूँ तो
सारा समंदर रखती है
मुझको सारी दुनियाँ में
मेरी माँ ही सुंदर लगती है
रखते हैं भगवान की मूरत
लोग तो मंदिर में
मेरे मन-मंदिर में
तेरे पाँव रख लेता हूँ
ले जाओ दौलत
मैं मेरी माँ रख लेता हूँ
सारी ले जाओ दौलत
मैं मेरी माँ रख लेता हूँ
मेरे पास भी आने तक से
ये अँधियारे डरते हैं
मेरे घर के सारे दीपक
मेरी माँ से जलते हैं
(मेरी माँ से जलते हैं)
मेरे पास भी आने तक से
ये अँधियारे डरते हैं
मेरे घर के सारे दीपक
मेरी माँ से जलते हैं
नींद न आए जब मुझको,
डर-चिंता सताए तो
चुपके से सिर गोद में
तेरी आ रख लेता हूँ
ले जाओ दौलत
मैं मेरी माँ रख लेता हूँ
सारी ले जाओ दौलत
मैं मेरी माँ रख लेता हूँ
तेरी मूरत को
सीने में सजा रख लेता हूँ
तेरी मूरत को
सीने में सजा रख लेता हूँ
ले जाओ दौलत
मैं मेरी माँ रख लेता हूँ
सारी ले जाओ दौलत
मैं मेरी माँ रख लेता हूँ
तू ममता की मूरत है,
और तू ही प्रेम का सागर है
धूप सताए क्या मुझको?
जब सिर पे तेरा आँचल है
रूठे तो ये जग रूठे
रहे तेरा-मेरा नाता माँ
इस दुनिया में कोई नहीं
जो मेरी माँ के बराबर है...!
गीतकार: प्रियंका आर बाला, वसुधा तिवारी
About Main Meri Maa Rakh Leta Hu (मैं मेरी माँ रख लेता हूँ) Song
यह भजन "मैं मेरी माँ रख लेता हूँ" है, जो Krish Mondal द्वारा गाया गया है और Navratri Special के लिए तैयार किया गया है, इसका music Mihir Sharma ने दिया है और lyrics Priyanka R Bala ने लिखे हैं, यह भजन RDC Melodies (RDC Media) YouTube channel पर उपलब्ध है।
इस गीत के बोल एक बेटे की भावनाओं को दर्शाते हैं, जो अपनी माँ के प्रति गहरा प्यार और समर्पण व्यक्त करता है, गीत की शुरुआत में माँ की महिमा और ज्योति की चर्चा है, फिर कहा गया है कि वह पूरी दुनिया की दौलत के बदले अपनी माँ का प्यार चुनता है, और माँ की मूरत को अपने सीने में सजाकर रखता है।
आगे के बोलों में माँ की ममता की तुलना समंदर से की गई है, और कहा गया है कि दुनिया में माँ से सुंदर कुछ भी नहीं लगता, गीत में यह भी भाव है कि माँ के आशीर्वाद से अँधेरे भाग जाते हैं, और उनकी गोद में सिर रखकर ही सुकून मिलता है, अंत में माँ को ममता की मूरत और प्रेम का सागर बताया गया है, और कहा गया है कि इस दुनिया में कोई भी माँ के बराबर नहीं है।