क़रीब गीत के बोल – Sagar Jain की दिल छू लेने वाली आवाज़ में। यह गीत प्यार की तड़प, जुदाई के दर्द और दोबारा मिलने की आस की मार्मिक कहानी कहता है। RDC Melodies का यह भावपूर्ण ट्रैक।
Qareeb Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (क़रीब)
तेरे बिना मेरा जीना भी जीना नहीं,
ये समझा हूँ मैं
यूँ तेरा ख़्वाबों में आना भी आना नहीं,
ये जाना हूँ मैं
ये बाज़ियाँ जीत कर भी
ज़माने से मैं, हारा हुआ
तेरे बिना
अब समंदर से ज़्यादा मैं,
खारा हुआ
तेरे क़रीब, लाया नसीब
जुदा क्यूँ हुआ? मेरा नसीब
फिर आ जा तू मेरे क़रीब
मेरे क़रीब, मेरे क़रीब
यादों में तेरे यूँ खोना भी खोना नहीं,
है ये सज़ा
तेरे बिना मेरा होना भी होना नहीं,
ये कैसे हुआ?
दरिया की बहती तू धारा सी है,
मैं किनारा हुआ
तू गुज़री कुछ ऐसे कि
मिलना कभी ना दोबारा हुआ
तेरे क़रीब, लाया नसीब
जुदा क्यूँ हुआ? मेरा नसीब
फिर आ जा तू मेरे क़रीब
मेरे क़रीब, मेरे क़रीब
(फिर आ जा तू मेरे क़रीब)
गीतकार: पियूष पराग
About Qareeb (क़रीब) Song
यह गाना "क़रीब" है, जिसे Sagar Jain गाते हैं, और इसमें Aashima Kanwar भी दिखाई देती हैं।
गाने के संगीतकार Salamat Ali Siddique हैं और बोल Piyush Parag ने लिखे हैं, यह गाना YouTube channel RDC Melodies (RDC Media) पर उपलब्ध है।
इस गाने के बोल एक गहरे प्यार और विरह की भावना को दर्शाते हैं, गायक कहता है कि "तेरे बिना मेरा जीना भी जीना नहीं", यानी बिना तुम्हारे मेरी ज़िंदगी अधूरी है, और वह यह भी समझता है कि सपनों में भी तुम्हारा आना आसान नहीं है।
वह खुद को जीत के बाद भी हारा हुआ महसूस करता है, और बिना प्रिय के समंदर से भी ज़्यादा खारा (कड़वा) अनुभव करता है, फिर वह सवाल करता है कि उसका नसीब उसे प्रिय के क़रीब लाया, तो अलग क्यों हो गया, और वह दोबारा पास आने की गुहार लगाता है।
आगे के बोलों में, गायक कहता है कि यादों में खोना भी अब सज़ा लगता है, और बिना तुम्हारे उसका अस्तित्व भी अस्तित्वहीन है।
वह प्रिय की तुलना दरिया की बहती धारा से करता है, और खुद को किनारा बताता है, जहाँ मिलन दोबारा नहीं हो पाया, और फिर से वही दर्द भरा सवाल और पुकार दोहराता है — "तेरे क़रीब, लाया नसीब, जुदा क्यूँ हुआ? मेरा नसीब, फिर आ जा तू मेरे क़रीब"।
यह गाना प्यार की तड़प, दूरी के दर्द और फिर से मिलने की आस को बहुत ही संवेदनशील तरीके से व्यक्त करता है।