शंकर जी मैं आपके बेटे का यार हूँ लिरिक्स (Shankar Ji Main Aapke Bete Ka Yaar Hoon Lyrics in Hindi) – Krish Mondal | RDC Melodies

शंकर जी मैं आपके बेटे का यार हूँ के बोल | भोले बाबा और गणपति जी को समर्पित अनोखा भक्ति गीत। Krish Mondal की मधुर आवाज़ में। बालपन की सी सरल श्रद्धा और प्यार।

Shankar Ji Main Aapke Bete Ka Yaar Hoon Song Poster from RDC Melodies

Shankar Ji Main Aapke Bete Ka Yaar Hoon Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (शंकर जी मैं आपके बेटे का यार हूँ)

तीन आँख हैं आपके
और शीश पे चँदा रहता है
बालों से गंगा निकलती है
मुझे ऐसा गणपति कहता है

ओ... ओ...
तीन आँख हैं आपके
और शीश पे चँदा रहता है
बालों से गंगा निकलती है
मुझे ऐसा गणपति कहता है

कैलाश पे
यही देखने आया इस बार हूँ..
कैलाश पे
यही देखने आया इस बार हूँ...

शंकर जी
मैं आपके बेटे का यार हूँ..
शंकर जी
मैं आपके बेटे का यार हूँ...

ऊँचे पर्वत पे रहते हैं
कैलाश के वासी हैं
नंदी पर बैठ के जाते
जब जाते काशी हैं

साँप गले में रहते हैं पर
उनको डसते नहीं
गन्नू कहता मेरे पप्पा..
भूतों से डरते नहीं

गणपति जितना आपसे
मैं भी करता प्यार हूँ...
शंकर जी
मैं आपके बेटे का यार हूँ...
ओ, शंकर जी
मैं आपके बेटे का यार हूँ...

एक हाथ त्रिशूल
एक से डमरू बजता है
शीश पे आपके चँदा
और भी सुंदर लगता है

अरे नीले नीले कंठ
आपके सबसे न्यारे हैं
सच्ची में हाय शंकर जी
आप कितने प्यारे हैं

दोस्त बनोगे क्या मेरे
मैं तो तैयार हूँ...

शंकर जी
मैं आपके बेटे का यार हूँ...
शंकर जी
मैं आपके बेटे का यार हूँ...
शंकर जी
मैं आपके बेटे का यार हूँ...
ओ, शंकर जी
मैं आपके बेटे का यार हूँ...!

👉 In Romanized - Shankar Ji Main Aapke Bete Ka Yaar Hoon Lyrics

गीतकार: प्रियंका आर बाला


About Shankar Ji Main Aapke Bete Ka Yaar Hoon (शंकर जी मैं आपके बेटे का यार हूँ) Song

यह गाना "शंकर जी मैं आपके बेटे का यार हूँ" एक भक्ति भरा और मधुर गीत है, जो भगवान शिव और उनके बेटे गणेश जी के प्रति प्रेम और बच्चों जैसी सरल भावना को दर्शाता है, इस गाने को Krish Mondal ने गाया है और Priyanka R Bala ने लिखा व compose किया है, music production Tushar Joshi ने किया है, और यह गाना RDC Melodies (RDC Media) YouTube channel पर उपलब्ध है।

गाने के lyrics में भगवान शिव की विशेषताओं का वर्णन है, जैसे उनकी तीन आँखें, सिर पर चंद्रमा और जटाओं से गंगा का निकलना, और गाने में बार-बार यह कहा गया है कि गायक खुद को गणपति का दोस्त बताता है, lyrics में कैलाश पर्वत, नंदी की सवारी और शिव के गले में साँप जैसे प्रतीकों का भी उल्लेख है, जो शिव की पहचान हैं, साथ ही गाने में एक बच्चे की तरह यह भावना है कि शिव जी से दोस्ती की जाए।

गाने की धुन आसान और मन को छूने वाली है, जिससे यह सभी उम्र के श्रोताओं को पसंद आ सकता है, यह गाना भक्ति के साथ-साथ आधुनिक संगीत का अच्छा मिश्रण है, और इसके बोल सरल हिंदी में हैं जिन्हें हर कोई आसानी से समझ सकता है, यह गाना भगवान शिव और गणेश जी के प्रति प्रेम और श्रद्धा को बहुत ही प्यारे अंदाज में पेश करता है।