आवाज़ वॅचिनो के लिरिक्स | Noor Mohammad की आध्यात्मिक आवाज़ में Salim Sulaiman का यह सूफ़ी कलाम। एक मंत्र-सा जपता यह गीत आत्मा को छू लेता है।
Awaaz - Chayni Bartal Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (आवाज़ वॅचिनो)
मह्मूदो दुनिया ज़चय
साथ सात पार इस्तिगफ़ार
कैल समखाव क़यामाएचने
आवाज़ वॅचिनो
छनी बरतल रयेम हा रैची
आवाज़ वॅचिनो
छनी बरतल रयेम हा रैची
आवाज़ वॅचिनो
छनी बरतल
बैल बैली मयी पख यैचे
गैल कैट्या संसारन
बैल बैली मयी पख यैचे
गैल कैट्या संसारन
कुमन सूरतन छम गछान म्याचे
आवाज़ वॅचिनो
कुमन सूरतन छम गछान म्याचे
आवाज़ वॅचिनो
छनी बरतल रयेम हा रैची
केंज़ी बरमे, सारे न्यामाचे
ख्येनी साहिबो, आहम ना ज़ान
केंज़ी बरमे, सारे न्यामाचे
ख्येनी साहिबो, आहम ना ज़ान
अद नाव प्यॉम, लालय माचे
आवाज़ वॅचिनो
अद नाव प्यॉम, लालय माचे
आवाज़ वॅचिनो
छनी बरतल रयेम हा रैची
आवाज़ वॅचिनो
आवाज़ वॅचिनो, आवाज़ वॅचिनो
👉 In Romanized - Awaaz - Chayni Bartal Lyrics
गीतकार: महमूद गामी
About Awaaz - Chayni Bartal (आवाज़ वॅचिनो) Song
यह गाना "आवाज़ वॅचिनो" है, जिसे original में "Awaaz (Chayni Bartal)" के नाम से भी जाना जाता है, यह गाना Merchant Records के तहत release हुआ है, और इसमें music की जादूगरी Salim Sulaiman ने की है, जबकि vocals में Noor Mohammad की आवाज़ है, composition Ghulam Hassan Sofi का है, और additional composition व music co-production Raj Pandit ने संभाला है, lyrics Mahmood Gami द्वारा लिखे गए हैं, जो गहरी भावनाओं और spiritual विचारों से भरे हुए हैं।
गाने के lyrics में "छनी बरतल रयेम हा रैची, आवाज़ वॅचिनो" जैसे lines बार-बार repeat होते हैं, जो एक तरह का mantra या जाप लगते हैं, और यह आवाज़ या voice की ताकत को दर्शाते हैं, lyrics में दुनिया (संसार) से मोहभंग, इस्तिग़फार (resignation) की भावना, और कयामत (judgment day) का जिक्र है, जैसे "साथ सात पार इस्तिग़फार, कैल समखाव क़यामाएचने", यह शायद एक आध्यात्मिक यात्रा या आत्म-सजगता की खोज को बयां करता है।
आगे के हिस्से में, "बैल बैली मयी पख यैचे, गैल कैट्या संसारन" जैसे lines समाज या दुनिया की चर्चा करते हुए लगते हैं, फिर "कुमन सूरतन छम गछान म्याचे" में शायद अलग-अलग चेहरों या हालात का जिक्र है, और "ख्येनी साहिबो, आहम ना ज़ान" जैसे शब्द भगवान या ईश्वर से जुड़ी विनम्रता दिखाते हैं, पूरा गाना अपनी लय और दोहराव के साथ एक contemplative mood बनाता है, जो श्रोता को सोचने पर मजबूर कर देता है।