हर हर शम्भो लिरिक्स (Har Har Shambho Lyrics in Hindi) – Utkarsh Wankhede | Salim Sulaiman Music

हर हर शम्भो के भक्ति गीत के बोल | Utkarsh Wankhede की मधुर आवाज़ में। Salim Sulaiman का संगीत। भोलेनाथ को समर्पित यह गीत मन को शांति और सुकून देता है।

Har Har Shambho Song Poster from Salim Sulaiman Music

Har Har Shambho Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (हर हर शम्भो)

बैरागी सा मन हुआ मेरा,
हर हर शम्भो, (शम्भो)
पाया खुद को जब हुआ तेरा,
हर हर शम्भो, (शम्भो)

जन्मों का रिश्ता हुआ गहरा,
हर हर शम्भो, (शम्भो)
पाया खुद को जब हुआ तेरा,
हर हर शम्भो, (शम्भो)

जो शिव का हुआ,
वो फिर किसी का कहाँ
मैं फूलों की तरह,
तेरे चरणों में सजा

बैरागी सा मन हुआ मेरा,
हर हर शम्भो,
पाया खुद को जब हुआ तेरा,
हर हर शम्भो

बड़ी देर से ही सही,
शिव तत्व जागा अभी

मैं स्वयं को त्यागे,
तेरा हाथ थामे,
तेरे ध्यान में हूँ सदा

बैरागी सा मन हुआ मेरा,
हर हर शम्भो...
पाया खुद को जब हुआ तेरा,
हर हर शम्भो, (शम्भो)

जन्मों का रिश्ता हुआ गहरा,
हर हर शम्भो, (शम्भो)
पाया खुद को जब हुआ तेरा,
हर हर शम्भो, (शम्भो)

बैरागी मन हुआ मेरा,
मेरे शम्भो
जो शिव का हुआ,
वो फिर किसी का कहाँ
मैं फूलों की तरह,
तेरे चरणों में सजा

बैरागी सा मन हुआ मेरा,
हर हर शम्भो, (शम्भो)
पाया खुद को जब हुआ तेरा,
हर हर शम्भो, (शम्भो)

गीतकार: श्रद्धा पंडित


About Har Har Shambho (हर हर शम्भो) Song

यह गाना "हर हर शम्भो" एक भक्ति गीत है जो भगवान शिव को समर्पित है, इसका संगीत Salim Sulaiman ने तैयार किया है और गायक Utkarsh Wankhede हैं, lyrics Shraddha Pandit द्वारा लिखे गए हैं और यह Salim Sulaiman Music लेबल पर उपलब्ध है। 
गीत की शुरुआत "बैरागी सा मन हुआ मेरा" से होती है, जो एक साधक के मन की शांति और भगवान शिव के प्रति समर्पण को दर्शाती है, "हर हर शम्भो" का जाप भक्ति भाव को और गहरा करता है, गीत में बार-बार दोहराया गया है कि जब व्यक्ति खुद को भगवान के साथ जोड़ लेता है तो उसे अपने असली स्वरूप का पता चलता है। 

गीत आगे कहता है "जन्मों का रिश्ता हुआ गहरा", यानी भक्त और भगवान का रिश्ता कई जन्मों पुराना है, फिर पंक्तियाँ "जो शिव का हुआ, वो फिर किसी का कहाँ" आती हैं, जो यह बताती हैं कि जो एक बार शिव का हो जाता है वह पूरी तरह से समर्पित हो जाता है, गीत में स्वयं को फूल के रूप में भगवान के चरणों में अर्पित करने की भावना है, साथ ही "बड़ी देर से ही सही, शिव तत्व जागा अभी" जैसी पंक्तियाँ आत्म-जागरण और आध्यात्मिक खोज को दर्शाती हैं। 

अंत में, गीत भक्ति और समर्पण के भाव पर केंद्रित है, जहाँ गायक खुद को त्यागकर भगवान के हाथों में सुरक्षित महसूस करता है, और "तेरे ध्यान में हूँ सदा" कहकर निरंतर भक्ति का संकल्प दोहराता है, यह गाना सुनने वालों को शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा देता है, और इसकी मधुर धुन व गहरे lyrics हर किसी को भक्ति में डुबो देते हैं।