मौला अमीर मेरा - ईद-ए-ग़दीर स्पेशल लिरिक्स (Maula Ameer Mera - Eid E Ghadeer Special Lyrics in Hindi) – Imran Abidi, Salim Merchant | Salim Sulaiman Music

मौला अमीर मेरा के बोल | ईद-ए-ग़दीर का खास भक्ति गीत। Imran Abidi और Salim Merchant की आवाज़ों में मौला की महिमा। दिल में मोहब्बत के दीप जलाएँ।

Maula Ameer Mera - Eid E Ghadeer Special Song Poster from Salim Sulaiman Music

Maula Ameer Mera - Eid E Ghadeer Special Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (मौला अमीर मेरा - ईद-ए-ग़दीर स्पेशल)

मौला अमीर मेरा, मौला अमीर मेरा 
मौला अमीर मेरा, मौला अमीर है 
मौला अमीर मेरा, मौला अमीर मेरा 
मौला अमीर मेरा, मौला अमीर है 

राजा भी इसके दर का 
अदना फकीर है 
मौला अमीर मेरा, मौला अमीर मेरा 
मौला अमीर मेरा, मौला अमीर है 

मरहब को इसने ऐसे पछाड़ा 
हिम्मत ना हारा, हिम्मत ना हारा, 
हिम्मत ना हारा ऐसा वीरों का वीर है 
मौला अमीर मेरा, मौला अमीर मेरा 
मौला अमीर मेरा, मौला अमीर है 

दिल में मवद्दत के दीप जलाओ 
खुशियां मनाओ, खुशियां मनाओ, 
खुशियां मनाओ क्यूंकि ईद-ए-ग़दीर है 
मौला अमीर मेरा, मौला अमीर मेरा 
मौला अमीर मेरा, मौला अमीर है 

कौम में नबी बोले समझो अली को 
पहचानो देखो, पहचानो देखो 
पहचानो देखो यही मेरा वज़ीर है 
मौला अमीर मेरा, मौला अमीर मेरा 
मौला अमीर मेरा, मौला अमीर है 
मौला अमीर मेरा, मौला अमीर मेरा 
मौला अमीर मेरा, मौला अमीर है...!

👉 In Romanized - Maula Ameer Mera - Eid E Ghadeer Special Lyrics

गीतकार: ज़ाहिद नौगनवी


About Maula Ameer Mera - Eid E Ghadeer Special (मौला अमीर मेरा - ईद-ए-ग़दीर स्पेशल) Song

यह गाना "Maula Ameer Mera (Eid E Ghadeer Special)" एक विशेष ईद-ए-ग़दीर गीत है, जो भक्ति और उत्साह से भरा हुआ है, इस गीत में बार-बार "मौला अमीर मेरा" का उच्चारण करके यह बताया गया है कि मौला ही सच्चा अमीर और स्वामी है, चाहे कोई राजा हो या गरीब, सब उसी के दरबार में हैं, गीत के क्रेडिट्स में Music produced by Salim Sulaiman और Music composed by Imran Abidi है, जबकि Singers Imran Abibi और Salim Merchant हैं, Music Co-Produced by Raj Pandit और Lyrics Zahid Nauganwi द्वारा लिखे गए हैं, Backing Vocals में Keshav Anand, Raj Pandit, Shivansh Jindal का योगदान है और Music Label Merchant Records है।

गीत की लाइन्स में कहा गया है कि मौला ने हिम्मत नहीं हारी और वह वीरों का भी वीर है, दिल में मोहब्बत के दीप जलाकर खुशियाँ मनाने का संदेश दिया गया है, क्योंकि यह ईद-ए-ग़दीर का पवित्र दिन है, गीत आगे बताता है कि नबी ने अली को पहचानने और समझने की बात कही है, और यही उनका वज़ीर है, यह गीत भक्ति, पहचान और उत्सव के भावों को मिलाकर एक प्रेरणादायक संदेश देता है, जो सुनने वालों के दिल को छू लेता है।