महसूस गाने के बोल | Sageesh Bhandari का गहरा भावुक गीत। एक ऐसा प्यार जहाँ बिना कुछ कहे ही हर एहसास 'महसूस' हो जाता है। Salim Sulaiman Music पर उपलब्ध।
Mehsoos Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (महसूस)
रात को चाँद तले,
तेरे अश्क़ों ने कहा कुछ मुझसे
रात को चाँद तले,
तेरे अश्क़ों ने कहा कुछ मुझसे
कल से हैं दूरियाँ,
और फ़ासले
आज को चल हम मना लें
मुझे तेरी बात महसूस हुई है
मुझे तेरी बात महसूस हुई है
मुझे तेरी बात महसूस हुई है
मुझे तेरी बात महसूस हुई है
ना लफ़्ज़ हैं ना बातें,
बस तू है, बस मैं हूँ और ये रातें
वक़्त से बेख़बर,
ना किसी की फ़िक्र
कल से दो राहें, दो सफ़र
मुझे तेरी बात महसूस हुई है
मुझे तेरी बात महसूस हुई है
मुझे तेरी बात महसूस हुई है
मुझे तेरी बात महसूस हुई है
पलकों पे बिठा के,
तुझे रखना है जहाँ में
फिर जाने कब होंगी
ऐसी मुलाक़ातें
हम हैं दो राही,
इस दुनिया के सफ़र में
हम पे जाने कितनी हैं बंदिशें
मुझे तेरी बात महसूस हुई है
मुझे तेरी बात महसूस हुई है
मुझे तेरी बात महसूस हुई है
मुझे तेरी बात महसूस हुई है...!
गीतकार: सगीश भंडारी
About Mehsoos (महसूस) Song
यह गाना "महसूस" है, जो एक भावनात्मक और गहरा प्यार भरा गीत है। इसमें मुख्य रूप से दो लोगों के बीच की नज़दीकी और उनके अहसासों की बात की गई है। गाने के lyrics शुरू होते हैं "रात को चाँद तले, तेरे अश्क़ों ने कहा कुछ मुझसे", जो एक रात के शांत माहौल और आँसुओं के ज़रिए दिल की बात कहने का एहसास दिलाते हैं। यहाँ पर दूरियाँ और फ़ासलों का ज़िक्र है, लेकिन साथ ही आज के पल को मनाने की इच्छा भी है, जैसे "आज को चल हम मना लें"। गाने का मुख्य भाग "मुझे तेरी बात महसूस हुई है" बार-बार दोहराया गया है, जो इस बात को दर्शाता है कि प्रेमी ने अपने साथी की भावनाओं को गहराई से समझ लिया है, बिना शब्दों के भी।
गाने में आगे कहा गया है कि यहाँ ना तो लफ़्ज़ हैं ना ही बातें, बस दो लोग और ये रातें हैं, जैसे "बस तू है, बस मैं हूँ और ये रातें"। यहाँ वक़्त की चिंता नहीं है और ना ही किसी और की फ़िक्र, बल्कि सिर्फ़ वर्तमान पल में जीने का एहसास है। lyrics में "कल से दो राहें, दो सफ़र" का मतलब है कि आने वाला कल अलग-अलग रास्ते लेकर आ सकता है, लेकिन आज का यह पल एक साथ है। गाने की धुन और आवाज़ Sageesh Bhandari की है, जिन्होंने इसे लिखा और गाया भी है, साथ ही इसमें Srishhti Bhitrikothiy के additional vocals हैं, जो गाने को और भी मधुर बनाते हैं।
अंत में, गाने में एक सुंदर ख़्वाहिश जताई गई है, "पलकों पे बिठा के, तुझे रखना है जहाँ में", यानी अपने प्रिय को हमेशा अपने सबसे करीब रखने की चाहत। फिर यह सवाल उठता है कि ऐसी मुलाक़ातें फिर कब होंगी, क्योंकि दुनिया के सफ़र में कई बंदिशें हैं, जैसे "हम पे जाने कितनी हैं बंदिशें"। गाना Salim Sulaiman Music पर उपलब्ध है, और इसमें Sageesh Bhandari, Naman Khanna, Himani Rawat, और Sonam Bisht ने अभिनय किया है। mix और master Dpon Dash ने किया है, जिससे गाने की quality बहुत अच्छी बनी है। overall, यह गाना प्यार, समझ और वर्तमान पल की ख़ूबसूरती को दर्शाता है, जो listeners को भावनात्मक रूप से जोड़ता है।