ओ राही गाने के बोल | Nikhil Iyer का प्रेरणादायक और ऊर्जावान एंथम। "थोड़े हौसले और हासिल मंज़िलें" - जीवन के सफर में आगे बढ़ने का संदेश। पूरे लिरिक्स पढ़ें।
O Raahi Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (ओ राही)
थोड़ी मुश्किलें और थोड़े फ़ासले
थोड़े हौसले और हासिल मंज़िलें
तू वक़्त की क़द्र कर
हर मोड़ पे सब्र कर
मंज़िल की ना फ़िक्र कर
राही चल
तू अतीत का ग़म ना कर
तू आज का जश्न कर
एक ढूंढ ले हमसफ़र
राही चल
तू अपनी धुन में चल
ढूंढ अपना तू ही हल
वक़्त तेरा होगा कल
ओ राही आगे निकल
रास्ते ना है सरल
चाल अपनी तू बदल
दौड़ अब ना तू टहल
ओ राही आगे निकल
ना रुकना आगे बढ़ना
शुरू ख़ुद से ही तू करना
कर पहल
ओ राही कर पहल
अब जोश हो दिल के अंदर
और डर को तू दफ़न कर
कर पहल
ओ राही कर पहल
चलना तुझे है उम्र भर
क्यूँ रास्तों की फ़िक्र?
अब लक्ष्य है हर मोड़ पर
राही चल
तू अपनी धुन में चल
ढूंढ अपना तू ही हल
वक़्त तेरा होगा कल
ओ राही आगे निकल
रास्ते ना है सरल
चाल अपनी तू बदल
दौड़ अब ना तू टहल
ओ राही आगे निकल
गीतकार: जयश्री अम्बास्कर
About O Raahi (ओ राही) Song
यह गाना "ओ राही" एक प्रेरणादायक और उत्साह भरा ट्रैक है, जो सीधे दिल से बात करता है। इसे Nikhil Iyer ने गाया और कम्पोज़ किया है, जबकि lyrics Jayashree Ambaskar द्वारा लिखे गए हैं, और यह Merchant Records, Global Music Junction, Warner Music India और Salim Sulaiman Music के सहयोग से रिलीज़ हुआ है। गाने के बोल एक यात्री यानी "राही" को संबोधित हैं, जिसे जीवन की चुनौतियों और लंबी दूरियों के बावजूद आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। शुरुआत में ही बोल कहते हैं - "थोड़ी मुश्किलें और थोड़े फ़ासले, थोड़े हौसले और हासिल मंज़िलें", यानी जीवन में थोड़ी कठिनाइयाँ और दूरियाँ हैं, लेकिन थोड़े साहस से मंज़िलें हासिल हो सकती हैं। यह गाना सिखाता है कि वक़्त की क़द्र करो, हर मोड़ पर सब्र रखो, और मंज़िल की चिंता छोड़कर बस चलते रहो, क्योंकि रास्ता ही असली सफर है।
गाना आगे बढ़कर एक गहरी जीवन दर्शन की बात करता है, इसमें कहा गया है कि अतीत के दुखों को याद करके समय बर्बाद न करो, बल्कि आज का जश्न मनाओ और एक अच्छा हमसफ़र ढूंढो। फिर यह आत्मनिर्भरता का संदेश देता है - "तू अपनी धुन में चल, ढूंढ अपना तू ही हल", यानी अपने रास्ते पर दृढ़ता से चलो और अपनी समस्याओं का समाधान खुद ढूंढो, क्योंकि आने वाला कल तुम्हारा ही होगा। गाने का रिफ़्रेन "ओ राही आगे निकल" लगातार प्रेरित करता है, यह बताता है कि रास्ते आसान नहीं हैं, इसलिए अपनी चाल बदलो, अब दौड़ लगाओ, टहलना बंद करो, और आगे निकल जाओ, क्योंकि जीवन एक निरंतर यात्रा है।
अंतिम भाग में गाना एक क्रियाशील आह्वान करता है, इसमें कहा गया है - "ना रुकना आगे बढ़ना, शुरू ख़ुद से ही तू करना, कर पहल"। यह सलाह देता है कि दिल के अंदर जोश भरो, डर को दफ़न करो, और पहल करो, क्योंकि तुम्हें उम्र भर चलना है, फिर रास्तों की चिंता क्यों? हर मोड़ पर अपना एक लक्ष्य बनाओ, और बस चलते रहो। संक्षेप में, "ओ राही" गाना एक सकारात्मक और ऊर्जावान एंथम है, जो हर सुनने वाले को जीवन की दौड़ में लगातार प्रयास करने, खुद पर विश्वास रखने, और हर चुनौती का सामना करने की प्रेरणा देता है, यह बताता है कि सफर खुद मंज़िल है, और राही को बस चलते रहना है।