रो लेण दे के लिरिक्स | दर्द और टूटन से भरा ये गीत Sahil Shaikh की आवाज़ में। "टूट्या मैं तों टूट्या, आज जुड़ना नहीं मैं" – इस मार्मिक गाने के बोल पढ़ें और महसूस करें।
Ro Lein De Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (रो लेण दे)
टूट्या मैं तों टूट्या, आज जुड़ना नहीं मैं,
गिर्या मैं तों गिर्या, फिर उड़ना नहीं मैं।
टूट्या मैं तों टूट्या, आज जुड़ना नहीं मैं,
गिर्या मैं तों गिर्या, फिर उड़ना नहीं मैं।
रब्बा तू वेखी ना मेरी तबाही,
कीती मैं सुनिए ना मेरी दुहाई,
राख तू आज मेनू रो लेण दे...
रो लेण दे, आज रो लेण दे,
रो लेण दे, आज रो लेण दे।
जिस्म दी तबाही,
अज्ज हंजुआँ दी बारिश,
हंजुआँ दी बारिश, अज्ज हो लेण दे,
रो लेण दे, आज रो लेण दे,
रो लेण दे, आज रो लेण दे।
रो लेण दे, आज रो लेण दे,
रो लेण दे, आज रो लेण दे।
अश्क-वश्क गिर के नैना सूखदे गए,
दर्द-दर्द करके ज़ख्म भरदे गए,
पर दिल नूं सुकून ना, रूह नूं रिहाई ना।
फ़र्ज़-फ़र्ज़ करके मैं तां मरदा गया,
मर्ज़-मर्ज़ करके दिल रोंदा रह्या,
पर दिल नूं सुकून ना, रूह नूं रिहाई ना।
माना तू देती किस गुनाह दी सज़ा,
कख नहीं मैं, आके देख कीमती वफ़ा,
मौत नूं आज मेनू तोल लेण दे।
रो लेण दे, आज रो लेण दे,
रो लेण दे, आज रो लेण दे।
जिस्म दी तबाही,
अज्ज हंजुआँ दी बारिश,
हंजुआँ दी बारिश, अज्ज हो लेण दे,
रो लेण दे, आज रो लेण दे,
रो लेण दे, आज रो लेण दे।
रो लेण दे, आज रो लेण दे,
रो लेण दे, आज रो लेण दे।
हो गैरां ते मेरी हुण कोई लड़ाई ना,
चढ़ता मैं खुद नूं खुदा हुण,
कुछ वी बचाई ना,
जीणा मैं भूल्या पर,
मौत मेनू आई ना,
किसे दा रहा नहीं मैं,
बची ए खुदाई ना।
रो लेण दे, आज रो लेण दे,
रो लेण दे, आज रो लेण दे।
रो लेण दे, आज रो लेण दे,
रो लेण दे, आज रो लेण दे।
👉 In Romanized - Ro Lein De Lyrics
गीतकार: ज्योति भिगनिया, शिवकुमार राणा
About Ro Lein De (रो लेण दे) Song
यह गाना "Ro Lein De" एक गहरी भावनात्मक कहानी सुनाता है, जिसमें Singer Sahil Shaikh की आवाज़ दर्द और टूटन को बहुत खूबसूरती से व्यक्त करती है। यह गाना Composed by Shivkumar Rana ने तैयार किया है और इसके Lyrics Jyoti Bhiganiya और Shivkumar Rana ने लिखे हैं, Music Label Merchant Records के अंतर्गत यह रिलीज़ हुआ है। गाने के बोल "टूट्या मैं तों टूट्या, आज जुड़ना नहीं मैं, गिर्या मैं तों गिर्या, फिर उड़ना नहीं मैं" से शुरू होते हैं, जो एक टूटे हुए इंसान की मानसिक स्थिति दिखाते हैं, जो खुद को फिर से जोड़ पाने या उठ खड़े हो पाने में असमर्थ महसूस कर रहा है।
गाने की कहानी आगे बढ़ती है, जहाँ गायक रब से अपनी तबाही न देखने की गुहार लगाता है, और खुलकर रो लेने की इजाज़त माँगता है, "रब्बा तू वेखी ना मेरी तबाही, कीती मैं सुनिए ना मेरी दुहाई, राख तू आज मेनू रो लेण दे"। यहाँ "जिस्म दी तबाही" और "हंजुआँ दी बारिश" जैसे शब्द शारीरिक और आंतरिक पीड़ा को चित्रित करते हैं, जैसे आँसुओं की बारिश से ही दिल का बोझ हल्का हो सकता है। गाने में दर्द की गहराई को "अश्क-वश्क गिर के नैना सूखदे गए, दर्द-दर्द करके ज़ख्म भरदे गए" जैसी पंक्तियों से दिखाया गया है, जहाँ आँसू सूख गए हैं और ज़ख्म भर गए हैं, लेकिन दिल को सुकून और रूह को रिहाई नहीं मिली।
आखिरी हिस्से में, गायक जीवन से थकावट और उदासी की चरम सीमा व्यक्त करता है, "हो गैरां ते मेरी हुण कोई लड़ाई ना, चढ़ता मैं खुद नूं खुदा हुण, कुछ वी बचाई ना", यह दर्शाता है कि अब न बाहरी लड़ाई बची है, न ही खुद को बचाने की ताकत। गाना "Ro Lein De" इस तरह एक सफर दिखाता है - टूटन से लेकर, दर्द की स्वीकार्यता, और अंत में भावनाओं को बहने देने की गुहार तक, जो इसे एक मार्मिक और यादगार धुन बनाता है।