शिवाय शिव लिरिक्स (Shivaay Shiv Lyrics in Hindi) – Arnoub Roy | Salim Sulaiman Music

शिवाय शिव के बोल | Arnoub Roy की आवाज़ में भोलेनाथ की भक्ति। शिव तांडव और करुणा का संगम। ओंकार स्वरूप महादेव के ये लिरिक्स पढ़ें और पावन हों।

Shivaay Shiv Song Poster from Salim Sulaiman Music

Shivaay Shiv Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (शिवाय शिव)

त्रिलोकों में हो विशेष, 
शिवाय शिव ओंकारा, 
शिवाय शिव ओंकारा 
तुम हो करुणा के भेष, 
शिवाय शिव ओंकारा, 
शिवाय शिव ओंकारा 

पर हो न कोई संदेह, 
हो तुम ही 
हो प्रचंड, हो शेष, 
शिवाय शिव ओंकारा, 
शिवाय शिव ओंकारा 

तुम भक्ति-प्रेम संदेश, 
शिवाय शिव ओंकारा, 
शिवाय शिव ओंकारा 

ॐकारा.., ॐकारा.., ॐकारा.. 

पार्वती संग प्रेम रचाए, 
भोले शंकर ओंकारा 
प्रेम तत्व से मन को भाए, 
तीनों लोक कर उजियारा 

भक्तों के सब तुम ही हो बस, 
नीलकंठ शिव ओंकारा 
शिव हो तुम ही, तुम संसार हो, 
गौरीपति शिव ओंकारा 

जब हो न कोई अवशेष, 
शिवाय शिव ओंकारा, 
शिवाय शिव ओंकारा 
जपते ही रहे हर देश, 
शिवाय शिव ओंकारा, 
शिवाय शिव ओंकारा 

कर्पूर गौरं करुणावतारं 
संसार सारं भुजगेन्द्र हारं 
सदा वसन्तं हृदयारविन्दे 
भवं भवानी सहितं नमामि 
भवं भवानी सहितं नमामि 
भवं भवानी सहितं नमामि..!

👉 In Romanized - Shivaay Shiv Lyrics

गीतकार: अर्नौब रॉय


About Shivaay Shiv (शिवाय शिव) Song

यह गाना "शिवाय शिव" एक भक्ति गीत है जो भगवान शिव को समर्पित है, इसका शीर्षक और मुख्य मंत्र "शिवाय शिव ओंकारा" बार-बार दोहराया गया है, जो शिव की महिमा और ओंकार (ॐ) के पवित्र स्वरूप को दर्शाता है। गीत के क्रेडिट्स के अनुसार, इसे Arnoub Roy ने लिखा, संगीतबद्ध किया और गाया है, Sunny Karmakar ने म्यूजिक प्रोड्यूस किया है और Merchant Records इसका म्यूजिक लेबल है। गीत की शुरुआत में, शिव को त्रिलोक (तीनों लोकों) में विशेष बताया गया है, और करुणा का स्वरूप कहा गया है, साथ ही यह संदेश दिया गया है कि शिव प्रचंड और शेष (अनंत) हैं, और भक्ति व प्रेम का संदेश देते हैं। 

गीत के बोल में, शिव और पार्वती के प्रेम का वर्णन है, जहाँ भोले शंकर ने पार्वती के साथ प्रेम रचाया और उनके प्रेम ने तीनों लोकों को उजियारा (प्रकाशमय) किया। शिव को भक्तों का आधार बताया गया है, नीलकंठ और गौरीपति (पार्वती के पति) के रूप में पूजा जाता है, और कहा गया है कि शिव ही संसार हैं, जिनका नाम हर देश में जपा जाता है। गीत के अंत में, एक संस्कृत मंत्र "कर्पूर गौरं..." शामिल है, जो शिव और पार्वती (भवानी) को एक साथ नमन करता है, और यह मंत्र गीत की भक्ति भावना को और गहरा बनाता है। 

कुल मिलाकर, यह गाना शिव की महानता, उनके प्रेम और करुणा पर केंद्रित है, जिसमें आसान हिंदी और अंग्रेजी नामों का मिश्रण है, ताकि हर कोई इसे आसानी से समझ सके, और यह एक शांतिमय व आध्यात्मिक अनुभव देता है, जो भक्तों के लिए प्रेरणादायक है।