आजा पिया लिरिक्स (Aaja Piya Lyrics in Hindi) – Surabhi Kashyap | Saregama Hum Bhojpuri

आजा पिया के भावुक बिरहा बोल – Surabhi Kashyap की मधुर आवाज़ में एक प्रेमिका की प्रतीक्षा और बेचैनी। नींद ना आए, मन ना लागे, बस पिया की याद सताए। पायलिया बुलावती हैं, राहें तकती हैं – आओ पिया आजा। भोजपुरी लोक संगीत का अनोखा मिश्रण। पढ़ें पूरे लिरिक्स और महसूस करें प्यार की गहराई।

Aaja Piya Song Poster from Saregama Hum Bhojpuri

Aaja Piya Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (आजा पिया)

मिले ना रेस्ट पिया, होता स्ट्रेस पिया
घरवा के काम में भी
लागे ना ही तनी जिया

हाय जादू भरल अंखियां
हमरा के सतावता
आजा ए पिया आजा,
पायलिया बुलावता
आजा ए पिया आजा,
पायलिया बुलावता
आजा ए पिया आजा

मन नहीं लागे हमरा घरवा के काम में
जरा उदास होई जाला रोज शाम में
छतवा पे जाके राहियां निहारी
देख जब कागा हम देवे लागे गारी

कनवा के बाली हमके
अब त ना सुनावता
आजा ए पिया आजा
तोहे कंगना बुलावता
आजा ए पिया आजा
तोहे कंगना बुलावता
आजा ए पिया आजा

होई जाला भोर पिया, 
लागे ना कहीं जिया
दिल में नहीं आके 
जारता रोजे दिया

आपन बनाला हमके 
छोड़ा मत साथ हो 
अपना सजनियां के 
धइले रहा हाथ हो

खिड़की पे तोहर आहट 
हमरा के जगावता
आजा ए पिया आजा,
पायलिया बुलावता
आजा ए पिया आजा,
पायलिया बुलावता
आजा ए पिया आजा

👉 In Romanized - Aaja Piya Lyrics

गीतकार: अतुल कुमार राय


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About Aaja Piya (आजा पिया) Song

यहाँ पर गीत **"आजा पिया"** के बारे में जानकारी दी जा रही है। यह गीत **Surabhi Kashyap** ने गाया है, और इसके बोल **Atul Kumar Rai** ने लिखे हैं। संगीत **Madhukar Anand** और **Khayyam** ने दिया है, और इसे **Saregama Hum Bhojpuri** लेबल ने रिलीज़ किया है। यह गीत एक प्रेमिका की व्यथा और बेचैनी को दिखाता है, जो अपने प्रियतम की प्रतीक्षा में है।

गीत के बोल में वह कहती है कि उसे "rest" नहीं मिलता और "stress" होता है, क्योंकि घर के काम में भी उसका मन नहीं लगता। वह अपने प्रियतम से कहती है, "आजा ए पिया आजा", और पायलिया बुलावती हैं। वह बताती है कि उसकी अंखियां (आँखें) जादू भरी हैं और उसे सताती हैं। शाम को वह उदास हो जाती है और छत पर जाके राहें तकती है, काग (कौवा) को देखकर गाली देने लगती है क्योंकि उसका प्रियतम नहीं आ रहा। वह कंगना (कंगन) को भी बुलाने के लिए कहती है कि वह आवाज़ दे।

अगले भाग में वह कहती है कि "होई जाला भोर पिया, लागे ना कहीं जिया" — यानी सुबह होने वाली है, लेकिन उसका जी कहीं नहीं लगता। दिल में न आने की वजह से वह रोज़ दिया जलाती है। वह प्रियतम से विनती करती है कि उसे अपना बनाकर मत छोड़ो, और अपनी सजनियाँ (प्रेमिका) का हाथ थामे रहो। खिड़की पर उसकी आहट उसे जगाती है, और फिर वह गीत दोहराती है, "आजा ए पिया आजा, पायलिया बुलावता"।

यह गीत बिरहा, प्रेम और प्रतीक्षा की भावनाओं को बहुत खूबसूरती से दर्शाता है। **Surabhi Kashyap** की आवाज़ में एक गहरी उदासी और लालसा है, जबकि **Atul Kumar Rai** के बोल सरल लेकिन प्रभावशाली हैं। संगीत **Madhukar Anand** और **Khayyam** का इसे एक भोजपुरी लोक और आधुनिक मिश्रण देता है, जो सुनने में बहुत मनोरम लगता है। यह गीत खासतौर पर उन लोगों के लिए है जो प्रेम और विरह के भावनात्मक गीत पसंद करते हैं।