मन मर्ज़ी लिरिक्स (Mann Marzi Lyrics in Hindi) – Ezendia | Sunshine Music

मन मर्ज़ी के एनर्जेटिक बोल – Ezendia की आवाज़ में बेफिक्री और आज़ादी का एंथम। जहाँ मर्ज़ी वहाँ चलने को तैयार – पढ़ें लिरिक्स।

Mann Marzi Song Poster from Sunshine Music

Mann Marzi Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (मन मर्ज़ी)

मुझे ख़ुद न पता है, 
मुझे जाना है कहाँ, 
जहाँ मर्ज़ी हो वहीं हैं चले! 
हे लिसन टू मी ड्यूड, 
जब जहाँ का हो मूड, 
बस उसी पल, वहाँ निकले! 

मुझे रुकना ना मंज़ूर, 
मुझे झुकना ना मंज़ूर, 
मेरे यार तू, जान भी ले! 
मेरा अतरंगी फ़ितूर, 
इसमें मेरा ना कुसूर, 
बाय गॉड यक़ीन कर ले! 

मनमर्ज़ी जो कर ली थोड़ी, 
सब बोलें बौरा गई छोरी! 
हे.. मनमर्ज़ी जो कर ली थोड़ी, 
सब बोलें बौरा गई छोरी! 

सपनों से तेज़ है, दौड़ रही, 
क्रेज़ी गाड़ी मेरी ख़्वाहिशों की, 
अरे मिलना है जो, जल्दी से मिले, 
बेसब्र भी हूँ , ज़रा सी! 

ऐंवें करना इंतज़ार, 
मुझे जमता नहीं यार, 
मुझे चाँद पे घर चाहिए! 
थोड़ी ज़्यादा हो रफ़्तार, 
थोड़ा-थोड़ा हो ख़ुमार, 
मुझे ऐसा सफ़र चाहिए! 

मनमर्ज़ी जो कर ली थोड़ी, 
सब बोलें बौरा गई छोरी! 
हो.. मनमर्ज़ी जो कर ली थोड़ी, 
अरे रे सब बोलें बौरा गई छोरी! 
मनमर्ज़ी जो कर ली थोड़ी, 
सब बोलें बौरा गई छोरी! 
हे ए मनमर्ज़ी जो कर ली थोड़ी, 
सब बोलें बौरा गई छोरी! 

नख़रेली या कहे बावरी, 
कोई मुझे किसी की नहीं परवाह! 
कहने दे जो कहे पगली मुझे, 
पड़े फ़र्क नहीं, ज़रा सा! 

बंदी पूरी है बिंदास, 
सब कुछ माँगता है झक्कास, 
ये न बात किसी की सुनती! 
उड़ के छूना है आकाश, 
सूरज रखना अपने पास, 
मैं तो ख़्वाब यही हूँ बुनती! 

मनमर्ज़ी जो कर ली थोड़ी, 
सब बोलें बौरा गई छोरी!

👉 In Romanized - Mann Marzi Lyrics

गीतकार: आलोक रंजन झा


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About Mann Marzi (मन मर्ज़ी) Song

यहाँ पर Mann Marzi गाने के बोल दिए गए हैं, जिसे Ezendia ने अपनी आवाज़ दी है। इस गाने की धुन, संगीत और प्रोग्रामिंग Santosh R Nair ने की है, जबकि शब्द Alok Ranjan Jha ने लिखे हैं। Sunshine Music इस गाने का लेबल है और यह एक ऊर्जावान, स्वतंत्रता-प्रेमी ट्रैक है। 

गाने की शुरुआत होती है "मुझे ख़ुद न पता है, मुझे जाना है कहाँ" से, जो एक भटकती हुई आत्मा की कहानी कहता है। नायक या नायिका कहती है कि उसे पता नहीं कहाँ जाना है, बस जहाँ मर्ज़ी हो वहाँ चलने को तैयार है। "हे लिसन टू मी ड्यूड" जैसे अंग्रेज़ी शब्दों को मिलाकर, यह गाना आज की युवा पीढ़ी की बेफिक्री और मस्ती भरी ज़िंदगी को दर्शाता है। यहाँ कोई रुकना नहीं चाहता, कोई झुकना नहीं चाहता — बस अपनी मर्ज़ी से जीना है। 

इसके बाद "मनमर्ज़ी जो कर ली थोड़ी, सब बोलें बौरा गई छोरी" लाइन आती है, जो समाज के तानों को नज़रअंदाज़ करने का संदेश देती है। गाने का मिजाज़ बहुत तेज़ है, जैसे "सपनों से तेज़ है, दौड़ रही, क्रेज़ी गाड़ी मेरी ख़्वाहिशों की" — यह इच्छाओं की पागल गाड़ी है जो तेज़ी से दौड़ती है। चाँद पर घर चाहिए, रफ़्तार चाहिए, ख़ुमार चाहिए — ये लाइनें एक बेचैन दिल की बातें हैं, जो हर पल कुछ नया चाहता है। 

आखिर में "नख़रेली या कहे बावरी" और "बंदी पूरी है बिंदास" जैसे शब्द बताते हैं कि यह एक स्वतंत्र, मस्तमौला और बेपरवाह इंसान की कहानी है, जो किसी की परवाह नहीं करता और अपने सपने पूरे करने में लगा है। पूरा गाना एक एंथम की तरह है जो 'जीने दो जैसे भी हो' का मैसेज देता है, बिल्कुल सरल और मज़ेदार अंदाज़ में।