नी मैं कमली लिरिक्स (Ni Main Kamli Lyrics in Hindi) – Divya Kumar | Sunshine Music

नी मैं कमली के सूफी बोल – Divya Kumar की आवाज़ में Baba Bulleh Shah का अमर कलाम। प्रेम में पागल होने की दास्तान। पढ़ें लिरिक्स।

Ni Main Kamli Song Poster from Sunshine Music

Ni Main Kamli Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (नी मैं कमली)

नी मैं कमली, नी मैं कमली
नी मैं कमली कमली नी मैं कमली
नी मैं कमली, नी मैं कमली
नी मैं कमली कमली नी मैं कमली
कमली कमली कमली

हाजी लोक मक्के नू जांदे
हाजी लोक मक्के नू जांदे
हाजी लोक मक्के नू जांदे
मेरा रांझा माही मक्का
रांझा माही मक्का
नी मैं कमली हां, नी मैं कमली हां
नी मैं कमली हां
हाजी लोक मक्के नू जांदे
हाजी लोक मक्के नू जांदे

विचे हाजी, विचे गाजी
विचे हाजी, विचे गाजी
विचे चोर उचक्का
विचे चोर उचक्का
विचे हाजी, विचे गाजी,
विचे चोर उचक्का,
नी मैं कमली हां, नी मैं कमली हां
नी मैं कमली हां

मैं ते मंग रांझे दी होइयां
होइयां होइयां होइयां
मैं ते मंग रांझे दी होइयां
मेरा बाबल करदा तबका
मेरा बाबल करदा तबका

मैं ते मंग रांझे दी होइयां
मेरा बाबल करदा तबका
नी मैं कमली हां, नी मैं कमली हां
नी मैं कमली हां
हाजी लोक मक्के नू जांदे
हाजी लोक मक्के नू जांदे

नी मैं कमली, नी मैं कमली
नी मैं कमली कमली नी मैं कमली
नी मैं कमली, नी मैं कमली
नी मैं कमली कमली नी मैं कमली
कमली कमली कमली

👉 In Romanized - Ni Main Kamli Lyrics

गीतकार: ट्रेडिशनल (बाबा बुल्ले शाह)


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About Ni Main Kamli (नी मैं कमली) Song

यह गाना "Ni Main Kamli" (नी मैं कमली) है, जिसे सिंगर Divya Kumar ने अपनी आवाज़ दी है। इसे composer Jaspal Singh ने म्यूज़िक दिया है, और lyrics पंजाबी सूफी संत Baba Bulleh Shah के पारंपरिक कलाम से लिए गए हैं। इस गाने का म्यूज़िक वीडियो Ashita Chellengg और Arin Sharma पर फिल्माया गया है, और इसे म्यूज़िक लेबल Sunshine Music ने रिलीज़ किया है। यह गाना भक्ति और सूफीवाद के मिश्रण के लिए जाना जाता है, जिसमें "कमली" शब्द का मतलब है "पागल" यानी प्रेम या खुदा में डूबा हुआ व्यक्ति।

इस गाने में एक सूफी प्रेम कथा को दर्शाया गया है, जहां नायिका (नायक) कहती है कि वह "कमली" (पागल) है, और 'हाजी लोक मक्के नू जांदे' का मतलब है कि लोग हज करने मक्का जाते हैं, लेकिन उसका रांझा (प्रेमी) खुद मक्का है यानी उसका प्रेमी ही उसकी इबादत का केंद्र है। गाने में 'मैं ते मंग रांझे दी होइयां' का भाव है कि वह रांझा (प्रेमी) के लिए अपना सब कुछ त्यागने को तैयार है, और 'मेरा बाबल करदा तबका' यानी उसके पिता उसे डांटते हैं या रोकते हैं, फिर भी वह अपने प्रेम पर अटल है।

गाने का कोरस "नी मैं कमली, कमली नी मैं कमली" बार-बार दोहराया जाता है, जो उस प्रेम में डूबने की स्थिति को दिखाता है। यह गाना सूफी रिदम, पंजाबी लोक संगीत और भक्ति भावना का संगम है, जिसमें 'विचे हाजी, विचे गाजी, विचे चोर उचक्का' जैसी पंक्तियां समाज में सभी प्रकार के लोगों को एक साथ देखने का संदेश देती हैं — चाहे वह हाजी हों, गाजी हों या चोर, हर कोई अपने प्रेम में बराबर है। अगर आप सूफी संगीत को पसंद करते हैं और Baba Bulleh Shah के कलाम को समझना चाहते हैं, तो यह गाना बिल्कुल सही चुनाव है।