शुभारंभ के भक्ति भरे बोल – गणेश वंदना के साथ नई शुरुआत का आशीर्वाद। Gaurav Bangia की मधुर आवाज़ और Uroovaak का रैप। पढ़ें पूरे लिरिक्स।
Shubhaarambh Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (शुभारंभ)
वक्रतुण्ड महाकाय,
सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव,
सर्वकार्येषु सर्वदा॥
शुभारंभ हो... शुभारंभ
शुभारंभ हो सौभाग्य का!
शुभारंभ!
लंबोदर, शंकर सुत,
वक्रतुण्ड, गणराज,
आए शरण तेरी,
भक्त तेरे देख आज,
बप्पा मोरया!
तू विशाल, सबकी ढाल,
जानता सभी का हाल,
इस जगत को तू संभाल,
जय हो, जय हो, बप्पा मोरया!
अर्जी है मेरी, घर में पधारो,
कृपा करो तुम, हमेशा!
मर्ज़ी से तेरी, चलती है दुनिया,
जग के स्वामी, गणेशा!
शुभारंभ हो... शुभारंभ
शुभारंभ हो सौभाग्य का!
शुभारंभ!
एकदंत, तू अनंत, पूजें तुझको,
साधु-संत, पापियों का, तू है अंत,
कर दया तू, बप्पा मोरया!
बुद्धि-राज, रखियो लाज,
तुझसे शुभ हैं होते काज,
दर पे तेरे ये समाज,
सुन ले सबकी, बप्पा मोरया!
नयन विशाला, तन विकराला,
मुखड़ा चम-चम चमके!
हे गणराया, चलती है दुनिया,
बस तेरे ही दम पे!
॥1॥
घालीं लोटांगण वंदीन चरण ।
डोळयानी पाहीं रूप तुझे ।
प्रेमें आलिंगीन आनंदें पूजीन ।
भावें ओवाळीन म्हणे नाम ॥१॥
॥2॥
त्वमेव माता च पिता त्वमेव ।
त्वमेव बंधुश्च सखा त्वमेव ।
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव ।
त्वमेव सर्वं मम देव देव ॥२॥
॥3॥
कायेन वाचा मनसेंद्रियैर्वा,
बुद्ध्यात्मना वा प्रकृतिस्वभावात् ।
करोमि यद्यत् सकलं परस्मै,
नारायणायेति समर्पयामि ॥३॥
॥4॥
अच्युतं केशवं रामनारायणं,
कृष्णदामोदरं वासुदेवं भजे ।
श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं,
जानकीनायकं रामचंद्र भजे ॥४॥
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे ।
हरे कृष्ण हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।
मोरया रे बाप्पा मोरया रे ॥
मोरया रे बाप्पा मोरया रे ॥
👉 In Romanized - Shubhaarambh Lyrics
गीतकार: आलोक रंजन झा
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About Shubhaarambh (शुभारंभ) Song
यहाँ पर "शुभारंभ" गाने के बारे में जानकारी दी जा रही है। यह एक भक्ति और शुभ अवसरों पर गाया जाने वाला गाना है, जिसे Gaurav Bangia ने गाया है और Uroovaak ने रैप किया है। इसके बोल Alok Ranjan Jha ने लिखे हैं, जबकि संगीत Santosh R Nair ने कंपोज़, अरेंज और प्रोग्राम किया है। यह गाना Sunshine Music लेबल के तहत रिलीज़ हुआ है।
गाने की शुरुआत "वक्रतुण्ड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ" जैसे पारंपरिक संस्कृत श्लोक से होती है, जो भगवान गणेश की स्तुति करता है। इसके बाद "शुभारंभ हो... शुभारंभ" का कोरस आता है, जो सौभाग्य और नई शुरुआत का प्रतीक है। गाने में "बप्पा मोरया" के जयकारे भी हैं, जो गणेश भक्ति में बहुत प्रचलित हैं। इसके अलावा, इसमें "एकदंत", "लंबोदर", "गणराज" जैसे गणेश के कई नामों का उल्लेख है, जो भगवान की महिमा बयान करते हैं।
दूसरे भाग में, गाने में मराठी और संस्कृत के श्लोक भी शामिल हैं, जैसे "घालीं लोटांगण वंदीन चरण" और "त्वमेव माता च पिता त्वमेव"। ये श्लोक भगवान के प्रति समर्पण और प्रार्थना को दर्शाते हैं। अंत में "हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे" और "मोरया रे बाप्पा मोरया रे" के मंत्रोच्चार से गाना समाप्त होता है। यह गाना न केवल भक्ति भावना को जगाता है, बल्कि नई शुरुआत और शुभता का संदेश भी देता है।