बरसात लिरिक्स (Barsaat Lyrics in Hindi) – Mukul Sharma | White Hill Beats

बरसात के लिरिक्स | Mukul Sharma की आवाज़ में यादों और बारिश का गहरा नाता। एक ऐसा गीत जो पुराने प्यार के दर्द और सुकून को एक साथ बयां करता है।

Barsaat Song Poster from White Hill Beats

Barsaat Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (बरसात)

सुना है बहुत बारिशें है तुम्हारे शहर में 
ज़्यादा भीगना मत 
गलतफहमियां धुल गई 
तो हम बहुत याद आएँगे 

जब होगी बरसात, आएगी तेरी याद 
जब होगी बरसात, आएगी तेरी याद 
होगी ये आँखें नम, कर लूँ मैं ये फ़रियाद 

जब भी बारिश आए, तो मेरी ख़्वाहिश जागे 
जब भी बारिश आए, शहर तेरे याद आएँ 
तू सूरज मेरा तू बादल भी है 
तू लहरों से टकराता राही भी है 
बाहों में तेरे भुला दूंगा मैं सब कुछ 
ये रातें मेरी तेरी आधी सी हैं 

तू गुज़ारिश मेरी 
है मर के भी हासिल वो बाज़ी मेरी 
तेरे मुताबिक सभी 
मैं चलता हूँ राहों में कांटे सही 
तू गुज़ारिश मेरी 
है मर के भी हासिल वो बाज़ी मेरी 
तेरे मुताबिक सही 
मैं चलता हूँ राहों में कांटे सही 
जब होगी बरसात, आएगी तेरी याद 
होगी ये आँखें नम, कर लूँ मैं ये फ़रियाद 

अब रातों में सोता नहीं 
पर तू जा रही तो रोका नहीं 
कह दे ना धोखा सही 
पर दिल को दे ना एक मौका सही 
दिल अब धड़कता नहीं 
तेरे सदमें से उभरता नहीं 
मैं क्यूँ मरता नहीं 
तेरा बारिश में भी दिल पिघलता नहीं 

पर अब की बार एक हुआ कमाल 
बारिशें आई पर आई ना याद 
आई सताने वो चौखट पे मेरी 
पर दिल में अब बसता नहीं तेरा प्यार 
फिर आई बरसात, आई ना तेरी याद 

फिर उसके बाद मैंने कुछ नहीं खोया 
वो मेरी ज़िंदगी का आख़िरी नुकसान था

गीतकार: मुकुल शर्मा


About Barsaat (बरसात) Song

यह गाना "बरसात" है, जिसका concept Mukul Sharma ने दिया है, और यह गाना भी Mukul Sharma ने ही गाया, लिखा और compose किया है, music RO ने दिया है, female lead Seerat Bajwa हैं, और film Mani Shergill द्वारा बनाई गई है, music label White Hill Beats है। 

गाने के lyrics में बारिश और यादों का गहरा connection दिखता है, singer कहते हैं कि सुना है तुम्हारे शहर में बहुत बारिश होती है, लेकिन ज़्यादा भीगना मत, क्योंकि गलतफहमियां धुल जाएंगी तो हम बहुत याद आएँगे, फिर बारिश होते ही तेरी याद आएगी, आँखें नम हो जाएंगी, और मैं ये फ़रियाद करूँगा। 
जब भी बारिश आती है, मेरी ख़्वाहिश जाग उठती है, तेरा शहर याद आता है, तू मेरा सूरज भी है और बादल भी, तू लहरों से टकराता राही है, तेरी बाहों में मैं सब कुछ भूल जाऊंगा, ये रातें मेरी और तेरी आधी-आधी हैं। 
गाने में एक गुज़ारिश की भावना है, singer कहते हैं कि तू मेरी गुज़ारिश है, मर के भी हासिल करने वाली बाज़ी है, तेरे मुताबिक चलते हुए मैं राहों के कांटे सहता हूँ, लेकिन अब रातों में सोता नहीं, तू जा रही है तो रोका नहीं, धोखा सही पर दिल को एक मौका दे, दिल अब धड़कता नहीं, तेरे सदमें से उभरता नहीं। 

आखिर में एक twist आता है, इस बार बारिश तो आई पर याद नहीं आई, वो चौखट पर आई सताने के लिए, पर दिल में अब तेरा प्यार नहीं बसता, फिर बरसात आई पर तेरी याद नहीं आई, और उसके बाद singer ने कुछ नहीं खोया, क्योंकि वो उसकी ज़िंदगी का आख़िरी नुकसान था। 
यह गाना प्यार, बारिश, यादों और emotional journey को beautifully capture करता है, जिसमें happiness और pain दोनों feelings हैं, और lyrics deeply relatable हैं।