हक है हमारा लिरिक्स (Haq Hai Humara Lyrics in Hindi) – Manika Gupta | White Hill Beats

हक है हमारा के बोल | White Hill Beats का यह रोमांटिक गीत Manika Gupta की आवाज़ में। प्यार में अपने हक़ की मांग करता एक खूबसूरत ट्रैक।

Haq Hai Humara Song Poster from White Hill Beats

Haq Hai Humara Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (हक है हमारा)

जो हक़ है हमारा वही मांगते हैं 
मोहब्बत से ज़्यादा नहीं मांगते हैं 
जो हक़ है हमारा वही मांगते हैं 
मोहब्बत से ज़्यादा नहीं मांगते हैं 

मेरे साथ बैठो कभी चार पल 
कभी बेवजह ही लगा लो गले 
तेरा प्यार तेरी वफ़ा चाहिए 
नहीं चाहिए और तौफ़े हमें 
तू मेरा रहे बस यही मांगते हैं 
मोहब्बत से ज़्यादा नहीं मांगते हैं 

जाए तो जाए कहाँ? 
कोई भी नहीं है मेरा 
सिर्फ़ तू अपना है दुनिया में 
तूने भी बदली अदा 

तुम्हें क्या पता? सांसों से भी 
ज़रूरी हो तुम हमारे लिए 
कहाँ हम तुम्हारी हंसी मांगते हैं 
तेरे आसमां की नमी मांगते हैं 
तू मेरा रहे बस यही मांगते हैं 
मोहब्बत से ज़्यादा नहीं मांगते हैं 

तोड़ कर फेंक दो, फूल तो नहीं हूँ मैं 
कर के जो, पछताने लग जाओ 
भूल तो नहीं हूँ मैं 

हमें चाहिए मौसम तेरे 
वो काँटों के हो या बहारें लिए 
तुम्हारा गलत भी सही मानते हैं 
तुम्हें जो लगे लाज़मी मानते हैं 
तू मेरा रहे बस यही मांगते हैं 
मोहब्बत से ज़्यादा नहीं मांगते हैं

गीतकार: कुनाल वर्मा


About Haq Hai Humara (हक है हमारा) Song

यह गाना "हक है हमारा" एक प्यार भरा गीत है, जिसमें singer Manika Gupta की आवाज़ है और इसमें Nawab Ahmed भी दिखाई दे रहे हैं, music Shipra Goyal ने दिया है और lyrics Kunaal Vermaa ने लिखे हैं। 
गीत की शुरुआत में ही साफ़ कहा गया है, "जो हक़ है हमारा वही मांगते हैं, मोहब्बत से ज़्यादा नहीं मांगते हैं", यानी प्रेमी सिर्फ़ अपना हक़, अपना सही प्यार और साथ मांगता है, बिना किसी लालच के। 

गीत के बोल बहुत कोमल और भावनात्मक हैं, जैसे "मेरे साथ बैठो कभी चार पल, कभी बेवजह ही लगा लो गले", यहाँ साधारण पलों और गले लगाने की ख़्वाहिश दिखती है, lyrics में कहा गया है कि "तेरा प्यार तेरी वफ़ा चाहिए, नहीं चाहिए और तौफ़े हमें", यानी सिर्फ़ प्यार और वफ़ा काफी है। 
फिर गीत आगे बढ़ता है, "जाए तो जाए कहाँ? कोई भी नहीं है मेरा, सिर्फ़ तू अपना है दुनिया में", इन पंक्तियों में दुनिया में सिर्फ़ एक व्यक्ति के होने का एहसास और उसके बिना अधूरेपन की भावना है। 

अंत में, गीत एक दृढ़ संदेश देता है, "तोड़ कर फेंक दो, फूल तो नहीं हूँ मैं, कर के जो पछताने लग जाओ, भूल तो नहीं हूँ मैं", यहाँ स्वाभिमान और टूटने से इनकार दिखता है, साथ ही कहा गया है "तुम्हारा गलत भी सही मानते हैं", यानी प्यार में सब कुछ स्वीकार करने की भावना। 
पूरा गाना प्यार, समर्पण और अपने हक़ की मांग की सुंदर कहानी कहता है, जो हर किसी को छू जाती है।