होली रे रसीया के बोल | Shahzad Ali की जोशीली आवाज़। White Hill Beats का यह उत्साही होली एन्थम ब्रज की रंगीनी और मस्ती से भरा है।
Holi Re Rasiya Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (होली रे रसीया)
उड़े गुलाल, लाल हुए बादल
भांग चढ़ी है, थोड़ी थोड़ी रे रसिया
आज ब्रज में, आज ब्रज में
आज ब्रज में होली रे रसिया
आज ब्रज में होली रे रसिया
होली रे रसिया, बर जोरी रे रसिया
होली रे रसिया, बर जोरी रे रसिया
आज ब्रज में
आज ब्रज में होली रे रसिया
आज ब्रज में होली रे रसिया
होली है भाई होली है
बुरा ना मानो होली है
होली है भाई होली है
बुरा ना मानो होली है
नंद गाँव के कुंवर कन्हैया
नंद गाँव के कुंवर कन्हैया
बरसाने की राधा गोरी रे रसिया
बरसाने की राधा गोरी रे रसिया
आज ब्रज में
आज ब्रज में होली रे रसिया
आज ब्रज में होली रे रसिया
होली है भाई होली है
बुरा ना मानो होली है
कान्हा के हाथ कनक पिचकारी
कान्हा के हाथ कनक पिचकारी
राधा के हाथ कमोरी रे रसिया
राधा के हाथ कमोरी रे रसिया
आज ब्रज में
आज ब्रज में होली रे रसिया
आज ब्रज में होली रे रसिया
होली रे रसिया, बर जोरी रे रसिया
होली रे रसिया, बर जोरी रे रसिया
आज ब्रज में होली रे रसिया
आज ब्रज में होली रे रसिया
आज ब्रज में होली रे रसिया
आज ब्रज में होली रे रसिया
गीतकार: संजीव चतुर्वेदी
About Holi Re Rasiya (होली रे रसीया) Song
यह गाना "होली रे रसीया" Holi 2023 के मौके पर रिलीज़ एक ख़ूबसूरत और उत्साह भरा गीत है, जो होली के रंगों और ब्रज की मस्ती को दर्शाता है, इसके क्रेडिट्स में देखें तो यह Shahzad Ali की आवाज़ है, जबकि Sanjeev - Ajay ने म्यूज़िक दिया है, और Sanjeev Chaturvedi ने लिरिक्स लिखे और कम्पोज़ किया है, वीडियो में Sahaj Singh और Tanvi Gadkari नज़र आते हैं, जो इसके स्टोरी को और जीवंत बनाते हैं।
गाने के लिरिक्स बहुत ही रंगीन और भावनात्मक हैं, जैसे "उड़े गुलाल, लाल हुए बादल, भांग चढ़ी है, थोड़ी थोड़ी रे रसिया", यह लाइनें होली की खुशी और उमंग को दिखाती हैं, गीत में बार-बार "आज ब्रज में होली रे रसिया" दोहराया गया है, जो ब्रज के इलाके की पारंपरिक होली की याद दिलाता है, साथ ही इसमें "होली है भाई होली है, बुरा ना मानो होली है" जैसी पंक्तियाँ हैं, जो होली की मस्ती और दोस्ताना माहौल को बताती हैं।
इस गीत में Krishna और Radha की प्रेम कहानी को होली के संदर्भ में दिखाया गया है, जैसे "नंद गाँव के कुंवर कन्हैया" और "बरसाने की राधा गोरी रे रसिया", यह दर्शाता है कि कैसे Kanha और Radha होली खेलते हैं, आखिरी हिस्से में "कान्हा के हाथ कनक पिचकारी, राधा के हाथ कमोरी रे रसिया" जैसी लाइनें हैं, जो उनकी मस्ती और प्यार को दर्शाती हैं, यह गाना पूरी तरह से होली की खुशी, रंग और भक्ति भाव से भरा हुआ है, जिसे सुनकर हर कोई मस्ती में झूम उठेगा।