मेरे यार लिरिक्स (Mere Yaar Lyrics in Hindi) – Yougvardhan Singh Chauhan | White Hill Beats

मेरे यार गीत के बोल | White Hill Beats का हृदयस्पर्शी दोस्ती गीत। Yougvardhan Singh Chauhan की आवाज में खोई यादों और सपनों की कहानी। लिरिक्स पढ़ें।

Mere Yaar Song Poster from White Hill Beats

Mere Yaar Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (मेरे यार)

लिफाफे में लिखे थे ख्वाब मैंने हज़ार 
लिफाफा खो गया तो मैं भी पड़ गया बीमार 
चिट्ठी जो लिखी थी उसपे किया था विचार 
कहाँ है मेरे यार? याद आते बार बार 
लिफाफे में लिखे थे ख्वाब मैंने हजार 
लिफाफा खो गया तो मैं भी पड़ गया बीमार 
चिट्ठी जो लिखी थी उसपे किया था विचार 
कहाँ है मेरे यार? याद आते बार बार 
याद आते बार बार 
याद आते बार बार 

दोस्तों से मिलने फिर गया था मैं बाजार 
लेके सारी यादें और ढेर सारा प्यार 
लिफाफे में लिखे थे ख्वाब मैंने हजार 
लिफाफा खो गया तो मैं भी पड़ गया बीमार 

इनसे मैं क्या कहूँ? 
कैसे इनको जाने दूँ? 
मुंह में कैसे फेर लूँ? 
कैसे आँसू रोक लूँ? 

नफ़रतें थीं लाख फिर भी साथ इनका प्यार 
जैसे माँ ने साथ डाला हो डिब्बे में अचार 
लिफाफे में लिखे थे ख्वाब मैंने हजार 
लिफाफा खो गया तो मैं भी पड़ गया बीमार 

रैप कर रहा हूँ, द एंड कर रहा हूँ 
आरंभ कर लिया था, अब समाप्त कर रहा हूँ 
शून्य पे शुरू था, मैं शून्य पे चला हूँ 
मांगता हूँ माफी, फुल स्टॉप कर रहा हूँ 

मेरे यार चार हैं, किस्से हजार हैं 
लाजवाब यार हैं, बेहिसाब प्यार हैं 
याद आ जाते सुहाने दिन वो यार 
याद आ जाते वो किस्से ज़ार ज़ार 
याद आ जाते मुझे वो मेरे यार 
याद आ जाते वो लम्हें बार बार 
वो लम्हें बार बार 
वो लम्हें बार बार

गीतकार: जयराज सिंह चौहान


About Mere Yaar (मेरे यार) Song

यह गाना "मेरे यार" है, जो एक heartfelt Hindi song 2022 है, इसका lyrical audio Yogvardhan Singh Chauhan के द्वारा पेश किया गया है। गाने के lyrics में एक कहानी है खोए हुए सपनों और यादों की, singer Yougvardhan Singh Chauhan अपनी आवाज़ में एक ऐसे इंसान की भावनाएं बयां करते हैं जिसने हज़ारों ख्वाब एक लिफाफे में लिखे थे, लेकिन जब वह लिफाफा खो गया तो वह बीमार सा महसूस करने लगा, उसने एक चिट्ठी लिखी थी और उसपे बहुत विचार किया था, बार-बार एक ही सवाल उठता है - "कहाँ है मेरे यार?"। 

गाने में featuring है Jairaj Singh Chauhan की, और lyrics व music भी Jairaj Singh Chauhan ने ही तैयार किए हैं। कहानी आगे बढ़ती है जब singer दोस्तों से मिलने बाजार जाता है, पुरानी यादें और ढेर सारा प्यार लेकर, लेकिन फिर वही दर्द वापस आता है - लिफाफा खो गया और वह बीमार सा महसूस करता है। वह खुद से पूछता है - इन यादों को कैसे जाने दूँ, आँसू कैसे रोकूँ, भले ही नफ़रतें थीं लेकिन साथ उनका प्यार था, जैसे माँ ने अचार डिब्बे में साथ डाला हो। 

गाने के अंत में एक रैप सेक्शन है, जहाँ singer कहता है कि वह रैप कर रहा है और अब खत्म कर रहा है, शून्य से शुरू हुआ और शून्य पर वापस आ गया, वह माफी मांगता है और फुल स्टॉप लगा रहा है। फिर वह अपने चार यारों को याद करता है, जिनके साथ हज़ार किस्से हैं, वे लाजवाब दोस्त हैं और बेहिसाब प्यार है, उसे बार-बार उनके सुहाने दिन, वो किस्से और वो लम्हे याद आते हैं, यह गाना दोस्ती और यादों के उस emotional journey को beautifully capture करता है।