मनमानी के मुक्त भाव वाले बोल – अपनी मर्ज़ी से जीने का जश्न। बेड़ियाँ तोड़, पागलपन कर, अपने रास्ते खुद चुन। Isheeta, Senjuti, Arjun Iyer और Sally Ann की खूबसूरत आवाज़। पढ़ें लिरिक्स।
Manmaani Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (मनमानी)
मनमानी... कर मनमानी...
मनमानी... कर मनमानियाँ...
रंग-वंग देखो भरने लगे हैं
चितकबरे इन सपनों में
पलकों को ना तू मूँदियो रे
गलियाँ-वलियाँ खाक छान के
खोजे घर दो बंजारे
अपनी ही धुन में झूमियो रे
बेड़ियाँ तोड़ ज़रा...
धागे जुड़ जाने दे
गाँठें खुल जाने दे
धूल जो जमी है
धुल के बह जाने दे
छोड़ जो है छूटा
मुस्कुरा ले झूठा-मूठा
हीरिये तू है कहाँ
सारा तेरा जहाँ
कह दे जो है अनसुनी...
जान ले...
मनमानी... कर मनमानी...
मनमानी... कर मनमानियाँ...
मानो या ना मानो मेरी मनमानी,
मैं तो मानूँ।
राहें अनजानी चुनूँ,
जहाँ मैं जहाँ भी जाऊँ।
मानो या ना मानो मेरी मनमानी,
मैं तो मानूँ।
राहें अनजानी चुनूँ,
जहाँ मैं जहाँ भी जाऊँ।
पागलपन का पारा सारा
पहुँचा है नौंवे क्लाउड पे
लाइफ़ को खुद में ढूँढ़ियो रे।
दिल-विल हो गया टिप्सी-विप्सी,
है जस्ट थोड़ा सा लाउड ये
रास्ता तेरा है, घूमियो रे।
बेड़ियाँ तोड़ ज़रा...
धागे जुड़ जाने दे
गाँठें खुल जाने दे
धूल जो जमी है
धुल के बह जाने दे
छोड़ जो है छूटा
मुस्कुरा ले झूठा-मूठा
हीरिये तू है कहाँ
सारा तेरा जहाँ
कह दे जो है अनसुनी...
जान ले...
मनमानी... कर मनमानी...
मनमानी... कर मनमानियाँ...
मानो या ना मानो मेरी मनमानी,
मैं तो मानूँ।
राहें अनजानी चुनूँ,
जहाँ मैं जहाँ भी जाऊँ...
मानो या ना मानो मेरी मनमानी,
मैं तो मानूँ।
राहें अनजानी चुनूँ,
जहाँ मैं जहाँ भी जाऊँ...!
गीतकार: निकेत पांडे, अर्जुन अय्यर, सैली ऐन, चार्ल्स एंड्रॉनिक थिरियॉन, वी गोपालकृष्णन
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About Manmaani (मनमानी) Song
यह पेज गाने "Manmaani" (मनमानी) के बोल दिखाता है, जिसे Sony Music India ने रिलीज़ किया है। इस गाने को कई गायकों ने अपनी आवाज़ दी है - Isheeta Chakrvarty, Senjuti Maitra, Arjun Iyer और Sally Ann। Arjun Iyer ने इसे कम्पोज़ किया है और Niket Pandey के साथ मिलकर लिरिक्स लिखे हैं। इसमें फ्रेंच लिरिक्स Sally Ann और Charles Andronic Thirion ने लिखे, जबकि तमिल लिरिक्स V Gopalakrishnan ने। म्यूज़िक वीडियो में Patralekhaa और Maanvi Gagroo नज़र आते हैं।
गाने के बोल "मनमानी... कर मनमानी" से शुरू होते हैं, जो आज़ादी और अपनी मर्ज़ी से जीने का संदेश देते हैं। लिरिक्स में कहा गया है कि सपनों में रंग भरने लगे हैं, पलकों को मत मूँदो और अपनी धुन में झूमो। "बेड़ियाँ तोड़ ज़रा" और "धागे जुड़ जाने दे, गाँठें खुल जाने दे" जैसी लाइनें बंधनों को तोड़ने और मुक्त होने की बात करती हैं। यह गाना जीवन को खुले दिल से जीने की प्रेरणा देता है।
आगे के बोल कहते हैं कि "पागलपन का पारा नौंवे क्लाउड पे पहुँचा है", यानी जीवन में थोड़ा पागलपन ज़रूरी है। "दिल टिप्सी-विप्सी हो गया" और "रास्ता तेरा है, घूमियो रे" जैसी लाइनें बताती हैं कि अपने रास्ते खुद चुनो। "मानो या ना मानो मेरी मनमानी, मैं तो मानूँ" - यह पंक्ति आत्मविश्वास और अपनी पसंद पर अडिग रहने का संदेश देती है। पूरा गाना जीवन को अपनी शर्तों पर जीने का उत्सव है।