अवध आए राम हैं लिरिक्स (Awadh Aaye Ram Hain Lyrics in Hindi) – Megha Bhardwaj

अवध आए राम हैं के भक्ति भरे उल्लासमय बोल – Megha Bhardwaj की मधुर आवाज़ में श्रीराम के अवध आगमन की खुशी। घर अपने अवध आए राम हैं – हर द्वार पर तोरण, आसमान से फूलों की बारिश। Nagesh Prasad के सरल भावपूर्ण शब्द, Sumer Dangi का संगीत। जय श्रीराम! पढ़ें पूरे लिरिक्स।

Awadh Aaye Ram Hain Song Poster from Megha Bhardwaj

Awadh Aaye Ram Hain Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (अवध आए राम हैं)

सबके मन का आधार
जो कराए भव पार जो,
वो ही विरद सँवारने के धाम है।

कौशलपुर का अधूरा
तप आज हुआ पूरा,
सबके हृदय समाए श्रीराम हैं।

घर अपने अवध आए राम हैं,
वो ही विरद सँवारने के धाम है।
घर अपने अवध आए राम हैं।

जब रामलला घर आएंगे,
चहुँ-दिशि शुभ मंगल छाएंगे।
आज घर-आँगन को सजाऊँ मैं,
रंग चौमुख दियना जलाऊँ मैं।

हुए पूरे सारे काम-काम,
सुखी नगर-नगर है, गाम-गाम।
हुए पूरे सारे काम-काम,
सुखी नगर-नगर है, गाम-गाम।

घर अपने अवध आए राम हैं,
वो ही विरद सँवारने के धाम है।

देख रामलला को घर आया,
कौशल्या का मन हरषाया।
थी अयोध्या भी आस लगाए,
स्वागत में प्रभु की सब आए।

तोरण साजे हर द्वार-द्वार,
हुई फूलों की नभ से फुहार।
तोरण साजे हर द्वार-द्वार,
हुई फूलों की नभ से फुहार।

घर अपने अवध आए राम हैं,
वो ही विरद सँवारने के धाम है।
सबके हृदय समाए, श्रीराम हैं।

घर अपने अवध आए राम हैं,
वो ही विरद सँवारने के धाम है।
घर अपने अवध आए राम हैं।

जय श्रीराम, जय श्रीराम,
जय श्रीराम, राजा राम।
जय श्रीराम, जय श्रीराम,
जय श्रीराम, राजा राम।
जय श्रीराम, जय श्रीराम,
जय श्रीराम, राजा राम।
जय श्रीराम, जय श्रीराम,
जय श्रीराम, राजा राम।

👉 In Romanized - Awadh Aaye Ram Hain Lyrics

गीतकार: नागेश प्रसाद


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About Awadh Aaye Ram Hain (अवध आए राम हैं) Song

यह गीत "अवध आए राम हैं" (Awadh Aaye Ram Hain) भक्ति और उल्लास से भरा हुआ है, जिसे मेघा भारद्वाज (Megha Bhardwaj) ने अपनी मधुर आवाज़ में गाया है। इसके बोल नागेश प्रसाद (Nagesh Prasad) ने लिखे हैं और संगीत एवं रचना सुमेर डांगी (Sumer Dangi) ने तैयार की है। इस गीत का म्यूज़िक लेबल भी मेघा भारद्वाज (Megha Bhardwaj) का ही है। गीत के बोल बहुत ही सरल और भावपूर्ण हैं, जो श्रीराम के आगमन की खुशी और आध्यात्मिकता को दर्शाते हैं।

पहले भाग में यह बताया गया है कि श्रीराम सबके मन के आधार हैं, जो इस संसार से पार कराने वाले हैं, और वही विरद (प्रतिज्ञा) को संवारने के धाम हैं। कौशलपुर का अधूरा तप आज पूरा हुआ, क्योंकि अब सबके हृदय में श्रीराम समाए हैं। यह गीत कहता है कि राम घर यानी अवध (Awadh) आ गए हैं, और उनका यह आगमन हर जगह खुशियाँ लेकर आया है। गीत में "घर अपने अवध आए राम हैं" पंक्ति बार-बार दोहराई गई है, जो इस आगमन की महत्ता को और बढ़ा देती है।

दूसरे भाग में भक्तों का उत्साह और तैयारी दिखाई गई है। जब रामलला घर आएंगे, तो चारों दिशाओं में शुभ और मंगल छा जाएगा। लोग घर और आँगन को सजा रहे हैं, रंग और चौमुखी दीये जला रहे हैं। सभी काम पूरे हो गए हैं और हर नगर और गाँव खुशहाल है। माता कौशल्या (Kaushalya) का मन हर्षित हो गया है, और अयोध्या (Ayodhya) भी बहुत दिनों से प्रभु के स्वागत की आस लगाए थी। हर द्वार पर तोरण सजाए गए हैं और आसमान से फूलों की बारिश हो रही है। अंत में "जय श्रीराम, जय श्रीराम, राजा राम" के जयकारों से यह गीत समाप्त होता है, जो भक्ति और उल्लास का एक सुंदर उदाहरण है।