जानी दूर गए लिरिक्स (Jaani Door Gaye Lyrics in Hindi) – Megha Bhardwaj

जानी दूर गए के दर्द भरे बोल – Megha Bhardwaj की भावुक आवाज़ में Nusrat Fateh Ali Khan का सूफी कलाम। बिछड़ने का दर्द और यादें। पढ़ें लिरिक्स।

Jaani Door Gaye Song Poster from Megha Bhardwaj

Jaani Door Gaye Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (जानी दूर गए)

बिछड़ गया मेरे दिल दा जानी
जे मैं कक्खां वांगू रुल गई
फुल्लां नालों नाज़ुक जिंदड़ी
मेरी विच कंडेयां दे खुल गई

ग़म सजना दे मार मिटाया
ते मैं अथरू बन के दुल गई
इक माहिया तेरी याद ना भुलदी
बाकी हर शै जग दी भूल गई

इंज विच्छड़े मुड़ नी आए,
मुड़ नी आए
जानी दूर गए
कोई दर्दी मोड़ ले आए,
कोई दर्दी मोड़ ले आए
जानी दूर गए, दूर गए
इंज विच्छड़े मुड़ नी आए,
मुड़ नी आए
जानी दूर गए

पल विच माही हो गया ओले
पल विच माही हो गया ओले
माही माही हर दम बोले

नैन मिला के कर गया रोगी
रह गई जिंदड़ी हो के ओ जोगी
पल विच माही हो गया ओले
पल विच माही हो गया ओले

रास ना प्यार दियां घड़ियां आइयां
रास ना प्यार दियां घड़ियां आइयां
छेती पैयां आं जुदाइयां

ना कोई बह के दुख-सुख फोले
ना दिल दे हाल सुनाए
ना दिल दे हाल सुनाए

जानी दूर गए, दूर गए
इंज विच्छड़े मुड़ नी आए,
मुड़ नी आए, जानी दूर गए

अखियां तक दियां रहंदियां राहवां
अखियां तक दियां रहंदियां राहवां
भरने पै गए होके हवां

असां रो-रो वक्त विहाए
असां रो-रो वक्त विहाए
जानी दूर गए, दूर गए
इंज विच्छड़े मुड़ नी आए,
मुड़ नी आए, जानी दूर गए

हिज्र तेरे विच उठदियां हूकां
हिज्र तेरे विच उठदियां हूकां
माही माही हर दम कूकां

किते इक पल चैन ना आवे
किते इक पल चैन ना आवे
जानी दूर गए, दूर गए
इंज विच्छड़े मुड़ नई आए,
मुड़ नई आए, जानी दूर गए...!

👉 In Romanized - Jaani Door Gaye Lyrics

गीतकार: ट्रेडिशनल (नुसरत फतेह अली खान)


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About Jaani Door Gaye (जानी दूर गए) Song

यहाँ मैं आपको गाने "Jaani Door Gaye" के बारे में जानकारी दे रहा हूँ। यह गाना Megha Bhardwaj ने गाया है और Music Produced by Swapnil Tare ने किया है। असल में यह गाना Ustaad Nusrat Fateh Ali Khan Sahab द्वारा originally sung किया गया था, जो सूफी संगीत के महान कलाकार हैं। Music Video में Navveen Sharrma और Megha Bhardwaj खुद featured हैं। इस गाने को Megha Bhardwaj ने अपने music label के तहत release किया है। Lyrics में बिछड़ने का दर्द और यादों का अहसास बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है।

गाने का title "जानी दूर गए" है, जो एक प्रेमी के दूर जाने और उसके बिछड़ने की पीड़ा को बयां करता है। पहली lines में कहा गया है कि "बिछड़ गया मेरे दिल दा जानी, जे मैं कक्खां वांगू रुल गई" – यानी मेरा प्रियतम बिछड़ गया और मैं काँटों की तरह रोने लगी। फिर "फुल्लां नालों नाज़ुक जिंदड़ी, मेरी विच कंडेयां दे खुल गई" कहकर बताया गया है कि नाजुक जिंदगी भी काँटों की तरह दुख से भर गई। गाने में गम सहने का एहसास है, जैसे "ग़म सजना दे मार मिटाया, ते मैं अथरू बन के दुल गई" – और "इक माहिया तेरी याद ना भुलदी, बाकी हर शै जग दी भूल गई" – याद ही सब कुछ है, बाकी सब भूल गया।

तीसरा पैराग्राफ: गाने के आगे के हिस्से में बिछड़ने का दर्द और भी गहरा होता है। "इंज विच्छड़े मुड़ नी आए" कहकर बताया गया है कि ऐसे बिछड़े हैं कि लौट कर नहीं आएंगे। "पल विच माही हो गया ओले" और "नैन मिला के कर गया रोगी" – पल भर में प्रियतम ओले बन कर बदल गया और आँखों से लगाकर रोगी बना दिया। "रास ना प्यार दियां घड़ियां आइयां" और "छेती पैयां आं जुदाइयां" – प्यार की घड़ियाँ काम नहीं आईं और जुदाई जल्दी आ गई। अंत में "अखियां तक दियां रहंदियां राहवां" कहकर बताया गया है कि आँखें रास्ता तकती रह गईं और "असां रो-रो वक्त विहाए" – हम रो-रो कर समय बिता रहे हैं। हिज्र (वियोग) में हूकें उठती हैं और "माही माही हर दम कूकां" – हर पल प्रियतम का नाम लेती हैं। यह गाना दिल के टुकड़े को बयां करता है।