बिन रांझे की हीर हुई मैं के सूफी भावुक बोल – Malini Awasthi की मधुर आवाज़। बिना राँझे की हीर – अपने दर्द की मालकिन। खुद में कैद, खुद ही जंजीर। पढ़ें पूरे लिरिक्स।
Bin Ranjhe Ki Heer Hui Main Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (बिन रांझे की हीर हुई मैं)
रंज इश्क़ का क्या जाने पीर फ़क़ीर
रंज इश्क़ का क्या जाने पीर फ़क़ीर
ये तो राधा जाने, या फिर जाने हीर
बिन राँझे की हीर हुई मैं
बिन राँझे की हीर हुई मैं
बिन राँझे की हीर हुई मैं
आप ही अपनी पीर हुई मैं
आप ही अपनी पीर हुई मैं
बिन राँझे की हीर हुई मैं
बिन राँझे की हीर हुई मैं
तक तक तक तक ताकिणधा ताकिणधा धा
तक तक ताकिणधा धा धा
ताकिणधा ताकिणधा तक तक धा
तक तक ताकिणधा धा धा
ताकिणधा ताकिणधा तक धा
तक धा तक धा धा
ताकिणधा ताकिणधा तक धा
तक धा धा तक तक धा धा
ताकिणधा ताकिणधा तक धा
ताकिणधा तक धा धा
ताकिणधा ताकिणधा तक धा
ताकिणधा तक धा धा
ना मैं बहती, ना मैं थमती (तक धा धा)
ना मैं बहती, ना मैं थमती
खारा खारा नीर हुई मैं
खारा खारा नीर हुई मैं
बिन राँझे की हीर हुई मैं
ख़ुद को ख़ुद में क़ैद किया है
ख़ुद को ख़ुद में क़ैद किया है
ख़ुद अपनी ज़ंजीर हुई मैं
ख़ुद अपनी ज़ंजीर हुई मैं
बिन राँझे की हीर हुई मैं
घर की हूँ, पर हूँ घर बाहर
घर की हूँ, पर हूँ घर बाहर
देहरी की तक़दीर हुई मैं
देहरी की तक़दीर हुई मैं
बिन राँझे की हीर हुई मैं
बिन राँझे की
हीर हुई मैं
गीतकार: दीप्ति मिश्रा
🔗 Share/शेयर करें:
About Bin Ranjhe Ki Heer Hui Main (बिन रांझे की हीर हुई मैं) Song
यह गाना "Bin Ranjhe Ki Heer Hui Main" है, जिसे मलिनी अवस्थी (Malini Awasthi) ने गाया है। इस गाने के संगीतकार नमन अधिकारी (Naman Adhikari), अभिनव शर्मा (Abhinav Sharma) और मलिनी अवस्थी (Malini Awasthi) हैं, जबकि बोल दीप्ति मिश्रा (Dipti Misra) ने लिखे हैं। यह गाना फिल्म "Durgamati - The Myth" से है, जिसमें भूमि पेडनेकर (Bhumi Pednekar), अरशद वारसी (Arshad Warsi), जिशु सेनगुप्ता (Jisshu Sengupta) और मही गिल (Mahie Gill) मुख्य किरदारों में हैं। यह गाना T-Series म्यूजिक लेबल के तहत रिलीज़ हुआ है, और इसके बोल गहरे प्रेम, विरह और अपने आप में खो जाने की भावना को दर्शाते हैं।
इस गाने की शुरुआत एक सूफियाना अंदाज़ से होती है, जहाँ कहा गया है कि "रंज इश्क़ का क्या जाने पीर फ़कीर, ये तो राधा जाने या फिर जाने हीर"। यह लाइनें बताती हैं कि सच्चे प्रेम का दर्द सिर्फ वही समझ सकता है जिसने उसे जिया हो, जैसे राधा (Radha) और हीर (Heer) ने जिया। फिर गाने का मुख्य भाग आता है - "बिन राँझे की हीर हुई मैं, आप ही अपनी पीर हुई मैं" - जहाँ नायिका खुद को बिना अपने प्रिय (राँझे) के हीर (Heer) बताती है, यानी वह अकेले ही अपने दर्द की मालकिन बन गई है, उसे दूसरे की ज़रूरत नहीं।
गाने में आगे कहा गया है कि "ना मैं बहती ना मैं थमती, खारा खारा नीर हुई मैं" - यानी वह न तो बहती है न रुकती है, बस ठहरा हुआ खारा पानी बन गई है। फिर "खुद को खुद में कैद किया है, खुद अपनी जंजीर हुई मैं" से पता चलता है कि उसने खुद को अपने ही अंदर कैद कर लिया है, वह अपनी ही बेड़ी बन गई है। अंत में "घर की हूँ पर हूँ घर बाहर, देहरी की तकदीर हुई मैं" कहकर यह बताया गया है कि वह घर में रहते हुए भी घर से बाहर है, यानी वह हर जगह अकेली और बेघर महसूस करती है। इस तरह, यह गाना एक ऐसी स्त्री की कहानी है जो प्रेम के अभाव में खुद को ही खो चुकी है, और यह भावनात्मक गीत मलिनी अवस्थी की मधुर आवाज़ में और भी गहरा हो जाता है।
Song Details
| Song | बिन रांझे की हीर हुई मैं लिरिक्स (Bin Ranjhe Ki Heer Hui Main Lyrics in Hindi) – Malini Awasthi | Durgamati - The Myth |
|---|---|
| Album | Durgamati - The Myth Movie Songs Lyrics 2020 |
Frequently Asked Questions
Which album is "बिन रांझे की हीर हुई मैं लिरिक्स (Bin Ranjhe Ki Heer Hui Main Lyrics in Hindi) – Malini Awasthi | Durgamati - The Myth" from?
The song is from the album "Durgamati - The Myth Movie Songs Lyrics 2020".