मलंग - टाइटल सॉन्ग लिरिक्स (Malang Title Song Lyrics in Hindi) पढ़ें। Ved Sharma की आवाज़ में आज़ादी, बेफिक्री और रूहानी सफर को दर्शाता यह दमदार गीत। पूरे हिंदी बोल, अर्थ और वीडियो एक ही जगह पाएं।
Malang - Title Song Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (मलंग - टाइटल सॉन्ग)
रे ना हे ये हे ये ये
काफिरा तो चल दिया
इस सफ़र के संग
काफिरा तो चल दिया
इस सफ़र के संग
मंज़िलें ना डोर कोई
ले के अपना रंग
रहूँ मैं मलंग मलंग मलंग
रहूँ मैं मलंग मलंग मलंग
रहूँ मैं मलंग मलंग मलंग
मैं मलंग हाय रे
मैं बैरागी सा जियूँ
ये भटकता मन
मैं बैरागी सा जियूँ
ये भटकता मन
अब कहाँ ले जाएगा
ये आवारा मन
रहूँ मैं मलंग मलंग मलंग
रहूँ मैं मलंग मलंग मलंग
रहूँ मैं मलंग मलंग मलंग
मैं मलंग हाय रे
है नसीबों में सफ़र तो मैं कहीं भी क्यूँ रुकूँ ओ
है नसीबों में सफ़र तो मैं कहीं भी क्यूँ रुकूँ
छोड़ के आया किनारे बह सकूँ जितना बहूँ
दिन गुज़रते ही रहे यूँ ही बेमौसम
रास्ते थम जाएँ पर रुक ना पाएँ हम
रहूँ मैं मलंग मलंग मलंग
रहूँ मैं मलंग मलंग मलंग
रहूँ मैं मलंग मलंग मलंग
मैं मलंग हाय रे
हं हं हं हं
रूबरू खुद से हुआ हूँ
मुझमें मुझको तू मिला
हो रूबरू खुद से हुआ हूँ
मुझमें मुझको तू मिला
बादलों के इस जहाँ में
आसमां तुझमें मिला
पिघली है अब रात भी
ऐसे हर्ब ये नम
ना खुदा में तो रहा
बन गया तू धरम
रहूँ मैं मलंग मलंग मलंग
रहूँ मैं मलंग मलंग मलंग
रहूँ मैं मलंग मलंग मलंग
मैं मलंग हाय रे
हू हू हू हो हो हो
गीतकार: कुणाल वर्मा, हर्ष लिंबाचिया
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About Malang - Title Song (मलंग - टाइटल सॉन्ग) Song
यह गाना "Malang - Title Song" फिल्म "Malang" का टाइटल ट्रैक है, जिसमें Anil Kapoor, Aditya Roy Kapur, Disha Patani और Kunal Kemmu मुख्य भूमिका में हैं। इस गाने को Ved Sharma ने गाया और कम्पोज़ किया है, जबकि इसके बोल Kunaal Verma और Haarsh Limbachiyaa ने लिखे हैं। गाने की शुरुआत "रे ना हे ये हे ये ये" से होती है, और फिर "काफिरा तो चल दिया इस सफ़र के संग" लाइन आती है, जो यात्रा और आज़ादी के भाव को दर्शाती है। "मंज़िलें ना डोर कोई, ले के अपना रंग" का मतलब है कि यहाँ कोई तय मंज़िल नहीं, बस अपनी मर्ज़ी से चलते रहना है, और "रहूँ मैं मलंग मलंग मलंग" लाइन बार-बार दोहराई जाती है, जो बेफिक्र और बेपरवाह जीवनशैली को दर्शाती है।
गाने का मिज़ाज बैरागी और आवारा मन का है, जैसे "मैं बैरागी सा जियूँ, ये भटकता मन" और "अब कहाँ ले जाएगा, ये आवारा मन" लाइनों से पता चलता है कि यह रूहानी और बेचैन भावनाओं का गीत है। फिर "है नसीबों में सफ़र तो मैं कहीं भी क्यूँ रुकूँ" कहकर यात्रा को नसीब माना गया है, और "छोड़ के आया किनारे बह सकूँ जितना बहूँ" कहकर बहते रहने की बात की गई है। "दिन गुज़रते ही रहे यूँ ही बेमौसम, रास्ते थम जाएँ पर रुक ना पाएँ हम" लाइनें बताती हैं कि समय गुज़रता रहता है, रास्ते रुकते हैं लेकिन हम नहीं रुकते, यही मलंग होने का असली मतलब है।
आखिर में, "रूबरू खुद से हुआ हूँ, मुझमें मुझको तू मिला" और "बादलों के इस जहाँ में, आसमां तुझमें मिला" लाइनें आत्मा और ईश्वर के मिलन की बात करती हैं। "पिघली है अब रात भी ऐसे हर्ब ये नम, ना खुदा में तो रहा बन गया तू धरम" कहकर यह बताया गया है कि रात भी ख़त्म हो गई और अब धर्म ही सब कुछ बन गया है। यह गाना T-Series के लेबल पर रिलीज़ हुआ है और इसमें स्वतंत्रता, आध्यात्मिकता और बेफिक्री का गहरा मिश्रण है, जो "Malang" फिल्म की थीम को पूरी तरह से पेश करता है।
Song Details
| Song | मलंग - टाइटल सॉन्ग लिरिक्स (Malang - Title Song Lyrics in Hindi) – Ved Sharma | Malang |
|---|---|
| Album | Malang Movie Songs Lyrics 2020 |
Frequently Asked Questions
Which album is "मलंग - टाइटल सॉन्ग लिरिक्स (Malang - Title Song Lyrics in Hindi) – Ved Sharma | Malang" from?
The song is from the album "Malang Movie Songs Lyrics 2020".