टुकड़ा टुकड़ा दिन बीता लिरिक्स (Tukda Tukda Din Beeta Lyrics in Hindi) – G.V. Prakash Kumar | Thalaivii

टुकड़ा टुकड़ा दिन बीता लिरिक्स (Tukda Tukda Din Beeta Lyrics in Hindi) पढ़ें। G.V. Prakash Kumar की आवाज़ में Thalaivii का दर्दभरा गीत, जो अकेलेपन, छिपे दर्द और भावनात्मक संघर्ष को बयां करता है।

Tukda Tukda Din Beeta Song Poster from Thalaivii

Tukda Tukda Din Beeta Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (टुकड़ा टुकड़ा दिन बीता)

टुकड़ा-टुकड़ा दिन बीता,
और रेशा-रेशा रात हुई।

टुकड़ा-टुकड़ा दिन बीता,
और रेशा-रेशा रात हुई।

कैसी खुशी है इस दिल में,
जो ग़म से लिपटी जाती है?

पलकों के नीचे एक बदली,
अश्कों में सिमटी जाती है।

अश्कों में सिमटी जाती है।

टुकड़ा-टुकड़ा दिन बीता,
और रेशा-रेशा रात हुई।

टुकड़ा-टुकड़ा दिन बीता,
और रेशा-रेशा रात हुई।

खुश दिखना भी मजबूरी है,
दिल में एक चीख अधूरी है।

खामोशी कहती मेरी ही,
"अब मुझसे कितनी दूरी है?"

रोना भी रोका है अपना,
हँसना भी बहुत ज़रूरी है।

आधी-आधी रूह वंडी,
पर दिखने में लगती पूरी है।

दिखने में लगती पूरी है।

टुकड़ा-टुकड़ा दिन बीता,
और रेशा-रेशा रात हुई।

टुकड़ा-टुकड़ा...
रेशा-रेशा...

गीतकार: इरशाद कामिल


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About Tukda Tukda Din Beeta (टुकड़ा टुकड़ा दिन बीता) Song

यह गाना "Tukda Tukda Din Beeta" है, जो फिल्म Thalaivii का एक emotional song है। इस फिल्म में Kangana Ranaut, Arvind Swami, Nassar और Raj Arjun जैसे कलाकार हैं। इस गाने को G.V. Prakash Kumar ने गाया और compose किया है, जबकि lyrics Irshad Kamil ने लिखे हैं। यह गाना T-Series के music label पर release हुआ है। फिल्म की कहानी जहाँ तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री J. Jayalalithaa की ज़िंदगी पर आधारित है, वहीं यह गाना उनके व्यक्तिगत जीवन के दर्द और अकेलेपन को बहुत गहराई से दिखाता है।

गाने के बोल "टुकड़ा-टुकड़ा दिन बीता, और रेशा-रेशा रात हुई" से शुरू होते हैं, जो समय के धीरे-धीरे बीतने और हर पल की कठिनाई को दर्शाते हैं। यहाँ "कैसी खुशी है इस दिल में, जो ग़म से लिपटी जाती है" जैसी lines बताती हैं कि इंसान बाहर से खुश दिखता है, लेकिन अंदर ही अंदर दुख से घिरा रहता है। "पलकों के नीचे एक बदली, अश्कों में सिमटी जाती है" इस भावना को और गहरा करती है, यानी आँसू छिपाने की कोशिश में भी वे बरसने को तैयार रहते हैं।

आगे के lyrics में "खुश दिखना भी मजबूरी है, दिल में एक चीख अधूरी है" कहकर यह बताया गया है कि समाज के सामने हँसना ज़रूरी है, चाहे अंदर कितना भी दर्द क्यों न हो। "रोना भी रोका है अपना, हँसना भी बहुत ज़रूरी है" और "आधी-आधी रूह वंडी, पर दिखने में लगती पूरी है" जैसी पंक्तियाँ बताती हैं कि एक इंसान भीतर से टूट चुका है, फिर भी दूसरों को सामान्य दिखता है। यह गाना उन लोगों के लिए बहुत relatable है जो अपनी पहचान और काम के बीच अकेलेपन और emotional struggle से गुज़रते हैं। कुल मिलाकर, Tukda Tukda Din Beeta एक दर्द भरा और deep song है, जिसे G.V. Prakash Kumar की आवाज़ और Irshad Kamil के शब्दों ने और भी touching बना दिया है।


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Song Details

Song Tukda Tukda Din Beeta
Album Thalaivii Movie Songs Lyrics 2021
Singer G.V. Prakash Kumar
Lyricist Irshad Kamil
Composer G.V. Prakash Kumar
Release Date 10 September 2021
YouTube Video Watch on YouTube

Frequently Asked Questions

Who sang the song "Tukda Tukda Din Beeta"?

The song was sung by G.V. Prakash Kumar.

Who wrote the lyrics of "Tukda Tukda Din Beeta"?

The lyrics were written by Irshad Kamil.

Who composed the music for "Tukda Tukda Din Beeta"?

The music was composed by G.V. Prakash Kumar.

Which album is "Tukda Tukda Din Beeta" from?

The song is from the album "Thalaivii Movie Songs Lyrics 2021".

When was "Tukda Tukda Din Beeta" released?

The song was released on 10 September 2021.