इश्क तो इश्क जैसा है लिरिक्स | Ajmer 92 का दिल छू लेने वाला प्यार गीत। Javed Ali की स्वर्गीय आवाज़। प्यार को परिभाषित करती यह रचना।
Ishq Toh Ishq Jaisa Hai Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (इश्क तो इश्क जैसा है)
उम्र से लंबी जिसकी बाँहें
चुप रहे लब, बोले निगाहें
रब की बरसे नेमत तुझपे
रब की बरसे नेमत तुझपे
जो दिल तेरा किसी दिल को चाहे
जो दिल तेरा किसी दिल को चाहे
आदतों में देखूँ,
घुल रहा इश्क़ है
लहू बनके रगों में
चल रहा इश्क़ है
नशा बनके सर पे
चढ़ रहा इश्क़ है
इश्क़ में देखूँ कैसे?
ढल रहा इश्क़ है
ना ऐसा है, ना वैसा है
कैसे कहें? कोई कैसा है
इश्क़ तो इश्क़ जैसा है
इश्क़ तो इश्क़ जैसा है
ओ.. ना ऐसा है, ना वैसा है
कैसे कहें? कोई कैसा है
इश्क़ तो इश्क़ जैसा है
इश्क़ तो इश्क़ जैसा है
(?) इश्क़ इश्क़
जीवन दी आस रे इश्क़ इश्क़
दिल म्हारो झूमे गाए
सपनों म्हारो है इश्क़ इश्क़
सपनों म्हारो है इश्क़
तेरी बातें सारी
हर बारी मुझको तो यूँ सच्ची लगे
आँखों से पढ़ लूँ, आँखें तेरी
तो फिर ये दुनिया अच्छी लगे
हो.. तेरी बातें सारी
हर बारी मुझको तो यूँ सच्ची लगे
आँखों से पढ़ लूँ आँखें तेरी
तो फिर ये दुनिया, अच्छी लगे
ओ.. गुलाबी रंग तेरे संग का
यारियाँ बाकी फीकी लगे
रंगतों में देखो
घुल रहा इश्क़ है
हवा बनके साँसों में
चल रहा इश्क़ है
दवा बनके दर्द से
लड़ रहा इश्क़ है
इश्क़ में देखो कैसे?
ढल रहा इश्क़ है
हो..आ.. म्हारो..ओ.. इश्क़ है
इश्क़ है, इश्क़ है...!
गीतकार: अमृत
About Ishq Toh Ishq Jaisa Hai (इश्क तो इश्क जैसा है) Song
यह गाना "इश्क तो इश्क जैसा है", movie Ajmer 92 का है, जिसमें Karan Verma और Sumit Singh मुख्य कलाकार हैं, और इसे Zee Music Company ने रिलीज़ किया है। गाने को Javed Ali ने अपनी मधुर आवाज़ में गाया है, जबकि music Parthasakha Daskabi द्वारा दिया गया है और lyrics Amrit ने लिखे हैं। इसमें backing vocals Prithwiraj Daskabi, Parth, Sumit, Priyansh और Ramparvesh Yadav ने दिए हैं, जिससे गाने की depth और भावनाएँ और भी समृद्ध हुई हैं।
गाने के lyrics में इश्क़ को एक अनोखी और गहरी भावना के रूप में दर्शाया गया है, जैसे कि पंक्तियाँ "उम्र से लंबी जिसकी बाँहें, चुप रहे लब, बोले निगाहें" से पता चलता है कि प्यार शब्दों से परे है और आँखों की भाषा में बहता है। इश्क़ को आदतों में घुलता हुआ, रगों में लहू बनकर बहता हुआ, और एक नशे की तरह सर चढ़कर बोलता हुआ बताया गया है, जैसे "लहू बनके रगों में चल रहा इश्क़ है, नशा बनके सर पे चढ़ रहा इश्क़ है"। गाना कहता है कि इश्क़ को किसी खास तरीके से परिभाषित नहीं किया जा सकता, वह "ना ऐसा है, ना वैसा है", बल्कि बस "इश्क़ तो इश्क़ जैसा है"।
आगे के हिस्से में, इश्क़ को जीवन की आशा और सपनों का स्रोत बताया गया है, जैसे "जीवन दी आस रे इश्क़ इश्क़, दिल म्हारो झूमे गाए"। प्रेमी की बातें और नज़रें दुनिया को खूबसूरत बना देती हैं, "आँखों से पढ़ लूँ आँखें तेरी, तो फिर ये दुनिया अच्छी लगे"। अंत में, इश्क़ को रंगतों में घुलता, साँसों में हवा बनकर चलता, और दर्द से लड़ता हुआ दिखाया गया है, जो यह बताता है कि प्यार हर रूप में जीवन का एक शक्तिशाली और अपरिभाषित हिस्सा है।