बेराज़ के लिरिक्स | Jab Khuli Kitaab का गहरा और सोचने पर मजबूर कर देने वाला गीत। Ritajaya Banerjee की आवाज़ में। एक नादान दिल की बेराज़ दुनिया की दास्तान।
Beraaz Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (बेराज़)
कौन बदनसीब?
इस जहाँ में बेराज़ है,
दिल-ए-नादान,
फिर तू किससे नाराज़ है?
कौन बदनसीब?
इस जहाँ में बेराज़ है,
दिल-ए-नादान,
फिर तू किससे नाराज़ है?
ख़्वाहिशें जो ज़ाहिर हो ना सके,
ख़्वाब जो छू ना सके आफ़ताब,
छुपा हो ख़िज़ाओं में —
वो गुल का वो साज़।
मेरे दोस्त दानिशमंद
कहते इसे ही राज़ है,
दिल-ए-नादान,
फिर तू किससे नाराज़ है?
गीतकार: सौरभ शुक्ला
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About Beraaz (बेराज़) Song
यह जानकारी एक खूबसूरत गाने "बेराज़" के बारे में है, जो फिल्म "Jab Khuli Kitaab" का हिस्सा है, इस गाने के क्रेडिट्स में Composer Ritajaya Banerjee, Music Producer Protijoy Ghosh, और Lyrics Saurabh Shukla का नाम शामिल है, Vocals भी Ritajaya Banerjee ने ही दिए हैं, फिल्म में Pankaj Kapur, Dimple Kapadia, और Aparshakti Khurana जैसे बड़े कलाकार नजर आते हैं, और यह गाना Applause Entertainment के तहत रिलीज हुआ है।
गाने के बोल "कौन बदनसीब? इस जहाँ में बेराज़ है" से शुरू होते हैं, जो एक गहरी भावनात्मक कहानी कहते हैं, बोलों में "दिल-ए-नादान" यानी भोला दिल का जिक्र है, जो दुनिया में खुद को बेराज़ यानी बिना किसी सुरक्षा के महसूस करता है, और फिर सवाल पूछता है कि वह किससे नाराज़ है, यह एक introspective और विचारशील मूड बनाता है।
आगे के बोल "ख़्वाहिशें जो ज़ाहिर हो ना सके, ख़्वाब जो छू ना सके आफ़ताब" में छुपी इच्छाओं और अधूरे सपनों की बात की गई है, जैसे कोई फूल खिज़ाओं यानी ठंडी हवाओं में छुपा हो, गाना "मेरे दोस्त दानिशमंद" का हवाला देते हुए कहता है कि यही तो जिंदगी का राज़ है, और फिर से वही सवाल दोहराता है कि भोले दिल तू किससे नाराज़ है, यह गाना अपने साधारण हिंदी बोल और गहरे अर्थ के लिए जाना जाता है, जो listeners को अपने emotions के बारे में सोचने पर मजबूर कर देता है।
Song Details
| Song | Beraaz |
|---|---|
| Album | Jab Khuli Kitaab |
Frequently Asked Questions
Which album is "Beraaz" from?
The song is from the album "Jab Khuli Kitaab".