मुसाफ़िर लिरिक्स (Musafir Lyrics in Hindi) – Kaustav Mahapatra | T-Series

मुसाफ़िर के लिरिक्स – Kaustav Mahapatra का सोलफुल गाना। एक बंजारे के दिल की बेचैनी और प्यार में ठहर जाने की चाहत। T-Series का यह इमोशनल ट्रैक हर मुसाफिर की कहानी है। बोल पढ़ें।

Musafir Song Poster from T-Series

Musafir Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (मुसाफ़िर)

दिल ना लगाने का किया था वादा,
मगर दिल साथ तू क्यूँ मेरा ले गया?
तेरे ख़यालों में रहूँ मैं उलझा हुआ,
ये बेख़ुदी तू कैसी दे गया?

ना तुझ पे ऐतबार है,
ना तेरा इंतज़ार है,
फिर भी तू क्यूँ ज़रूरी हुआ?

बंजारा था मैं, बन जाऊँगा घर,
थम जाऊँ जो तू कहे
तो तेरी ख़ातिर
आवारा सा मैं होके बेसबर,
ढूँढूँ मैं तेरा पता बन के मुसाफ़िर।

है आज भी तू ख़्वाबों तले,
चेहरा तेरा आँखों में चले।
कैसे तुझे भूलूँ मैं भला?
खुशबू तेरी चादर में पले।

ये मेरा हश्र है,
तो क्यों बेअसर है?
क्यों इश्क़ तुझे ना हुआ?

बंजारा था मैं, बन जाऊँगा घर,
थम जाऊँ जो तू कहे
तो तेरी ख़ातिर
आवारा सा मैं होके बेसबर,
ढूँढूँ मैं तेरा पता बन के मुसाफ़िर।

बंजारा था मैं, बन जाऊँगा घर,
थम जाऊँ जो तू कहे
तो तेरी ख़ातिर
आवारा सा मैं होके बेसबर,
ढूँढूँ मैं तेरा पता बन के मुसाफ़िर।

👉 In Romanized - Musafir Lyrics

गीतकार: आलोक रंजन श्रीवास्तव


About Musafir (मुसाफ़िर) Song

यह गाना "Musafir" एक emotional journey को दिखाता है, जिसमें singer Kaustav Mahapatra ने अपनी आवाज़ और composition के जरिए एक मुसाफ़िर की कहानी बयान की है, lyrics Alok Ranjan Srivastava ने लिखे हैं, और music label T-Series के तहत release हुआ है, video में male lead Kaustav Mahapatra और female lead Nikita Bisht हैं। 

गाने के lyrics में एक बंजारे यानी wanderer की भावनाएं हैं, जो पहले दिल ना लगाने का वादा करता है, लेकिन फिर किसी के ख्यालों में उलझ जाता है, वह कहता है - "दिल ना लगाने का किया था वादा, मगर दिल साथ तू क्यूँ मेरा ले गया?", उसे ना तो trust है ना ही wait, फिर भी वह व्यक्ति उसके लिए ज़रूरी क्यों है, यह सवाल गाने में उभरता है। 

फिर chorus में वह कहता है - "बंजारा था मैं, बन जाऊँगा घर, थम जाऊँ जो तू कहे", यानी वह अपनी आवारगी छोड़कर settle होने को तैयार है, बस उसकी खातिर, वह बेसबर होकर उसका पता ढूंढेगा, एक मुसाफ़िर बनकर, आखिरी हिस्से में वह यादों में खोया है - "चेहरा तेरा आँखों में चले, खुशबू तेरी चादर में पले", और फिर वही सवाल - "क्यों इश्क़ तुझे ना हुआ?", यह गाना प्यार, बेचैनी, और खोज की एक सुंदर कहानी कहता है।