क्या पाया के बोल | अली ब्रदर्स की आवाज़ में हक़ का शिकवा-भरा गीत। प्यार में मिले धोखे और टूटे विश्वास की मार्मिक कहानी। लिरिक्स यहाँ पढ़ें।
Kya Paaya Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (क्या पाया)
हां..आ..आ..
इश्क़ में जो तुम्हें ख़ुदा बोलते हैं
फिर वही एक दिन दर्द में तोलते हैं
करवट करवट बस अश्क़ बहे,
रोते ही रहे दीदार को हम
करवट करवट बस अश्क़ बहे,
रोते ही रहे दीदार को हम
जो ख़्वाब थे सारे टूट गए,
कितना तड़पे तेरे प्यार को हम
जो ख़्वाब थे सारे टूट गए,
कितना तड़पे तेरे प्यार को हम
वो करते रहे हम पे ही सितम
इक बार न हम पे तरस खाया
अपने घर में हम ग़ैर हुए
हर रोज़ है दर्द नया पाया
क्या पाया? क्या पाया?
दिल लगाकर के क्या पाया?
क्या पाया? क्या पाया?
दिल लगाकर के क्या पाया?
वो करते रहे हम पे ही सितम
इक बार न हम पे तरस खाया
अपने घर में हम ग़ैर हुए
हर रोज़ है दर्द नया पाया
क्या पाया? क्या पाया?
दिल लगाकर के क्या पाया?
क्या पाया? क्या पाया?
दिल लगाकर के क्या पाया?
जो चलते थे मेरी तरफ़ बस
किसी और दर पे रुकने लगे
जिन आँखों के चाँद कभी थे
उन आँखों को चुभने लगे
वो भूल गया सारे वादे
महबूब नया वो घर लाया
अपने घर में हम ग़ैर हुए
हर रोज़ है दर्द नया पाया
क्या पाया? क्या पाया?
दिल लगाकर के क्या पाया?
क्या पाया? क्या पाया?
दिल लगाकर के क्या पाया?
क्या... पाया...?
अब ख़ुद को ही हम कोसते हैं
क्यों दिल हम तुम पे हारे थे?
कैसे डूबे हम यार वहाँ
बैठे हम दरिया किनारे थे
जिस यार का मैंने सज्दा किया
जिसकी ख़ातिर अरदास हुई
जिसको अपना सबकुछ माना
उसने ही क्यूँ ये हाल किया?
जब दर्द दिया उसने इतना
फिर क्यों उसको हम याद करें
देखो न कहाँ ला छोड़ा हमें
सब कुछ उसने बर्बाद किया
क्या पाया? क्या पाया?
दिल लगाकर के क्या पाया?
आ.. आ...
क्या पाया? क्या पाया?
दिल लगाकर के क्या पाया?
आ.. आ...
क्या पाया? क्या पाया?
दिल लगाकर के क्या पाया?
आ.. आ...
क्या पाया? क्या पाया?
दिल लगाकर के क्या पाया?
क्या... पाया...? क्या... पाया...?
गीतकार: कौशल किशोर
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About Kya Paaya (क्या पाया) Song
यह गाना "क्या पाया" movie HAQ से है, जिसमें Yami Gautam और Emraan Hashmi ने acting की है, इसकी music Vishal Mishra ने compose की है, lyrics Kaushal Kishore ने लिखे हैं, और Ali Brothers ने इसे गाया है। यह गाना एक emotional love story को दर्शाता है, जहाँ प्यार में धोखा और दर्द का feeling बहुत गहराई से express किया गया है। Lyrics में singer अपने प्यार के बारे में सोचता है, जिसने उसे छोड़ दिया, और वह सवाल करता है कि इतना दिल लगाने के बाद उसे आखिर मिला क्या।
गाने की शुरुआत में, singer कहता है कि जिसे वह अपना खुदा मानता था, उसी ने एक दिन उसे दर्द में तोल दिया, वह रोता रहा और अपने सपने टूटते देखा, उसने बहुत तड़पा लेकिन सामने वाले ने कभी दया नहीं दिखाई। फिर वह बताता है कि कैसे वह अपने ही घर में एक अजनबी बन गया, और हर रोज नया दर्द मिला, वह बार-बार पूछता है - दिल लगाकर आखिर क्या पाया।
आगे के verses में, singer अपने प्यार के बदलते behavior पर light डालता है, जो पहले उसकी तरफ चलता था, वह अब किसी और के दरवाजे पर रुक गया, जिन आँखों में वह चाँद था, अब वही आँखें उसे चुभने लगीं। वह सारे वादे भूल गया और एक नया घर ले आया, जिससे singer फिर से वही सवाल दोहराता है - क्या पाया। अंत में, singer खुद को कोसता है कि उसने दिल क्यों हारा, वह दर्द देने वाले को याद क्यों करे, और बताता है कि उसने सब कुछ बर्बाद कर दिया, फिर से वही question - दिल लगाकर के क्या पाया।
Song Details
| Song | क्या पाया लिरिक्स (Kya Paaya Lyrics in Hindi) – Ali Brothers | Haq |
|---|---|
| Album | Haq Movie Songs Lyrics 2025 |
Frequently Asked Questions
Which album is "क्या पाया लिरिक्स (Kya Paaya Lyrics in Hindi) – Ali Brothers | Haq" from?
The song is from the album "Haq Movie Songs Lyrics 2025".