छाप तिलक लिरिक्स (Chaap Tilak Lyrics in Hindi) – Rasha Thadani, IP Singh | Laikey Laikaa

छाप तिलक के बोल | Rasha Thadani और IP Singh की आवाज़ में Laikey Laikaa का जोशीला ट्रैक। पारंपरिक निशान छोड़कर प्यार की आज़ादी का यह एन्थम Siddharth-Garima के लिरिक्स से सजा है। पूरे लिरिक्स पढ़ें।

Chaap Tilak Song Poster from Laikey Laikaa

Chaap Tilak Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (छाप तिलक)

रब्बा पी दी वस्ल दा मैनूं..
सब्र न बख़्शीं..
जे सब्र लिखेया मेरी लकीरों च
हाय, ते क़ब्र न बख़्शीं

तोड़ के बाँध मैं
ओढ़ के चाँद का
क़तरा क़तरा बह गई
डाल के आँख में
सुरमा राख का
क़तरा क़तरा रह गई

आज नाचूँगी
पैरों में बिजली सजा के
मैंने रखे हैं
दामन में जुगनू छिपा के
ढल जाए जो चुनरी तो
दुनिया फूँक दे

मैं तो छाप तिलक, छाप तिलक
छोड़ चली रे
मैं तो आज फ़लक, आज फ़लक
ओढ़ चली रे
मैं तो छाप तिलक, छाप तिलक
छोड़ चली रे, छोड़ चली रे…

तेरे लई मैं ताँ दुनिया दे नाल
कल्ला ही लड़ जावाँ
देखे तेरी वल बुरी जे नज़र
हथ उसनूं मैं पावाँ

धुप्प जे तैनूं है तंग करे ताँ मैं
उसनूं वी बुझावाँ
तेनूं रखां मैं लुका के भावें
जान ही गँवावाँ, यारा

तू यक़ीन है
ताँ मैं पत्थर दी लकीर हाँ
लीन तू रवें
दुनिया नूं मैं देवां चीर

तेरी ताल मेरी साँस की
है डोर बनी रे…

मैं तो छाप तिलक, छाप तिलक
छोड़ चली रे
मैं तो आज फ़लक, आज फ़लक
ओढ़ चली रे
मैं तो छाप तिलक, छाप तिलक
छोड़ चली रे, छोड़ चली रे…

मेरे मन की ताल पे.. बाजे डमरू
इश्क़ ज़मीन है.. दर्द है घुँघरू

छम छम छम छमक छमक
ढम ढम ढम ढमक ढमक
छम छम छम छमक छमक
ढम ढम ढम ढमक ढमक

मेरे मन की ताल पे, बाजे डमरू
इश्क़ ज़मीन है, दर्द है घुँघरू
मैं हूँ आग लपट
लाज शरम छोड़ चली रे…

मैं तो छाप तिलक,
छाप तिलक छोड़ चली रे
मैं तो आज फ़लक,
आज फ़लक ओढ़ चली रे
मैं तो छाप तिलक,
छाप तिलक छोड़ चली रे
मैं तो आज फ़लक,
आज फ़लक ओढ़ चली रे
छोड़ चली रे...!

गीतकार: सिद्धार्थ-गरिमा, आईपी सिंह


About Chaap Tilak (छाप तिलक) Song

यह गाना "छाप तिलक", movie Laikey Laikaa का है, जिसमें Rasha Thadani और Abhay Verma मुख्य कलाकार हैं, यह गाना Zee Music Company द्वारा रिलीज़ किया गया है, singers Rasha Thadani और IP Singh हैं, music composer Faridkot यानी Rajarshi Sanyal और IP Singh हैं, और lyrics Siddharth-Garima और IP Singh ने लिखे हैं। 

गाने के बोल एक प्रेमिका की भावनाओं को दर्शाते हैं, जो पारंपरिक छाप तिलक यानी समाज के बंधनों को छोड़कर अपने प्यार के लिए आज़ाद होना चाहती है, शुरुआती पंक्तियों में वह कहती है कि उसे मिलने की इतनी बेताबी है कि सब्र नहीं रहा, और अगर सब्र उसकी किस्मत में लिखा है तो वह मौत को भी नहीं मानती, फिर वह बताती है कि कैसे उसने चाँद को ओढ़ लिया और अपनी आँखों में सुरमा डाला, मतलब उसने प्यार की रोशनी और जुनून को अपनाया है। 

आगे के हिस्से में वह कहती है कि आज वह नाचेगी, अपने पैरों में बिजली बाँधकर, और अपने दामन में जुगनू छिपाकर, यानी वह खुशी और चमक लेकर आई है, और अगर उसकी चुनरी ढल जाए तो वह दुनिया को बदल देगी, फिर वह दोहराती है "मैं तो छाप तिलक छोड़ चली रे", यह दिखाता है कि वह सामाजिक निशान छोड़ रही है, और "आज फ़लक ओढ़ चली रे" यानी आज वह आसमान को ओढ़ रही है, मतलब वह बड़े सपने देख रही है और आज़ाद हो रही है। 

गाने के अगले भाग में वह अपने प्यार के लिए लड़ने की बात करती है, कहती है कि वह दुनिया से अकेले भी लड़ सकती है, और अगर कोई बुरी नज़र से देखे तो वह उसे रोकेगी, वह अपने प्यार को छुपाकर रखना चाहती है, चाहे उसकी जान भी चली जाए, फिर वह कहती है कि अगर तुम्हें यक़ीन है तो मैं पत्थर की लकीर हूँ, मतलब मेरा प्यार मज़बूत है, और मैं दुनिया को चीर सकती हूँ, उसकी साँसें उसके प्यार की ताल पर चलती हैं। 

अंत में, गाना कहता है कि उसके दिल की धड़कन पर इश्क़ का डमरू बजता है, और दर्द उसके घुँघरू हैं, वह आग की लपट है और अब शर्म-लाज छोड़ चुकी है, यह गाना प्यार, आज़ादी और जोश से भरा है, जिसमें पारंपरिता और आधुनिकता का मेल दिखता है, और यह Rasha Thadani और IP Singh की आवाज़ में एक यादगार ट्रैक बन गया है।


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