इश्क़ की उमर लिरिक्स (Ishq Ki Umar Lyrics in Hindi) – Papon | Vadh 2
Ishq Ki Umar Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (इश्क़ की उमर)
लो आयी इश्क़ की उमर
डरने लगी है ये नज़र
ना जाए दिल फिसल कहीं
गलती से तुमको देख कर
चेहरे पे ये जो शर्म है
है मेरे इश्क़ का सब्र
ना जाए दिल फिसल कहीं
गलती से तुमको देख कर
ये मेरे हक़ की शाम है
इस पे तेरा ही नाम है
पहुँचे जहाँ है आज वो
खूबसूरत मुकाम है
यही पे वक़्त को मैं रोक लूँ
कह दो तुम जो अगर
लो आयी इश्क़ की उमर..
तेरी हवा में बहने लगा हूँ
आँखों से लफ़्ज़ों को कहने लगा हूँ
अब कुछ दिनों से घर छोड़ के मैं
तेरे ख़यालों में रहने लगा हूँ
बाहों की अपनी हो चार दीवारी
बस इतनी सी ही थी ख़्वाहिश हमारी
दिल बे-सुकून थे, बेचैन थे हम
आके यहाँ हो ख़त्म बेकरारी
ये मेरे हक़ की शाम है
इस पे तेरा ही नाम है
पहुँचे जहाँ है आज हम
खूबसूरत मुकाम है
यही पे वक़्त को मैं रोक लूँ
कह दो तुम जो अगर
लो आयी इश्क़ की उमर
डरने लगी है ये नज़र
ना जाए दिल फिसल कहीं
गलती से तुमको देख कर
लो आयी इश्क़ की उमर
गीतकार: कुमार
About Ishq Ki Umar (इश्क़ की उमर) Song
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