वो पहला अक्षर के लिरिक्स | King और Rekha Bhardwaj का दिल छू लेने वाला प्यार भरा गीत। "तेरा तेरा मैं तेरा" की ये गूंज सुनते ही बनती है। पूरे बोल यहाँ देखें।
Woh Pehla Akshar Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (वो पहला अक्षर)
तेरा, तेरा, मैं तेरा, तेरा
तेरा, तेरा, मैं तेरा, तेरा
कुछ ऐसी
आईने से नज़रें उसकी टकरा गईं
उसने क्या गुनाह किया?
जो खुद पे इतरा गई
इतनी बेशकीमती है,
उसको चुरा ना मैं लूँ
इतनी नाज़ुक सी कली है,
फूलों से भी क्या कहूँ?
जैसे खेतों में हुआ हो सवेरा
जैसे नदिया का पानी सुनहरा
कुछ ऐसा
तू है मेरा जान-ए-मुशायरा
मैं लिख के लाया
तेरे ही लिए
जिसका पहला अक्षर भी
तेरा, तेरा, मैं तेरा, तेरा
तेरा, तेरा, मैं तेरा, तेरा
खो गई मैं...
तेरी सादगी में.. सजना
तेरी हुई मैं दीवानी, दीवानी
जब जाना मैंने
तन्हा रहा है कितना
कोई सुन लेता कहानी
ओ राजा,
प्यार को छुपाने में तू नाकाम है
कितना छुप के रहता है,
फिर भी सरेआम है
मेरे हाल के भलाई
रखता सुबह-शाम है
मैंने लिखना भी जो चाहा,
निकला तेरा नाम है
क्या ही?
माँगूँ रब से कोई सवेरा
ये चँदा जैसा भी है, है तो मेरा
कुछ ऐसा
तू है मेरा जान-ए-मुशायरा
मैं पढ़ने आई, तेरे ही लिए
जिसका पहला अक्षर भी
तेरा, तेरा (तेरा...)
मैं तेरा, तेरा (तेरा, तेरा)
तेरा, (तेरा जादू)
तेरा (मैं बेकाबू)
मैं तेरा, तेरा...!
गीतकार: किंग
About Woh Pehla Akshar (वो पहला अक्षर) Song
यह गाना "Woh Pehla Akshar" है, जो King और Rekha Bhardwaj की आवाज़ में है, और यह Raja Hindustani album का हिस्सा है, इसे King ने लिखा है और King तथा Bharg Kale ने compose किया है, यह गाना King के YouTube channel और Warner Music India पर उपलब्ध है।
गाने के lyrics में एक गहरा प्यार और समर्पण भरा हुआ है, जहाँ गायक अपनी भावनाओं को बहुत खूबसूरती से बयान करता है, lyrics की शुरुआत "तेरा, तेरा, मैं तेरा" से होती है, जो पूरे गाने में दोहराई जाती है और यह दिखाती है कि गायक पूरी तरह से अपने प्यार के लिए समर्पित है।
पहले भाग में, गायक अपनी मोहब्बत की तुलना आईने से टकराती नज़रों से करता है, और पूछता है कि उसने क्या गुनाह किया जो वह खुद पर इतरा गई, फिर वह कहता है कि उसका प्यार इतना बेशकीमती और नाज़ुक है कि उसे चुराने का भी मन करता है, जैसे खेतों में सवेरा हो या नदिया का सुनहरा पानी, वैसा ही कुछ खास है उसका प्यार।
दूसरे भाग में, गायिका Rekha Bhardwaj की आवाज़ में भावनाएँ और गहरी हो जाती हैं, वह कहती हैं कि वह उसकी सादगी में खो गई हैं और दीवानी हो गई हैं, जब वह अकेली रहती हैं तो कोई उनकी कहानी सुन लेता है, फिर गायक "राजा" को संबोधित करते हुए कहता है कि प्यार को छुपाना नाकाम है, चाहे कितना भी छुपाओ, वह सरेआम दिखता है, और वह हमेशा उसकी भलाई का ख्याल रखता है, यहाँ तक कि जब वह कुछ लिखना चाहता है तो भी उसका नाम ही निकलता है।
आखिरी हिस्सा में, गायिका रब से एक सवेरा माँगती हैं और कहती हैं कि चाँद जैसा भी है, वह उनका ही है, और वह उसके लिए ही पढ़ने आई हैं, गाना फिर से "तेरा, तेरा, मैं तेरा" के साथ खत्म होता है, जो प्यार की इस अनोखी कहानी को पूरा करता है, यह गाना सुनने वालों को एक रोमांटिक और भावनात्मक सफर पर ले जाता है।