हक़ मौला के गहरे दार्शनिक बोल – Piyush Mishra और H.E. Amjad Khan की आवाज़ में Gul Makai का दर्द भरा गीत। बर्फ़ के उस पार पहरा – मासूमियत और न्याय की पुकार। पढ़ें लिरिक्स।
Haq Maula Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (हक़ मौला)
बरफ़ के उस पार है पहरा
बरफ़ के ये किसका है पहरा
जल रहा है आलम, रहमा का चेहरा
तितली को तोड़े, पंख मरोड़े
पौधा मरो चाहे, जुगनू दबो चाहे
हम्म्म्म मासूम
कहाँ आ गए...
मौला, हक़ मौला, हक़ मौला
हक़ मौला, हक़ मौला, हक़ मौला
हक़ मौला, हक़ मौला, हक़ मौला
हक़ मौला, हक़ मौला, हक़ मौला
मौत सुनहरी, लोरी सुनहरी
रूह है जिस्म से रिश्ता निभाए
मौत सुनहरी, लोरी सुनहरी
रूह है जिस्म से रिश्ता निभाए
दफ़न-दफ़न सब छोटी सी बातें
जन्नत की बातें, जन्नत की बातें
हक़ मौला, हक़ मौला, हक़ मौला
हक़ मौला, हक़ मौला, हक़ मौला
हक़ मौला, हक़ मौला, हक़ मौला
गीतकार: एच.ई. अमजद खान
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About Haq Maula (हक़ मौला) Song
यहाँ पर "हक़ मौला" गाने के बोल दिए गए हैं, जो फिल्म **Gul Makai** से लिया गया है। यह फिल्म **Reem Shaikh**, **Atul Kulkarni**, **Divya Dutta**, और **Om Puri** पर बनी है, और इसका संगीत लेबल **Tekno Music** है। इस गाने को गाया है **Piyush Mishra** और **H.E. Amjad Khan** ने, संगीत भी **H.E. Amjad Khan** ने ही दिया है, और बोल भी उन्हीं के लिखे हुए हैं। गाने के बोल बर्फ़, पहरा, रहमा का चेहरा, तितली, पंख, पौधा, और जुगनू जैसे शब्दों से भरे हैं, जो एक मासूम और दर्दनाक कहानी बताते हैं।
गाने की शुरुआत "बरफ़ के उस पार है पहरा" से होती है, जहाँ लगता है कि कहीं दूर बर्फ़ के पीछे कोई निगरानी है। फिर "जल रहा है आलम, रहमा का चेहरा" पंक्ति से एक जलती हुई दुनिया और रहमा के चेहरे की तस्वीर उभरती है। "तितली को तोड़े, पंख मरोड़े" और "पौधा मरो चाहे, जुगनू दबो चाहे" जैसे बोल बताते हैं कि कोई कितना बेरहमी से मासूम चीज़ों को नष्ट कर रहा है। इसके बाद "हम्म्म्म मासूम, कहाँ आ गए..." एक गहरी उदासी और हैरानी को दर्शाता है।
इस बीच बार-बार "हक़ मौला, हक़ मौला" का दोहराया जाना एक तरह की दुआ या पुकार है, जैसे कोई ईश्वर से इंसाफ़ माँग रहा हो। आखिरी में "मौत सुनहरी, लोरी सुनहरी" और "रूह है जिस्म से रिश्ता निभाए" पंक्तियाँ मौत को एक सुनहरी लोरी की तरह पेश करती हैं, जहाँ आत्मा और शरीर का रिश्ता निभ रहा है। "दफ़न-दफ़न सब छोटी सी बातें" और "जन्नत की बातें" से पता चलता है कि छोटी-छोटी बातें मिट्टी में दफ़न हो रही हैं, और सिर्फ़ जन्नत की बातें बाकी हैं। यह पूरा गाना एक गहरा, भावनात्मक और दार्शनिक संदेश देता है, जो ज़िन्दगी, मौत और न्याय पर सोचने पर मजबूर करता है।
Song Details
| Song | हक़ मौला लिरिक्स (Haq Maula Lyrics in Hindi) – Piyush Mishra, H.E. Amjad Khan | Gul Makai |
|---|---|
| Album | Gul Makai Movie Songs Lyrics 2020 |
Frequently Asked Questions
Which album is "हक़ मौला लिरिक्स (Haq Maula Lyrics in Hindi) – Piyush Mishra, H.E. Amjad Khan | Gul Makai" from?
The song is from the album "Gul Makai Movie Songs Lyrics 2020".