पाँव भारी लिरिक्स (Paaon Bhaari Lyrics in Hindi) पढ़ें। Ash King का यह प्रेरणादायक गीत उम्मीद, बदलाव और नई शुरुआत का संदेश देता है। पूरे हिंदी बोल, सरल अर्थ, गाने की जानकारी और वीडियो एक ही जगह पाएं।
Paaon Bhaari Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (पाँव भारी)
बुढ़ा बनकर दिन गिनता था
उखड़ा उखड़ा सा रहता था
जिस के उम्मीदों से हटकर
कली खिली है
जो उठी थी वो गुट्ठी अब खुलने वाली है
लगता है उम्मीदों के पांव भारी हैं
उम्मीदों से बढ़कर किस्से अभी जारी हैं
लगता है उम्मीदों के पांव भारी हैं
उम्मीदों से बढ़कर किस्से अभी जारी हैं
आशा की पुरानी किरणों ने
नया सवेरा पाया
उलटी दिश में ढलते ढलते
सूरज निकल आया
नयी धूप आ रही
खुल रही हैं खिड़कियाँ
बंद डाकखाने से कैसे मिल रही हैं चिट्ठियाँ
जो उल्झी थी वो गुट्ठी अब खुलने वाली है
लगता है उम्मीदों के पांव भारी हैं
उम्मीदों से बढ़कर किस्से अभी जारी हैं
लगता है उम्मीदों के पांव भारी हैं
उम्मीदों से बढ़कर किस्से अभी जारी हैं
सुनी जेबें खाली जीवन मोड़ नया ये आया
रखकर जो थे भूले आज वो सिक्का आया
छिले हुए से घुटने
चुप चुप होकर बैठे
नहीं अभी अब नहीं कभी
चैन होगा ये कहते थे
आज अचानक दौड़ने की तैयारी है
लगता है उम्मीदों के पांव भारी हैं
उम्मीदों से बढ़कर किस्से अभी जारी हैं
लगता है उम्मीदों के पांव भारी हैं
उम्मीदों से बढ़कर किस्से अभी
गीतकार: नीरज पांडे
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About Paaon Bhaari (पाँव भारी) Song
यह गीत "पाँव भारी" है, जिसे Ash King ने गाया है और संगीत Rachita Arora ने दिया है। गीत के बोल Neeraj Pandey ने लिखे हैं, और यह फिल्म "Har Kisse Ke Hisse: Kaamyaab" से लिया गया है, जिसमें Sanjay Mishra, Deepak Dobriyal, Sarika Singh और Isha Talwar मुख्य भूमिका में हैं। इस गाने को Zee Music Company ने रिलीज किया है।
गीत की शुरुआत एक बूढ़े व्यक्ति के दृष्टिकोण से होती है, जो दिन गिनता था और उखड़ा-उखड़ा सा रहता था। लेकिन अब उसकी ज़िंदगी में एक नई उम्मीद जागी है, जैसे कोई कली खिली हो। गीत कहता है कि "जो उठी थी वो गुट्ठी अब खुलने वाली है", यानी जो समस्याएं और बंधन थे, वे अब सुलझने वाले हैं। और फिर आता है मुखड़ा – "लगता है उम्मीदों के पाँव भारी हैं", मतलब उम्मीदें इतनी बड़ी हैं कि उनका बोझ भी भारी लग रहा है, लेकिन इसके बावजूद कहानियां अभी खत्म नहीं हुई हैं, बल्कि और आगे बढ़ती जा रही हैं।
दूसरे हिस्से में गीत कहता है कि पुरानी आशा की किरणों ने नया सवेरा पाया है, यानी उम्मीद फिर से जगी है। "उलटी दिश में ढलते ढलते सूरज निकल आया" – इसका मतलब है कि जब सब कुछ उल्टा चल रहा था, तब भी अचानक सूरज निकल आया, यानी मुश्किलों के बीच भी उम्मीद की नई किरण दिखी। फिर आता है "नयी धूप आ रही, खुल रही हैं खिड़कियाँ", यानी जीवन में नई रोशनी और खुलेपन का मौसम आ गया है। "बंद डाकखाने से कैसे मिल रही हैं चिट्ठियाँ" यह एक रूपक है – बंद डाकखाने से चिट्ठियां मिलना मुश्किल है, लेकिन यहाँ असंभव सा कुछ हो रहा है, जो बताता है कि उम्मीदें कभी-कभी सबसे असंभव जगहों से भी पूरी हो जाती हैं।
तीसरे भाग में गीत कहता है कि "सुनी जेबें खाली जीवन मोड़ नया ये आया", यानी जब जेबें खाली थीं और जीवन एक नए मोड़ पर आया, तब वह सिक्का मिला जो पहले खो गया था। "छिले हुए से घुटने, चुप चुप होकर बैठे" – यह थके-हारे और चुपचाप बैठे रहने का अहसास है, लेकिन अचानक दौड़ने की तैयारी हो गई है। यह गीत पूरी तरह से उम्मीद, बदलाव और नए सिरे से जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है, जहाँ उम्मीदों का बोझ भारी लगता है लेकिन फिर भी कहानियां खत्म नहीं होतीं, बल्कि और रोमांचक होती जाती हैं।
Song Details
| Song | पाँव भारी लिरिक्स (Paaon Bhaari Lyrics in Hindi) – Ash King | Har Kisse Ke Hisse: Kaamyaab |
|---|---|
| Album | Har Kisse Ke Hisse: Kaamyaab Movie Songs Lyrics 2020 |
Frequently Asked Questions
Which album is "पाँव भारी लिरिक्स (Paaon Bhaari Lyrics in Hindi) – Ash King | Har Kisse Ke Hisse: Kaamyaab" from?
The song is from the album "Har Kisse Ke Hisse: Kaamyaab Movie Songs Lyrics 2020".