ज़िंदगी की गद्दारी से कई सिकंदर हारे हैं लिरिक्स पढ़ें। Hariharan की भावपूर्ण आवाज़ में जीवन की सच्चाइयों को बयां करता यह गीत। पूरे हिंदी बोल, अर्थ, गाने की जानकारी और वीडियो देखें।
Zindagi Ki Gaddari Se Kai Sikandar Haare Hain Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (ज़िंदगी की गद्दारी से कई सिकंदर हारे हैं)
कभी एक हाथ कभी चुटकीभर बस इतना
सा रह जाएगा
जो जितना पाए
आखिर तक एक कोना वही सताएगा
सारे कोने छान के लौटे
खामियाँ भी के किनारे हैं
ज़िंदगी की गद्दारी से
कई सिकंदर हारे हैं
ज़िंदगी की गद्दारी से
कई सिकंदर हारे हैं
सपने और सच का रिश्ता टूटा
साथ नहीं ये आने हैं
सच कहते थे लोग के सारे हम ही दीवाने हैं
प्यास समुंदर की कोई पूछे
भरे हैं फिर भी खारे हैं
ज़िंदगी की गद्दारी से
कई सिकंदर हारे हैं
ज़िंदगी की गद्दारी से
कई सिकंदर हारे हैं
गीतकार: नीरज पांडे
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About Zindagi Ki Gaddari Se Kai Sikandar Haare Hain (ज़िंदगी की गद्दारी से कई सिकंदर हारे हैं) Song
यह गीत "Zindagi Ki Gaddari Se Kai Sikandar Haare Hain" फिल्म "Har Kisse Ke Hisse: Kaamyaab" से लिया गया है, जिसमें Sanjay Mishra, Deepak Dobriyal, Sarika Singh और Isha Talwar जैसे कलाकार हैं। इस गाने को Hariharan ने अपनी गहरी और भावपूर्ण आवाज़ में गाया है, जबकि संगीत Rachita Arora ने दिया है और बोल Neeraj Pandey ने लिखे हैं। यह गाना Zee Music Company के लेबल पर रिलीज़ हुआ है और इसके बोल जीवन की कड़वी सच्चाइयों को दर्शाते हैं।
गीत की शुरुआत में कहा गया है कि "कभी एक हाथ कभी चुटकीभर बस इतना सा रह जाएगा", यानी जीवन में जो कुछ भी मिलता है, वह बहुत थोड़ा सा ही बचता है। फिर आगे कहा गया है कि "जो जितना पाए आखिर तक एक कोना वही सताएगा", मतलब इंसान जितना भी पा ले, एक अधूरापन हमेशा उसे परेशान करता रहता है। "सारे कोने छान के लौटे खामियाँ भी के किनारे हैं" — यह बताता है कि हर कोई खोजने के बाद भी कमियाँ ही पाता है और "ज़िंदगी की गद्दारी से कई सिकंदर हारे हैं" का मतलब है कि जीवन के धोखे से बड़े-बड़े लोग भी हार जाते हैं।
आगे के बोल में कहा गया है कि "सपने और सच का रिश्ता टूटा, साथ नहीं ये आने हैं" — यानी सपने और हकीकत में फर्क होता है और वे साथ नहीं चलते। "सच कहते थे लोग के सारे हम ही दीवाने हैं" — लोग सच बोलते थे, लेकिन हम ही पागल थे जो उसे नहीं समझ पाए। "प्यास समुंदर की कोई पूछे, भरे हैं फिर भी खारे हैं" — समंदर जितना बड़ा है, उसका पानी प्यास नहीं बुझाता क्योंकि वह खारा है, ठीक उसी तरह जीवन की चीज़ें भी अक्सर अधूरी या कड़वी होती हैं। यह गाना बहुत ही गहराई से जीवन की निष्ठुरता और मानवीय अनुभवों को छूता है।
Song Details
| Song | ज़िंदगी की गद्दारी से कई सिकंदर हारे हैं लिरिक्स (Zindagi Ki Gaddari Se Kai Sikandar Haare Hain Lyrics in Hindi) – Hariharan | Har Kisse Ke Hisse: Kaamyaab |
|---|---|
| Album | Har Kisse Ke Hisse: Kaamyaab Movie Songs Lyrics 2020 |
Frequently Asked Questions
Which album is "ज़िंदगी की गद्दारी से कई सिकंदर हारे हैं लिरिक्स (Zindagi Ki Gaddari Se Kai Sikandar Haare Hain Lyrics in Hindi) – Hariharan | Har Kisse Ke Hisse: Kaamyaab" from?
The song is from the album "Har Kisse Ke Hisse: Kaamyaab Movie Songs Lyrics 2020".